रायपुर – छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कोरोना संक्रमण को देखते हुए जंगल सफारी प्रबंधन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। सफारी प्रबंधन एंटीजन रिपोर्ट को अमान्य कर दिया है। सफारी के अंदर प्रवेश के लिए पर्यटकों को आरटीपीसीआर रिपोर्ट अनिवार्य कर दिया है। वन्यजीवों की देखरेख करने वाले जू कीपरों को भी एहतियात बरतने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही वन्यजीवों को अलग-अलग रखा जा रहा है।

सफारी प्रबंधन द्वारा सौ डिग्री में मीट पकाकर वन्यजीवों को खाने के लिए दिया जा रहा है। इसके साथ ही सफारी के प्रत्येक बाड़े को दिन में दो बार सैनिटाइज किया जा रहा है। जंगल सफारी प्रबंधन का कहना है संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

जू कीपरों के रहने खाने की व्यवस्था अंदर

जंगल सफारी के उपसंचालक अभय पाण्डेय ने बताया कि सफारी में वन्यजीवों की देखरेख के लिए तैनात किए गए जू कीपरों को शिफ्ट के हिसाब से ड्यूटी लगाई जाती है। जब से कोरोना संक्रमण बढ़ा है जू कीपरों को सफारी से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। सफारी प्रबंधन द्वारा जू कीपरों को रहने खाने की व्यवस्था अंदर कर दी गई है। इसके साथ ही जंगल सफारी में काम करने वाले कर्मचारियों की आरटीपीसीआर की जांच कराई जा चुका है, ताकि वन्यजीवों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

गाइडलाइन का पालन अनिवार्य

जंगल सफारी प्रबंधन की मानें तो सफारी परिसर में एंट्री करने से पहले पर्यटकों को मास्क लगाना अनिवार्य है। थर्मल स्क्रीनिंग और हाथ को सेनिटाइज एवं एनटीपीसीआर रिपोर्ट देने के बाद ही सफारी परिसर और जू में पर्यटकों को प्रवेश दिया जा रहा है। इसके साथ ही सफारी परिसर में एंट्री करने से पहले पर्यटक को अपना नाम, पता और फोन नंबर वहां मौजूद रजिस्टर में दर्ज करवाया जा रहा है। परिसर में किसी भी वस्तु को छूने और थूकने में मनाही है।

वन्यजीवों को गर्म करके दिया जा रहा खाना

सफारी प्रबंधन का कहना है कि वन्यजीवों को चिकित्सक की सलाह पर उनके भोजन को 60 डिग्री गर्म करने के बाद उसे खाने योग्य ठंडा कर खाने के लिए दिया जा रहा है। वन्यजीवों को खाने देने वाले जू कीपर मास्क एवं पीपीई कीट लगाकर भोजन दे रहे हैं। इसके साथ ही किसी प्रकार का संक्रमण पाए जाने पर पशु चिकित्सक द्वारा टेस्ट के लिए सेंपल भेजकर जांच कराई जा रही है।

जू कीपरों को भी बाहर नहीं निकलने दे रहे

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिन पर्यटकों के पास आरटीपीसीआर रिपोर्ट है, उनको ही अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। जू कीपरों को भी बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है।

– एम. मर्शीवेला, डीएफओ जंगल सफारी रायपुर

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