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प्रदेश सरकार की फोकस बिंदुओं को लेकर गंभीर नहीं है शिक्षा विभाग,कर रहे नज़र अंदाज़

education department is not serious ,education department is not serious

education department is not serious
Photo: MyNews36.com

राजनाँदगाँव MyNews36- समग्र और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की रीढ़ कहे जाने वाले चर्चा पत्र के क्रियान्वयन की खस्ताहालत को लेकर विभाग के अधिकारियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है।खबरों के अनुसार इस पूरे शिक्षा सत्र में नियमित और निर्धारित चर्चापत्र के बैठक और प्रशिक्षण को दरकिनार कर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के अध्यापन की गुणवत्ता के साथ जमकर लापरवाही बरती गई है।

सूत्रों के अनुसार- प्रत्येक स्कूलों तक प्रतिमाह राज्य मिशन कार्यालय से जारी चर्चा पत्र को बांटा जाना था परंतु क्षेत्र के किसी भी संकुल के स्कूलों तक आज तक नही पहुंच पाया है।वही प्रत्येक शनिवार को क्रम से सभी शिक्षकों को इस बैठक में शामिल होकर राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा जारी शिक्षा गुणवत्ता के मानकों को सीखने,सिखाने के उपकरणों में शामिल कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक माहौल देने की योजना को किनारे कर देने के बाद भी विभाग पूरे मामले में पर्दा डालने की कोशिशों में लगा हुआ है।

राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा एवं राजीव गांधी शिक्षा मिशन से लेकर शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारी पूरे प्रदेश में खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों के 6 से 14 वर्ष के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए तमाम योजनाएं संचालित कर रहे हैं। प्रदेश सरकार का भी फोकस इसी बिंदुओं को लेकर है परंतु,जमीनी स्तर पर जिम्मेदार अमले पूरे अभियान को लेकर जरा भी गंभीर दिखाई नहीं दे रहे हैं।

चर्चा पत्र को लेकर संकुल बैठक में अब तक किसी भी तरह के बैठक नहीं हो पाने को लेकर जिला मिशन संचालक कलेक्टर की ओर से भी इस मामले को लेकर संज्ञान लेने की खबरें आ रही है।जिले के एक आला प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार जल्द ही इस मामले की बारीकी से पड़ताल कर लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई किए जाने का संकेत मिला है क्योंकि,शिक्षा सत्र के शुरुआत से ही राज्य कार्यालय की ओर से कई बिंदुओं के पालन और क्रियान्वयन के लिए जिला ब्लाक एवं संकुल स्तर पर स्पष्ट तौर पर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।परंतु,सभी बिंदुओं की प्रगति क्या है? इसकी जांच अब की जा रही है जब इस संबंध में 8 जनवरी को कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक राजीव गांधी शिक्षा मिशन की ओर से सभी विकासखंड स्रोत समन्वयक को एक पत्र जारी किया गया है।

पत्र क्रमांक/07/एस एस ए/2020 राजनांदगाँव के अनुसार समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यों की मॉनिटरिंग किया जाना है विकासखंड और संकुल स्तर पर लगभग 25 बिंदुओं में इसकी मानीटरिंग की जानी है।प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा मिशन की ओर से बिंदुवार किसी भी संकुल के किसी भी स्कूल को चयनित कर अकस्मात जांच की जाएगी।आए दिन विवादों में बने रहे मॉडल स्कूल,किचन गार्डन एवं चर्चा पत्र इस मॉनिटरिंग के मुख्य विषय बताया जा रहे हैं।

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार चर्चा पत्र की मुद्रित प्रति प्रत्येक स्कूलों तक पहुंची है या नहीं मासिक चक्र पत्र के उल्लेखित बिंदुओं का संकुल के सभी शालाओं में क्रियान्वयन हुआ या नहीं सभी शिक्षक चर्चा पत्र की बैठकों में शामिल हुए हैं या नहीं जैसे गंभीर मुद्दों पर समग्र शिक्षा अभियान के प्रबंध संचालक महोदय पड़ताल करेंगे।खबरों के अनुसार क्षेत्र के किसी भी स्कूल में इस तरह के मापदंडों और बिंदुओं का पालन लगभग शून्य बताए जा रहे हैं।इसके अलावा प्रदेश सरकार की अभिनव योजना नरवा,गरुआ,घुरवा,बारी के तहत प्रत्येक शालाओं में किचन गार्डन विकसित किया जाना है।परंतु सिर्फ कागजों में और नाम मात्र की दिखावे के लिए बनाई गई क्यारियों के फोटोग्राफ्स को स्कूलों द्वारा अपनी उपलब्धि दिखाए जाने की खबर है।

कुल मिलाकर चर्चा पत्र के नाम पर पूरे विभाग में इन दिनों खलबली मची हुई है और मामले से ध्यान हटाने के लिए शाला और संकुल स्तर पर बगैर किसी कार्यक्रम को आयोजित किए बगैर सीधे विकासखंड से औपचारिकता निभाने के उद्देश्य से आला अधिकारियों को गुमराह करते हुए कथित तौर पर इनाम लेकर सुर्खियों बटोरने के उद्देश्य से खुद की पीठ थपथपाने में लगे हुए समन्वयको को विभाग के कुछ जिम्मेदार अधिकारी प्रश्रय देने में लगे हुए हैं।वही संवाददाता द्वारा चर्चापत्र को लेकर स्कूलों में सीधे शिक्षकों से मामले की पड़ताल में हालांकि इस सम्बंध में बैठकों में शिक्षकों के शामिल नहीं होने की बात स्पष्ट हुई है।परंतु कुछ स्कूलों में कई शिक्षकों द्वारा गोलमोल जवाब भी दिया गया।वही चर्चा पत्र की बैठकों में उपस्थित हुए बगैर सामान्य बैठक को चर्चा पत्र बताने में भी कई शिक्षक भी लगे हुए हैं कुछ शिक्षकों द्वारा बताई गई बैठक की तारीख चर्चा पत्र की बैठक के मेल भी नहीं खा रही है,स्थितियां चाहे जो भी हो और अधिकारी इस तरह के मामलों को भले ही दबाने में लगे हैं परंतु लगातार इस तरह की लापरवाही को लेकर क्षेत्र के सत्ता पक्ष के उच्च स्तर के जनप्रतिनिधि भी काफी नाराज बताया जा रहे हैं और यह भी संभावना जताई जा रही है कि मामले से जुड़े हुए सभी लोगों के खिलाफ जल्द जांच शुरू कर कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है

इस मामले में पहले मैं परीक्षण करा लेता हूं की बैठक में क्यों नहीं हो रही है और प्रत्येक टीचर को इसमें शामिल निश्चित रूप से होना है क्योंकि यह राज्य मिशन कार्यालय का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा है और इसमें लापरवाही बिल्कुल नहीं होनी चाहिए इसका फंड राज्य कार्यालय से सीधे संकुल को जारी होता है फंड का दुरुपयोग भी नहीं होना चाहिए और सभी शिक्षकों को शामिल होने का निर्देश जारी कर रहा हूं। -भूपेश साहू डी एम सी,राजीव गांधी शिक्षा मिशन राजनांदगाँव

संवाददाता मुबारक खान की रिपोर्ट

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