प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को वित्त और वाणिज्य मंत्रालयों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात कर अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव का आकलन करेंगे। इस संदर्भ में आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री का ध्यान अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने पर होगा। पिछली कुछ तिमाहियों में उपभोक्ता मांग गिरने के कारण अर्थव्यवस्था में सुस्ती आई है।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली ये बैठक डेढ़ घंटे तक के लिए निर्धारित की गई है। बैठक में वित्त और वाणिज्य मंत्रालयों के अधिकारी मौजूदा स्थिति पर अपनी राय देंगे।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री शीर्ष 50 अधिकारियों से इनपुट ले रहे हैं। इससे पहले उन्होंने आर्थिक सलाहकार परिषद, वित्त मंत्रालय में चीफ और प्रिंसिपल आर्थिक सलाहकार और नीति आयोग के साथ तीन अलग-अलग बैठकें भी की थीं।
कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए, केंद्र सरकार ने मई में अर्थव्यवस्था के लिए 20.97 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की थी, जिसमें देश के प्रत्येक वर्ग का खास ध्यान रखा गया था और गरीबों की सहायता के लिए कई महत्वपूर्ण एलान किए थे।

वित्त मंत्री ने किया एलान

वहीं इस मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस के प्रभाव का आकलन कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर मुद्दों को हल करने के लिए और उपाय करेगी।

पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश कोरोना वायरस रोकने के लिए लगाए गए ‘लॉकडाउन’ से उबर रहा है और अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। उन्होंने जान और जहान (आजीविका) दोनों के महत्व को रेखांकित किया था।

हालांकि आर्थिक गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है लेकिन पूर्ण रूप से पुनरुद्धार बड़ी चुनौती बनी हुई है। उद्योग अभी भी क्षमता से नीचे काम कर रहे हैं। कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए कुछ राज्यों ने नए सिरे से लॉकडाउन की घोषणा भी की है। 

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