छत्तीसगढ़ राजधानी समाचार

बूढ़ा तालाब के सम्मान में आदिवासी छात्र संगठन सामने आया साथ ही किए कई प्रश्न

रायपुर-बूढ़ा तालाब अभी रायपुर में राजनीति का केंद्र बना हुआ है कारण निर्माण कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ का गोंड समाज हमेशा से छला गया है। आप को बताना चाहूंगा कि बूढ़ा देव तालाब गोंड राजा “राय सिंह जगत” ने खुदवाया था और
ईष्ट देव बूढ़ा देव के नाम से तालाब का नाम रखा गया किन्तु बाहरी लोगों ने गोंड समाज के इतिहास पर वार करना शुरू किया इसका जीता जागता उदाहरण बूढ़ा देव तालाब जिसको लगातार विवेकानंद तालाब बताने की कोशिश किया जाता है।

मामले को लेकर योगेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री को भी ट्वीट किया

हमारा प्रश्न है

क्या बूढ़ा देव तालाब को आदिवासी(गोंड)समाज के हवाले किया जाएगा ?

क्या “बूढ़ा देव तालाब” का नाम का बोर्ड वहा लगेगा ?

क्या सल्ले गांगरे का प्रतीक लगेगा विवेकानन्द की मूर्ति से बड़ा ?

या फिर किसी राजनीतिक पार्टी के प्रमुख का प्रतिमा लगेगा ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *