वेतन वृद्धि रिलीज से थोड़ी खुशी थोड़ा गम

बिलासपुर – आज मुख्यमंत्री का प्रेस कांफ्रेंस का वीडियो वाइरल होने से शिक्षाकर्मी से शिक्षक बने एलबी सहायक शिक्षकों में जहां कुछ खुशी है तो वहीं संविलियन उपरांत वेतन विसंगति की बात आते आते रह जाने का दुख है।यह कहना है सहायक शिक्षक नेता शिव सारथी का जिसने प्रेस नोट जारी करते हुए कहा है कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार से लेकर कांग्रेस की वर्तमान सरकार दोनों ने शिक्षक एलबी संवर्गो के लिए वेतन विसंगति की जन्म देने में बराबर – बराबर सहभागिता निभाया है।

जहां भाजपा शासन में 8 साल की सेवा अवधी उपरांत समयमान वेतनमान/उच्चतर वेतनमान के बाद नियमित शिक्षकों का प्रारम्भिक वेतन देकर तथा प्रत्येक दो वर्ष में एक मात्र वेतन वृद्धि देकर आर्थिक शोषण किया।वहीं दुःख में दोहरा शिक्षा विभाग में संविलियन उपरांत 1 जुलाई 2018 से सेवा गणना कर पूरे उम्र की सेवा को शून्य घोषित कर दिया।

वहीं कांग्रेस की सरकार ने दो वर्ष में संविलियन करने के बाद बाकी की सेवा अवधी का न तो गणना किया और न ही अतिरिक्त वेतन वृद्धि दिया।यही कारण है कि प्रदेश का सहायक शिक्षक सहित अभी एलबी संवर्ग आज भी अपने को ठगा महसूस कर रहा है।

आगे शिव सारथी का कहना है कि ऐसा नहीं है कि राज्य शासन और सरकार के मुखिया को वर्षों से उपेक्षित और शोषित शिक्षको की दुर्दशा का ज्ञान नहीं है।उन्हें वस्तु स्थिति का पूरा भान है तभी तो कांग्रेस पार्टी चुनाव पूर्व घोषणापत्र से लेकर चुनाव उपरांत सार्वजनिक मंच में हमारे वेतन वृद्धि और क्रमोन्नति कि बात बोल चुके हैं।बावजूद इसके उसकी समस्या समाधान का कोई छोर दिखाई नहीं देता उल्टे सरकार के सचिव और संचालक वार्ता के बहाने मांग को पूरा करने के बजाए समय गुजर रहे है।जिससे एलबी संवर्ग के शिक्षकों में घोर निराशा है।आज भले ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा वार्षिक वेतन वृद्धि जनवरी में देने की स्वीकारोक्ति से थोड़ा सुकून मिला है पर जब तक पुरानी सेवा अवधी कि गणना दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा अवधी का वेतन वृद्धि और क्रमोन्नत/समयमान वेतनमान के आधार पर वेतन निर्धारण नहीं होगा शिक्षकों के समस्याओं का अंत नहीं होगा।

यह तब और भी ज्यादा जरूरी इसलिए हो जाता है कि हजारों एलबी संवर्ग के शिक्षक सेवानिर्वित होने के कगार में खड़े है जो जिस पद और वेतनमान में न्युक्त हुए थे उसी में सेवा समाप्ति का दंश झेलना पड़ेगा।

इसलिए शिक्षक शिव सारथी,राजेश्वर जनीक सोनी,रामकृष्ण साहू,मनीष डनसेना,प्रमोद कीर्ति,विनोद गोयल, देवानंद बजारे,चुरावन तरुण,अमलेश पाली,प्रकाश बनजारे,रोहित साहू,शाहिदा खान,दुर्गा खरे,प्रिती छाबड़ा,पवन सोनवानी,रविन्द्र कुशवाहा,रश्मि छाबड़ा,रामदत्त पटेल,हितेंद्र श्रीवास,प्रकाश शर्मा, दशमत जायसवाल,वीरेंद्र यादव,रामजी चतुर्वेदी,राम निवास साहू चन्द्र शेखर साहू,नरेंद्र सोनी सहित हजारों शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से एलबी संवर्ग के शिक्षकों की समस्या वेतन विसंगति,क्रमोन्नति और पदोन्नति को जल्द सुलझाने की मांग किए है।

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