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Upgrade: 1करोड़ बचाने के लिए कैथलैब मशीन का नहीं हुआ अपग्रेडेशन,बिगड़ी तो खर्च होंगे 10 करोड़

Upgrade

रायपुर एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट (ACI) के नवंबर 2017 में अस्तित्व में आया।इसके बाद से ही कैथलैब मशीन के अपग्रेडेशन की कागजी प्रक्रिया शुरू हुई,मगर आज तक पूरी नहीं हो सकी है,जबकि पूर्व की सरकार ने 3.50 करोड़ रुपये अपडेट के लिए जारी कर दिए थे।इसमें से एक करोड़ रुपये का बैंक ड्राफ्ट अपग्रेडेशन करने वाली कंपनी (फिलिप्स) के नाम पर डिपॉजिट करने हैं, तब जाकर ही कंपनी काम करेगी।इसे लेटर ऑफ क्रेडिट कहा जाता है,मगर एक करोड़ रुपये की राशि के बैंक डिपॉजिट पर ही मामला उलझ गया है।

सरकार ने अपग्रेडेशन के पहले राशि जमा करने को लेकर एसीआई प्रबंधन से सवाल पूछा, जिसका जवाब भेज दिया गया है।उधर कंपनी ने जून-जुलाई 2019 तक अपग्रेडेशन के लिए सहमति दी है, इसके आगे नहीं।स्पष्ट कर दें कि दिसंबर 2018 में करोड़ों की कैथलैब मशीन एक्सपायर्ड हो चुकी है।यह जब तक चले-चले,जिस दिन इसमें खराबी आई,नई मशीन ही खरीदनी होगी।इसके बाद तो 10 करोड़ रुपये खर्च करके नई मशीन ही खरीदनी होगी।

अगर मशीन खराब होती है तो एंजियोप्लास्टी,हार्ट से संबंधित कोई भी प्रक्रिया नहीं होगी।मरीजों को निजी अस्पताल दौड़ लगानी होगी,जिसमें लाखों रुपये खर्च होंगे।ACI में सभी प्रक्रिया सरकारी योजना के तहत फ्री होती है।

10 साल बढ़ जाएगी मशीन की लाइफ

अगर सरकार जून-जुलाई तक एक करोड़ रुपये कंपनी के अकाउंट में जमा करने के लिए सहमति दे देती है तो कंपनी अपग्रेडेशन के लिए राजी है।इससे कैथलैब यूनिट की लाइफ 10 साल बढ़ जाएगी।सीधे-सीधे ही सरकार के साढ़े छह करोड़ रुपये बच जाएंगे।अगले 10 साल कंपनी ही इसे मेंटेनेंस करेगी।

हृदय रोग का पहला सरकारी संस्थान

एसीआई में 11 हजार से ज्यादा रोगियों का इलाज हो चुका है। 170 मरीजों की कार्डियक सर्जरी,हजार से अधिक मरीजों की एंजियोप्लास्टी की गई थी।बच्चों के हार्ट के वाल्व,सुराख,हार्ट-किडनी की बंद नसों को खोलने के लिए सर्जरी की गईं। यह हृदय रोग का पहला सरकारी अस्पताल है।

इनका कहना है

शासन की तरफ से पूछा गया था कि कंपनी को एक करोड़ रुपये क्यों देने होंगे? इसका जवाब कंपनी से लेकर भेजा जा चुका है। मैं आशान्वित हूं कि समय पर राशि जारी होगी, कैथलैब मशीन का अपग्रेडेशन हो जाएगा। (अगर जून-जुलाई तक राशि नहीं मिली तो, बोले…) इसके बाद हमें नई मशीन ही लेनी होगी। पुरानी का अपग्रेडेशन नहीं होगा।– डॉ.स्मित श्रीवास्तव,विभागाध्यक्ष, कॉर्डियक

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