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कक्षा 10वीं में 97.33% अंक लाकर सृष्टि गौर ने माता-पिता का नाम किया गौरवान्वित

कक्षा 10वीं में  97.33% अंक लाकर सृष्टि गौर ने माता-पिता का नाम किया गौरवान्वित  Srishti Gaur named the parents proud by bringing 97.33% marks in class 10th

रायपुर- क़ामयाबी के लिए जुनून और जज़्बा हो,तो हर मुश्किल अपने आप आसान हो जाती है।आज अपने जुनून और जज्बे से सहारे सृष्टि गौर ने अपने मम्मी-पापा का सपना पूरा कर दिखाया।जी हाँ आज जब 1 बजे CGBSE बोर्ड 10वीं का परिणाम आया तो सृष्टि की ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा,क्योंकि उसके जुनून ने उसे क़ामयाबी की वो सीढ़ी चढा दी,जिसका सपना हर छात्र देखता है।अपनी लगन और मेहनत से सृष्टि ने 97.33% अंक लाकर प्रदेश में छटवें व अंग्रेजी माध्यम में पहली स्थान बनाई।सृष्टि गौर की इस कामयाबी पर उनके पापा-सुनील गौर ,उनकी माँ-अंजना गौर,व उनके दोनों भाई-सिद्धांत गौर और जतीन गौर बहुत ख़ुश हैं।ऐसी होनहार बेटी से साक्षात्कार किया है- Mynews36.com ने।ये हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश-

सवाल- 12वीं बोर्ड की तैयारी कब से शुरू की ?

जवाब- यूं तो तैयारी 9वीं की परीक्षा होने के बाद से ही शुरू कर दी थी,लेकिन जब बड़े भाई सिद्धांत ने कुछ अलग करने को कहा तो ये बात मेरे मन को भा गई और मैं जी तोड़ मेहनत से 10वीं की तैयारी करने लगी।

सवाल- कितने घंटे पढ़ाई की?

जवाब- मैं सिर्फ 5-6 घंटा पढाई करती हूँ,इसके अलावा मैंने टॉपिक वाइस पढाई की,रटने की आदत बिलकुल नहीं रहा।

सवाल- पढ़ाई के लिए क्या ख़ास तैयारी करती थी?

जवाब- टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई करती थी और समय को फॉलो करती थी।जो समझ आता था वो पढ़ती थी मगर जो समझ नहीं आता था उसे बार-बार अभ्यास करती थी।

सवाल- इतनी बड़ी कामयाबी मिली तो कैसा महसूस कर रहीं हैं?

जवाब- मैं इस कामयाबी से बहुत उत्साहित हूँ।मैं इस कामयाबी का श्रेय अपनी बड़े भाई-सिद्धांत गौर को देना चाहूंगी क्योकि उन्होंने मुझे आगे बढ़ने के लिए हमेशा मदद किए।पापा की समझाईश,माँ और छोटे भाई जतीन के प्यार,टीचर्स का आशीर्वाद और दोस्तों का मार्गदर्शन मिलने से किसी भी प्रकार की परेशानियों का पता ही नहीं चला।

सवाल- पढ़ाई के दौरान इंटरनेट का सहारा लेतीं थीं?

जवाब-जब कभी कुछ समझना होता था तो इंटरनेट पर जानकारी देखा और सुना करती थी।मगर मुझे पर्सनल मोबाइल नहीं मिला है।भाई के मोबाइल मंगकर काम चलाती थी।

सवाल- आप क्या बनना चाहती हैं?

जवाब-बचपन से ही सपना है-मैं सायकोलॉजिस्ट बनु।मैं अब आगे की पढाई बायोलॉजी विषय लेकर करुँगी,Aiims के लिए तैयारी करुँगी फिर सायकोलॉजिस्ट के सपना को पूरा कर दिखाउंगी।

सवाल- पढ़ाई के अलावा और क्या क्या शौक हैं?

जवाब-मुझे गाने सुनना और चेस खेलना पसंद हैं।मैं पढ़ाई के दौरान भी इनके लिए समय निकाल लेती थी।

सवाल- छात्रों के लिए आप क्या कहना चाहती हैं?

जवाब-प्रतिदिन कम से कम २-३ घंटा पढाई करें,डॉउट होने पर टीचर व पैरेंट्स की मदद जरूर ले,चीज़ों को अच्छी तरह समझकर बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती हैं।लेकिन,जब जुनून और जज़्बा बना रहे।

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