रायपुर – गत दिनों राजधानी में हुए दो दिवसीय धर्म संसद में अकोला महाराष्ट्र से आए संत कालीचरण ने राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी पर अभद्र टिप्पणी की थी। कांग्रेसी नेताओं द्वारा इसकी शिकायत थाने में करने के बाद अब आयोजन समिति ने भी टिप्पणी की घोर निंदा की है। आयोजक नीलकंठ सेवा संस्थान के अध्यक्ष नीलकंठ त्रिपाठी का कहना है कि धर्म संसद के मंच पर राजनीतिक टिप्पणी नहीं करने की अपील संतगणों से पहले ही की गई थी। जब कालीचरण महाराज से मैंने राजनीतिक टिप्पणी नहीं करने कहा तो उन्होंने मुझे मंच से ही हड़का दिया।

आयोजन समिति के नीलकंठ त्रिपाठी ने कहा कि महात्मा गांधी का अपमान करना उचित नहीं है। मुझे थाने बुलाया गया था और मैंने अपना बयान दर्ज करवा दिया है। इस मामले में आयोजन समिति की कोई गलती नहीं है। हमने तो कालीचरण महाराज को सनातन संस्कृति के महत्व पर चर्चा करने बुलाया था। हमें नहीं मालूम था कि वे गांधीजी पर अनर्गल टिप्पणी करेंगे। अपना वक्तव्य खत्म करने के कुछ देर बाद कालीचरण महाराज चले गए। इसके बाद उनसे कोई बात नहीं हुई है। अभद्र टिप्पणी के मामले में आयोजन समिति पुलिस प्रशासन को हर सहयोग करने तैयार है।

भविष्य में भी सनातन संस्कृति पर चर्चा

आयोजन समिति अध्यक्ष त्रिपाठी का कहना है कि भविष्य में भी सनातन संस्कृति का प्रचार प्रसार करने और अलख जगाने चर्चा का आयोजन किया जाएगा। इसमें कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है, सभी पार्टी के नेताओं को बुलाया गया था और आगे भी सभी के सहयोग से आयोजन करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.