अंबागढ चौकी के दो प्रतिष्ठित परिवार से जुड़े मामले पर पुलिस की भी खामोशी

राजनांदगांव/MyNews36 प्रतिनिधि- जिले के अंबागढ़ चौकी निवासी एक विवाहित महिला के बारह जून की शाम चार बजे मोंगरा बैराज (Mongra Barrage) में कूदने के पीछे आखिर क्या राज छिपा था…, इस मामले को पुलिस ने अभी तक संज्ञान में नहीं लिया है।सवाल यह उठता है कि आत्महत्या के प्रयास जैसे मामले पर पुलिस अनदेखी क्यों कर रही है? अंबागढ़ चौकी में तो चर्चा यह है जिस महिला ने मोंगरा बैराज (Mongra Barrage) के गेट नंबर पांच में कूदकर जान देने की कोशिश की थी उसके पीछे अंबागढ चौकी के दो प्रतिष्ठित परिवारों को शर्मशार कर देने वाली कहानी जुड़ी हुई है।

मामले में अंबागढ़ चौकी पुलिस पर यह भी आरोप स्वभाविक है कि कहीं उन्होने ऐसी घटनाओं में भी तो अपना स्वार्थ सिद्धि का रास्ता नहीं निकाल लिया? बताया जाता है कि अंबागढ़ चौकी निवासी एक महिला 12 जून की शाम चार बजे अपनी स्कूटी से अकेली मोंगरा बैराज पहुंची थी।वहां पहुंचने के बाद उन्होने बैराज में पिननिक मनाने पहुंचे अंबागढ़ चौकी के एक स्टूडियो वाले से उनका मोबाईल मांगकर किसी व्यक्ति को फोन लगाया। महिला के बुलावे पर वह युवक तत्काल मोंगरा बैराज पहुंच गया।दोनों के बीच मोबाईल पर न जानें क्या बातें हुई, उनके बीच क्या संबंध रहे हैं पर बैराज में युवक के पहुंचने के कुछ ही देर बाद महिला गेट नंबर पांच पर कूद गई।

महिला को बैराज में कूदते देख वहां के चौकीदार चिंताराम ने महिला को बचाने बैराज में छलांग लगा दी। इसके बाद मौके पर मौजूद दो अन्य लोग भी महिला को बचाने के प्रयासों के बीच बैराज में कूद गए। किसी तरह महिला को बैराज से निकालने के बाद उसके परिजनों को सूचित किया गया। बताया जाता है कि महिला के बुलावे पर बैराज में पहुंचे युवक की वहां मौजूद लोगों ने पिटाई भी की।महिला को बैराज से निकालने के दौरान वीडियो भी बनाया गया है जिसमें बार-बार महिला का नाम पिंकी सामने आया है। इधर पता चला है कि महिला का कौड़ीकसा उप स्वास्थ्य में उपचार कराया गया उसके बाद से वह अपने घर पर है। यहां उप स्वास्थ्य केंद्र कौड़ीकसा के कर्मचारियों की भूमिका भी काफी संदिग्ध है कि क्योंकि ऐसी घटना की प्रारंभिक सूचना पुलिस को देने के बजाय उन्होने उपचार कर महिला को रवाना कर दिया।

और जब मौत हो जाती तब…?

शुक्र है कि महिला मोंगरा बैराज से सकुशल बचा ली गई पर ऐसी घटना को दबाना क्या पुलिस और उन परिवारों के उपयुक्त है? पुलिस को चाहिए था कि मामले को संज्ञान में लेकर विवाहित महिला के बैराज में कूदने के पीछे का राज जानती और यदि आत्महत्या के लिए उकसाने जैसा कोई मामला सामने आता तो उससे संबंधित व्यक्ति के लिए अपराध पंजीबद्ध किया जाना था? चुंकि महिला सकुशल बच गई पर उनका कृत्य भादवि की धारा 309 के अपराध से कम नहीं था? सवाल यह उठता है कि क्या यदि महिला की मौत हो जाती तभी पुलिस उसे संज्ञान में लेती?, क्या घटनाक्रम को संज्ञान में नहीं लिया जा सकता? इस संबंध में अंबागढ़ चौकी टीआई कोमल राठौर से संपर्क किया गया उन्होने कहा कि हमारे में पास ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं आई है। घटना जानकारी में जरूर है।

MyNews36 प्रतिनिधि पूरन साहू की रिपोर्ट

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