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घुमका सोसायटी में ऋण माफी की आड़ में किसान के खाते से फर्जी ऋण का आहरण

Ghumka Society

राजनांदगांव/घुमका- कृषक सेवा सहकारी समिति घुमका में लगातार नए-नए मामले सामने आते जा रहे हैं परंतु अब तक किसी भी मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्र के किसानों में भारी रोष व्याप्त होते जा रहा है।लगभग 46 गांव के कृषक सदस्यों के अंश पूंजी से संचालित घुमका सोसाइटी (Ghumka Society) पूर्णता किसानों की समिति है,इसके बावजूद भी ज्यादातर मामलों में क्षेत्र के किसान लगातार ठगे जा रहे हैं और इन सब घटनाओं के चलते घुमका सोसाइटी (Ghumka Society) भारी आर्थिक नुकसान तले लगातार दबती जा रही है।वर्तमान हालत में सोसायटी लगभग 5 करोड रुपए के नुकसान में बताई जा रही है और सोसायटी की माली हालत काफी खराब बताई जाती है आए दिन खाद बीज के स्टाक में घालमेल कभी सिलक में भारी गड़बड़ी तो कभी लिंकिंग की वसूल की गई।

राशि को फर्जी बिल के माध्यम से हड़प करने और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की मनमानी भर्ती के अलावा अपात्र दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सोसाइटी एवं बैंक के माध्यम से हजारों रुपए का ऋण स्वीकृत कर दिया जाना जैसे कई मामलों के आरोपों को झेल रही घुमका सोसाइटी के खिलाफ अब तक ठोस जांच नहीं होने के कारण किसानों के ऋण वितरण में भी फर्जीवाड़ा की कई शिकायतें सामने आई है।

इन्हीं शिकायतों के सिलसिले में एक ताजा मामला समीपस्थ ग्राम चारभाठा के एक किसान के द्वारा सोसायटी के खिलाफ लिखित शिकायत घुमका थाने में किया गया है।शिकायत के अनुसार-ग्राम चारभाठा निवासी किसान- शिवचरण दास बंजारे,पिता-बनाऊं बंजारे ने आरोप लगाया है कि-उक्त किसान के नाम पर 44 हजार रुपए की नगदी राशि का फर्जी आहरण किसान के नाम पर 5 अक्टूबर 2018 को किसान के फर्जी हस्ताक्षर से चेक के माध्यम से किया जाना बताया जा रहा है।

पीड़ित किसान ने घुमका थाने में दर्ज़ कराई शिकायत

किसान शिवचरण का आरोप है कि- सितंबर 2018 तक की अवधि में खाद एवं बीज मिलाकर लगभग 68000 की राशि का आहरण किसान के द्वारा किया गया है उक्त राशि में 49 हजार नकदी के रूप में सोसायटी के द्वारा दिए गए चेक से आहरण किया गया है।इसके बाद 5 अक्टूबर 2018 के तारीख पर 44 हजार रुपए की राशि का फर्जी चेक एवं फर्जी हस्ताक्षर से निकालने का आरोप कृषक शिवचरण के द्वारा लगाते हुए प्रकरण की जांच के लिए घुमका थाने में शिकायत की गई है।

किसान का यह भी आरोप है कि-उक्त राशि मेरे द्वारा किसी भी प्रकार के चेक या विड्रॉल द्वारा नहीं किया गया है इसके बावजूद भी मेरे खाते से निकाला जाना बताया जा रहा है।इस वर्ष ऋण लेने के लिए सोसायटी पहुंचने पर उक्त मामले की जानकारी होने पर किसान द्वारा काफी विरोध भी किया गया इससे भी बढ़कर गंभीर आरोप उक्त किसान द्वारा लगाया गया है कि उक्त फर्जी राशि के आहरण की लिखा पढ़ी सोसायटी के संचालक मंडल अध्यक्ष द्वारा मेरे ऋण पुस्तिका में कर दी गई है जबकि लेखा-जोखा रखने का काम और ऋण पुस्तिका में इंद्राज करने का काम सोसायटी के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा किया जाता है,तब आखिर संचालक मंडल के अध्यक्ष द्वारा क्यों किया गया यही नहीं इस मामले की जांच के नाम पर संचालक मंडल अध्यक्ष द्वारा उक्त किसान को दबाव डालकर कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने का भी आरोप किसान ने लगाया है और इस तरह के फर्जी आहरण के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए किसान ने घुमका थाने में लिखित शिकायत प्रस्तुत किया है।    

इनका कहना है-

मामले की जांच करवा लेता हूं यदि ऐसा हुआ है तो मामला गम्भीर है जांच के बाद ही कार्यवाही होगी-सुनील वर्मा सी.ई.ओ केंद्रीय बैंक 

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