कोण्डागांव MyNews36 प्रतिनिधि- जिले की स्थानीय समस्याओं के समाधान हेतु, सीपीआई कोण्डागांव द्वारा 13 जुलाई को महामहिम राज्यपाल व मुख्यमंत्री को प्रेसित एक ज्ञापन कलेक्टर पुष्पेन्द्र मीणा को सौंपा गया। ज्ञापन में सीपीआई ने कोण्डागांव जिले की समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए, जन कल्याण हेतु उनके निदान तत्काल किये जाएं। क्योंकि समस्याओं के कारण कोण्डागांव जिले के नागरिकों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।राष्ट्रीय, राज्य व स्थानीय स्तर पर समस्याओं को लेकर सीपीआई लगातार संघर्षरत है।

इसी क्रम में जिले की समस्याओं का निराकरण कर जिले के नागरिकों को राहत दिलाने हेतु, शासन का ध्यान समस्याओं की ओर पुनः आकर्षित करते हुए आवश्यक कदम उठाने की मांग सीपीआई द्वारा करती है।समाधान हेतु उठाए गए समस्याओं में वन भूमि पर काबिज कास्त रहकर जीवनयापन कर रहे जिले के सभी जाति वर्ग के पात्र लोगों को वरियता के आधार पर वन अधिकारों की मान्यता अधिनियम 2008 के प्रावधानों के तहत तत्काल वनाधिकार प्रपत्र प्रदाए करने तथा अपरिहार्य कारणों से वन अधिकार मान्यता प्रपत्र प्राप्त नहीं हो पाए होने की स्थिति में वन विभाग द्वारा उनके काबिज भूमि में किए जा रहे पौधारोपण पर तत्काल रोक लगाए जाने, अपने चुनावी घोषणापत्र अनुसार कांग्रेस पार्टी को ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में शासकीय भुमि पर मकान बनाकर निवासरत नागरिकों को उक्त भूमि का निःशुल्क पट्टा एवं शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिये जाने, कोण्डागांव नगर के महात्मागांधी वार्ड में माजीसा राईस मिल व जेके राईस मिल के संचालन से हो रहे प्रदुषण से वार्डवासियों, विद्यार्थियों, बाल गृह व नगर सेना के कर्मचारियों को मुक्ति दिलाने, दोनों मिलों का तत्काल बंदकर अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने। राजस्व जिला कोण्डागांव के अन्तर्गत आने वाले ग्राम आदपाल, बागझार, बैलपाड़ गेटे फरसगांव, टेमरुगांव, चलका, चैड़ग, चिंगनार, रांधना, पाला, बनचपई. कहलाकोट, चिमड़ी, कोकोड़ी, चेरंग, मैनपुर मोडेगा, मालाकोट, सदाड़ी, अलवाड, जुगाली, विमानार, मुण्डपाल, सुगाली, फुटान चांदागांव समेत अनेक गांव, पुलिस जिला नारायणपुर के अंतर्गत रखे गए हैं, जिससे उपरोक्त गांवों में निवासरतजनों को दोहरी प्रशासनिक कार्यवाहियों का सामना करना पड़ने से परेषानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उपरोक्त सभी गांवों को राजस्व जिला कोण्डागांव के ही पुलिस थानों से संबद्ध किए जाने, कोण्डागांव जिले के माकड़ी व विश्रामपुरी तहसील में तत्काल महाविद्यालयों की स्थापना की जाए, बस्तर संभाग की मुल जातियों जैसे मरार (पनारा), महारा, स्थानीय धाकड़, राऊत, कलार सुण्डी, कुम्हार, केंवट, घड़वा (घसिया), गाण्डा, पनका, तुहार, बंजारा, धोबी, नाई आदि बस्तर की मूल जातियों को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल किए जाने की बातों का उल्लेख है।

उक्त ज्ञापन को सीपीआई कोण्डागांव के जिला सचिव तिलक पाण्डे के नेतृत्व में शैलेष शुक्ला, दिनेष मरकाम, जयप्रकाष नेताम, भीषम मरकाम, मुकेष मण्डावी, पिताम्बर पाण्डे, सगराम बघेल, सनित पोयाम, गणेष कोर्राम, भारत वट्टी, रामकुमार नेताम, सत्यप्रकाष पाण्डे, पीलू मण्डावी, धनीराम नाग, धनसिंह यादव, मंगल यादव, सगराम नेताम आदि सहित अन्य ग्रामवासियों द्वारा जिला कार्यालय में पहुंचकर कलेक्टर को सौंपा गया।

MyNews36 प्रतिनिधि राजीव गुप्ता की रिपोर्ट

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