बच्चो की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पालक के घर में शिक्षक राजकुमार यादव ने लगाए स्मार्ट टीवी

कुछ लोग जहां शिक्षकीय दायित्वों को महज एक पेशा मानते है,वही राजकुमार यादव जैसे कर्मवीर शिक्षक ने इस कोरोना महामारी के दौर में अपने स्कूल के बच्चो की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने के लिए गांव के पालक के घर मे स्मार्ट टीवी स्वयं के खर्च से लगवा दिया।प्राथमिक शाला सोमाटोला ब्लॉक मोहला के शिक्षक की इस पहल ने गुरु का शिष्यों के प्रति समर्पण की अनुकरणीय उदाहरण को प्रस्तुत किया है।गांव में पालक के घर लगे स्मार्ट टीवी में पढ़ई तुहर दुआर पोर्टल और वेबेक्स एप्प द्वारा बच्चो को एक तय शेड्यूल में ऑनलाइन स्टडी कराई जा रही है।कोरोना महामारी के बचाव उपाय के साथ अलग अलग कक्षा के बच्चे बारी बारी से पढ़ने आ रहे है। ग्रामीणों की देख रेख में बच्चे मास्क लगाकर, सोशल डिस्टेंसिनग का पालन करते हुए पढ़ रहे है।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने की सराहना

सोमाटोला के शिक्षक यादव की इस पहल को बीईओ रोहित अम्बादे व एबीईओ राजेन्द्र कुमार देवांगन ने अन्य शिक्षको के लिए अनुकरणीय बताया। जिला नोडल सतीश ब्यौहारे , बीआरसीसी के एल वर्मा, नोडल केवल साहू, संकुल समन्वयक मार्टिन मसीह सभी ने इस तरह के कार्यो को शिक्षा जगत के अन्य शिक्षको के लिए बेहतर उदाहरण माना। वहीं क्षेत्र के विधायक इन्द्रशाह मंडावी, जनपद अध्यक्ष लगनु राम चंद्रवंशी और समाज सेवी संजय जैन जी ने बच्चों के प्रति शिक्षक के इस समर्पण की प्रसंशा की है।इन सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रा शा सोमाटोला को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने के लिए कई बार अवलोकन भी किया जा चुका है।

शिक्षक ने बनाया मोहला का पहला स्मार्ट शाला

टेक्नोलॉजी के साथ पढ़ाई कराने की ओर जोर देने मोहला के सहायक बीईओ राजेन्द्र कुमार देवांगन ने बताया कि राजकुमार यादव ने पूर्व में सबसे पहले अपने शाला में स्मार्ट टीवी लगाकर पढ़ाना शुरू किया था, जिससे प्रेरित होकर 11 अन्य स्कूलों में भी स्मार्ट टीवी से अध्यापन प्रारम्भ हुआ था। लंबे समय से स्कूलों के बंद हो जाने से शासन ने ऑनलाइन अध्यापन के लिए पढ़ई तुहर दुआर नामक पोर्टल बनाया है। शिक्षक यादव ने पोर्टल को टीवी में प्रदर्शित करके बच्चो के पढ़ने के लिए ग्रामीणों को ट्रैन कर दिया है।

शाला के संसाधनों का बेहतर उपयोग

राजकुमार यादव ने शाला की खाली पड़ी जमीन पर किचन गार्डन बनाकर शाला परिसर को हरा भरा कर दिया है। स्थानीय लोगो की सहायता और स्वयं के व्यय से उन्होंने शाला में मध्यान्ह भोजन हेतु सब्जियां उगाना शुरू किया है। आश्चर्यजनक यह है कि स्कूल के बंद होने और भारी गर्मी के बाद भी शाला परिसर हरा भरा और साग सब्जी लगा हुआ है।

ग्रामीणों में है काफी जागरूकता

सोमाटोला के शिक्षक के साथ वहां के स्थानीय ग्रामीण भी कदम से कदम मिलाकर शिक्षा के प्रति कार्य कर रहे है। जिसमे प्रमुख रूप से लता नेताम सरपंच,मनीराम यादव,दुरुग सिंह नेताम,करीम बक्स,आनंद धनकर,श्याम सिंह नेताम,रूप सिंह यादव,संतोष भारद्वाज,दुष्यंत देशमुख,धनेश्वरी देशमुख,संजोग भुआर्य,उमेंदी राम,शकुन बाई सहयोग कर रहे है। पालकों द्वारा शाला को हर सम्भव सहायता भी की जा रही है। शिक्षक और पालकों के इस तरह के संयोजन से ही बच्चो का बेहतर विकास हो सकता है।

शिक्षक राजकुमार को मिल चुका है कई बड़े सम्मान

सोमाटोला के शिक्षक राजकुमार यादव अपने कार्यो के लिए क्षेत्र में ख्याति प्राप्त है, वे अपने खर्चे से शाला के बहुत से कार्य करते आ रहे है। इनके समर्पित कार्यो के लिए उन्हें कलेक्टर राजनांदगांव व जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। स्थानीय स्तर पर भी उन्हें कई बार प्रशस्ति पत्र दिया गया है। क्षेत्र के विधायक श्री मंडावी जी भी इनके स्कूल में 2 बार आकर इनका मनोबल बढ़ाये है। स्थानीय अधिकारी बीईओ, एबीईओ द्वारा शिक्षक को समय समय पर मार्गदर्शन मिलता रहा है।

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