काम की खबर : व्हाट्सएप,फास्टैग, GST,चेक पेमेंट सहित नए साल से बदल जाएंगे ये 8 नियम

एक जनवरी 2021 यानी अगले महीने से भारत में आठ बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। इन बदलावों का आपकी जिंदगी पर सीधा असर पड़ेगा। इन नए नियमों से एक ओर जहां आपको राहत मिलेगी, वहीं अगर आपने कुछ बातों का ध्यान नहीं रखा तो आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। इनमें फास्टैग, जीएसटी, गैस सिलिंडर, चेक पेमेंट, कॉलिंग, व्हाट्सएप, गाड़ियों की कीमत, आदि शामिल हैं। आइए जानते हैं इन महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में।

अनिवार्य होगा फास्टैग 

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक जनवरी 2021 से सभी चार पहिया वाहनों के लिए फास्टैग को अनिवार्य कर दिया है। डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार देश के सभी टोल प्लाजा पर नकद लेन-देन को पूरी तरह से खत्म कर रही है। इस बारे में एनएचएआई के परियोजना निदेशक एनएन गिरि ने बताया था कि केंद्र सरकार 31 दिसंबर तक फास्टैग का इस्तेमाल 100 फीसदी करना चाहती है। यदि वाहन मालिक ने अपने वाहन पर फास्टैग नहीं लगाया तो उन्हें हाईवे पर एक जनवरी से असुविधा हो सकती है।

यहां से खरीद सकते हैं आप फास्टैग

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अनुसार फास्टैग ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील और पेटीएम पर उपलब्ध है। बैंक और पेट्रोल पंप से भी फास्टैग को खरीदा जा सकता है। बैंक से फास्टैग लेते समय इस बात का ध्यान रखें कि जिस बैंक में आपका खाता हो उसी से फास्टैग खरीदें।

नए साल से बदल जाएगा चेक पेमेंट का नियम

नए साल की शुरुआत के साथ ही चेक पेमेंट से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बैंकिंग फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक जनवरी 2021 से चेक के पॉजिटिव पे सिस्टम लागू करने का फैसला किया है। आरबीआई के गर्वनर शक्तिकांत दास ने अगस्त में ही इस संबंध में घोषणा की थी। 

क्या होता है पॉजिटिव पे सिस्टम?

पॉजिटिव पे सिस्टम के तहत किसी थर्ड पार्टी को चेक जारी करने वाले व्यक्ति को अपने बैंक को अपने चेक की जानकारी भी भेजनी होगी। इस सिस्टम से 50,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान वाले चेक को रि-कंफर्म करना होगा। इस सिस्टम के जरिए चेक के क्लियरेंस में भी कम समय लगेगा। चेक जारी करने वाले व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से चेक की तारीख, लाभार्थी का नाम, प्राप्तकर्ता और पेमेंट की रकम के बारे में दोबारा जानकारी देनी होगी।

बढ़ेगी कॉन्टैक्टलेस कार्ड से लेनदेन की लिमिट

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) एटीएम कार्ड और यूपीआई से कॉन्टैक्टलेस लेनदेन के नियमों बदलाव किया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सुरक्षित तरीके से डिजिटल भुगतानों को तेजी से अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि यूपीआई से कॉन्टैक्टलेस लेन-देन की सीमा को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दी है। यह सुविधा एक जनवरी 2021 से प्रभावी हो जाएगी।

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि डिजिटल भुगतान को सुरक्षित तरीके से बढ़ाने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि यूपीआई या कार्ड के जरिए बिना संपर्क के किए जा सकने वाले भुगतान के मामलों में प्रति लेनदेन की सीमा को एक जनवरी 2021 से 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये किया जाए। उन्होंने कहा कि यह ग्राहकों की इच्छा पर निर्भर करेगा। रिजर्व बैंक ने कहा कि इससे संबंधित परिचालन के दिशानिर्देश अलग से जारी किए जाएंगे।

छोटे कारोबारियों के लिए सरकार ने शुरू की QRMP योजना

माल एवं सेवाकर (जीएसटी) प्रक्रिया को और सरल करते हुए बिक्री रिटर्न दाखिल करने के मामले में कछ और कदम उठाने की तैयारी है। सालाना पांच करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले छोटे कारोबारियों को अगले वर्ष जनवरी से वर्ष के दौरान मात्र चार बिक्री रिटर्न दाखिल करने होंगे। वर्तमान में इन कारोबारियों को मासिक आधार पर 12 रिटर्न दाखिल करने होते हैं। कर की मासिक भु्गतान योजना के साथ तिमाही रिटर्न दाखिल (क्यूआरएमपी) करने की योजना का असर करीब 94 लाख करदाताओं पर पड़ेगा। यह जीएसटी के तहत पंजीकृत करदाताओं का लगभग 92 प्रतिशत है। 

यानी इस योजना जीएसटी में पंजीकृत कारोबारियों की बड़ी संख्या को फायदा होगा। इस प्रकार अगले साल जनवरी से छोटे कारोबारियों को साल में चार जीएसटीआर-3बी और चार जीएसटीआर-1 रिटर्न दाखिल करने होंगे।

लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल करने से पहले लगाना होगा शून्य

देशभर में लैंडलाइन से मोबाइल फोन पर कॉल करने के लिए ग्राहकों को एक जनवरी से नंबर से पहले शून्य लगाना अनिवार्य होगा। दूरसंचार विभाग ने इससे जुड़े ट्राई के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने इस तरह के कॉल के लिए 29 मई 2020 को नंबर से पहले ‘शून्य’ लगाने की सिफारिश की थी। इससे दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनियों को अधिक नंबर बनाने की सुविधा मिलेगी।

दूरसंचार विभाग ने 20 नवंबर को जारी एक बयान में कहा कि लैंडलाइन से मोबाइल पर नंबर डायल करने के तरीके में बदलाव की ट्राई की सिफारिशों को मान लिया गया है। इससे मोबाइल और लैंडलाइन सेवाओं के लिए पर्याप्त मात्रा में नंबर बनाने की सुविधा मिलेगी। परिपत्र के मुताबिक नियम को लागू करने के बाद लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल करने के लिए नंबर से पहले शून्य डायल करना होगा।

इन मोबाइल फोन पर काम नहीं करेगा व्हाट्सएप 

नए साल से एंड्रॉयड 4.3 और आईओएस-9 (iOS 9) से पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम वाले स्मार्टफोंस में व्हाट्सएप चलना बंद हो जाएगा। व्हाट्सएप हर साल आउटडेटेड आईओएस और एंड्रॉयड स्मार्टफोन को सपोर्ट करना बंद कर देता है। जो ग्राहक पुराना ऑपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके लिए जरूरी है कि वह अपना फोन अपग्रेड कर लें।बता दें कि व्हाट्सएप के दुनियाभर में दो अरब से ज्यादा यूजर्स हैं।

अगले महीने से महंगी हो जाएंगी गाड़ियां

अगले महीने से कई कार कंपनियां अपने ग्राहकों को बड़ा झटका देने जा रही है। एक जनवरी 2021 से 10 बड़ी कार कंपनियां अपनी कारों की कीमतों को बढ़ाने जा रही हैं। कीमतों को बढ़ाने के पीछे उत्पादन लागत में आई बढ़ोतरी और कच्चे माल (स्टील, एल्युमिनियम और प्लास्टिक) की कीमतों का महंगा होगा एक बड़ा कारण है। ऐसे में अगर आप इन कारों को मौजूदा कीमत में खरीदना चाहते हैं, तो आपको 31 दिसंबर तक इनकी खरीदारी करनी होगी। 

कंपनी अपने कारों की कीमतों को एक जनवरी 2021 से तीन फीसदी तक महंगा कर सकती है। हालांकि, बढ़ी हुई कीमतें वेरिएंट और मॉडल के हिसाब से अलग-अलग रहेंगी। एमजी मोटर इंडिया  भारतीय बाजार में MG Hector, MG ZS EV और MG Gloster जैसी कारों की भी बिक्री करती है। 

रेनो इंडिया (Renault India) अपने कारों की कीमतों को एक जनवरी 2021 से 28,000 रुपये तक बढ़ा देगी। हालांकि, बढ़ी हुई कीमतें वेरिएंट और मॉडल के हिसाब से अलग-अलग रहेंगी। रेनो इंडिया भारतीय बाजार में Kwid, Duster और Triber जैसी कारों की भी बिक्री करती है। 

LPG के दाम

तेल कंपनियां हर महीने की शुरुआत में एलपीजी सिलिंडर के दामों की समीक्षा करती है। कल से देश में रसोई गैस सिलिंडर की कीमत बदल जाएगी। मालूम हो कि हर राज्य में टैक्स अलग-अलग होता है और इसके हिसाब से एलपीजी के दामों में अंतर होता है। मौजूदा समय में सरकार एक वर्ष में प्रत्येक घर के लिए 14.2 किलोग्राम के 12 सिलिंडरों पर सब्सिडी प्रदान करती है। अगर ग्राहक इससे ज्यादा सिलिंडर लेना चाहते है, तो वे उन्हें बाजार मूल्य पर खरीदते हैं। इसकी कीमत औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी विनिमय दरों में बदलाव जैसे कारक निर्धारित करते हैं।

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