किसानों की उपज का ऐतिहासिक समर्थन मूल्य बढाने के लिए प्रधानमंत्री के प्रति विजय गोयल ने जताया आभार…

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नवापारा – राजिम : पूर्व पालिका अध्यक्ष एवं भाजपा रायपुर ग्रामीण आर्थिक प्रकोष्ठ के संयोजक विजय गोयल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री किसान हितैषी नरेन्द्र मोदी को वर्ष 2023-24 में देश के किसानो द्वारा उत्पादित विभिन्न प्रकार की फसलो का ऐतिहासिक समर्थन मूल्य बढ़ाकर साबित कर दिया है, कि केंद्र सरकार वास्तव में देश के किसानो की सरकार है।

गोयल ने बताया कि युपीए की सरकार ने प्रतिवर्ष धान के समर्थन मूल्य में मात्र 80 रूपये बढ़ोतरी कर 1350/- प्रति क्विंटल किया था, मोदी सरकार आने के बाद अब किसानो को प्रतिवर्ष बढ़ोतरी करते करते वर्ष 2023-24 में सीधा धान के समर्थन मूल्य में 143 रूपये की बढ़ोतरी करते हुए मोटा किस्म का धान 2183/- रूपये एवं पतला किस्म के धान की कीमत 2203/- रुपये कर दिया गया है, निश्चित ही किसानो को यह दर प्राप्त होने पर हमारे देश के किसानो की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। युपीए सरकार ने तो लगभग 64 हज़ार करोड़ तक ही समर्थन मूल्य में खरीदी किया था, जबकि केंद्र की मोदी सरकार ने चार गुना ज्यादा समर्थन मूल्य में किसानो से दो लाख अड़तीस हज़ार करोड़ तक की खरीदी वर्ष 2022-23 तक की है।

यहाँ यह बताना आवश्यक होगा कि युपीए की सरकार ने दस वर्षो में डीएपी खाद की कीमत पांच सौ रूपये से बढाते हुते तेरह सौ रुपये कर दिया था, एवं पोटाश की कीमत तीन सौ नब्बे रूपये से बढाकर दो गुना आठ सौ चालीस रूपये कर दिया था, जबकि किसानो के हितो को देखते हुए मोदी सरकार ने डीएपी खाद की कीमत तेरह सौ से तेरह सौ पचास एवं पोटाश की कीमत आठ सौ चालीस से ग्यारह सौ रुपये की मामूली बढ़त की है। उसी प्रकार नोमिनो गोल्ड खरपतवार नाशक की कीमत युपीए सरकार में सात हज़ार रुपये प्रति लीटर थी, जो की वर्तमान सरकार ने इसकी कीमत लगभग तीन हज़ार रूपये प्रति लीटर कर दिया है। किसानो के सुख दुःख की चिंता का इससे बड़ा प्रमाण और क्या हो सकता है, देश की कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2008 में किसानो का सत्तर हज़ार करोड़ कर्ज माफ़ी की बात कही थी, उसमें मात्र चालीस हज़ार करोड़ ही माफ़ हुआ था, जबकि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने विगत चार वर्ष में किसान निधि योजना के तहत प्रत्येक किसान के खाते में प्रतिवर्ष 6000/- रूपये के हिसाब से दो लाख साठ हज़ार करोड़ रुपये दे दिया गया है। केंद्र की कांग्रेस सरकार के द्वारा खाद्य सब्सिडी में भी कंजूसी की गयी, उनके द्वारा सन 2014 तक मात्र बयानवे हज़ार करोड़ सब्सिडी दी गयी, जबकि नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा वर्ष 2022-23 मंक एक लाख अठत्तर हज़ार करोड़ की सब्सिडी यानी की दोगुना दिया गया।

वर्तमान की छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली बिल हाफ के वादे ने किसानो को भी छला है, भारतीय जनता पार्टी की रमन सरकार के द्वारा किसानो को मोटर पंप में लगने वाली बिजली का प्रति एच.पी.सौ रूपये तक की छूट थी, जो कि आज भी उक्त छूट जस की तस है, किसानो को छत्तीसगढ़ की वर्तमान भूपेश सरकार के द्वारा बिजली में किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी गयी है। केंद्र सरकार के द्वारा तो किसानो को बिजली बिल से राहत दिलाने के लिए सौर उर्जा उपकरण लगाने के लिए भी सब्सिडी दी जाती है, उपरोक्त बातो से स्पष्ट होता है, कि केंद्र की मोदी सरकार ही हमारे अन्नदाता किसानो की चिंता कर सकती है। गोयल ने धान के समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि करने पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है।

नवापारा-राजिम से पत्रकार लीलाराम साहू की रिपोर्ट

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