Mynews36
!! NEWS THATS MATTER !!

Threat to women safety : भारत में हर 6 घंटे में एक महिला बन जाती है रेप का शिकार

Threat to women safety

नई दिल्‍ली- Threat to women safety: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद (Hyderabad) में एक डॉक्‍टर की गैंगरेप (Gangrape) के बाद हत्‍या (Murder) कर दी। इसके बाद आरोपी उनके शव को ट्रक में डालकर घूमते रहे। फिर सुनसान जगह देखकर शव को आग के हवाले कर दिया। वहीं, झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi) में एक स्‍टूडेंट को अगवा कर आरोपियों ने पहले कॉल कर अपने 10 दोस्‍तों को बुलाया। फिर उसका बारी-बारी से गैंगरेप किया। इसके बाद छात्रा को वहीं छोड़ गए जहां से किडनैप किया था।इन दोनों घटनाओं से स्‍पष्‍ट है कि आरोपियों को कानून का कोई डर नहीं था। साथ ही दोनों घटनाओं ने महिला सुरक्षा (Threat to women safety) को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पिछले कुछ साल के दौरान भारत में रेप की ऐसी घटनाएं भी हुईं, जिनसे भारत को दुनिया भर में शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। जम्‍मू-कश्‍मीर के कठुआ रेप केस के बाद तो अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की तत्‍कालीन अध्‍यक्ष क्रिस्टिन लैगार्डे (Christine Lagarde) को कहना पड़ा था कि भारत सरकार दोषियों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई करे। दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में अगस्‍त 2019 में पोस्‍ट ऑफिस कर्मी ने स्‍टूडेंट की दो बार रेप करने के बाद सिर कुचलकर हत्‍या कर दी थी। हाल में उसे कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।

यौन हिंसा किसी एक देश की महिलाओं की समस्या नहीं है। पूरी दुनिया की महिलाएं इस समस्या से जूझ रही हैं। अमेरिका, कनाडा, स्वीडन और ब्रिटेन जैसे सबसे विकसित देशों में रेप की सबसे ज्‍यादा घटनाएं हुई हैं। दुनिया भर में करीब 36 फीसदी महिलाएं शारीरिक या यौन हिंसा की शिकार बनी हैं। अमेरिका में 12 से 16 साल की 83 फीसदी लड़कियों का किसी ना किसी रूप में यौन उत्पीड़न किया गया है। इंग्लैंड में हर 5 में एक महिला किसी न किसी रूप में यौन हिंसा का शिकार हुई हैं। दक्षिण अफ्रीका रेप की घटनाओं के मामले में दुनिया में सबसे ऊपर है। यहां हर दिन औसतन 1400 रेप की घटनाएं होती हैं। इनमें करीब 20 फीसदी घटनाओं में पुरुष भी शिकार बनते हैं।

भारत के नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, 2010 के बाद से महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 7।5 फीसदी वृद्धि हुई है। साल 2012 के दौरान देश में 24,923 मामले दर्ज हुए, जो 2013 में बढ़कर 33,707 हो गई। रेप पीड़ितों में ज्‍यादातर की उम्र 18 से 30 साल के बीच थी। हर तीसरे पीड़ित की उम्र 18 साल से कम है। वहीं, 10 में एक पीड़ित की उम्र 14 साल से भी कम है। भारत में हर छह घंटे में एक लड़की का रेप हो जाता है। महिलाओं के साथ रेप के मामले में 4,882 की संख्या के साथ 2017 में मध्य प्रदेश सबसे आगे था। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार] 2017 में देश में 28,947 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटना दर्ज की गईं। इस मामले में उत्तर प्रदेश 4,816 और महाराष्ट्र 4,189 रेप की घटनाओं के साथ देश में दूसरे व तीसरे स्‍थान पर था। नाबालिग बच्चियों के साथ रेप के मामले में भी मध्य प्रदेश देश में सबसे ऊपर है। राज्‍य में ऐसे 2,479 मामले दर्ज किए गए, जबकि महाराष्ट्र 2,310 और उत्तर प्रदेश 2,115 ऐसी घटनाओं के साथ दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। पूरे देश में 16,863 नाबालिग बच्चियों के साथ रेप के मामले दर्ज किए गए थे। भारत में रेप के कुछ ऐसे मामले भी हुए, जिसने पूरी दुनिया को हिला दिया था। इनमें 2012 का निर्भया गैंगरेप, 2013 का 22 वर्षीय फोटो जर्नलिस्ट का गैंगरेप, 2015 का 71 वर्षीय नन का पश्चिम बंगाल के रानाघाट में गैंगरेप, 2016 का दलित लड़की की हत्या व रेप, 2018 का कठुआ रेप केस शामिल हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Copy Protected by Chetan's WP-Copyprotect.