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पीरियड्स,महावारी,रजस्वला,आखिर क्या है ये बला..!आइए पढ़ते है आज एक कविता “हाँ मैं एक स्त्री हूं”

“रेड अलर्ट” “लाल बत्ती”जैसे शब्दो से ना चिढ़ाना,है ये मेरी प्रकृति,मुझे ना सताना,बनती जब रजस्वला में,तब तो देती नया जन्म में,सप्तपदी के सात वचन,एक वचन संतान ग्रहण,कैसे करोगे निर्वाह इस…