राजनांदगांव जिले में साढे 12 हजार क्विंटल धान के शार्टेज की खुली पोल

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राजनांदगांव MyNews36 प्रतिनिधि- छत्तीसगढ़ की सत्ता में आने के बाद अपनी घोषणा के अनुरूप कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने किसानों को धान का उचित दाम देने में तो कोई कसर बाकि नहीं छोड़ी पर खरीदी करने वाले अमलों ने भी जमकर अपना उल्लू सीधा किया है।सोसाइटियों से धान के मिलरों और संग्रहण केंद्रों के लिए उठाव के मिलान के बाद अब यह खुलासा होने लगा। अकेले राजनांदगांव जिले में साढे बारह हजार क्विंटल यानी करीब सवा दो करोड़ रूपए से अधिक के धान के शार्टेज का मामला सामने आने के बाद लपेटे में आए सोसाइटी प्रबंधकों और वहां के कर्मचारियों हाथ-पांव फूल गए हैं। इधर मार्कफेड, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और फूड विभाग धान शार्टेज के मामले को काफी गंभीरता से ले रहा है।

बताया जाता है कि हाल ही में कलेक्टर टीके वर्मा ने इस मामले की समीक्षा के दौरान धान के शार्टेज को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सोसाइटियों को शार्टेज की पूरी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए है।माना जा रहा है कि रिपोर्ट में यदि हीला-हवाला सामने आया तो ऐसे सोसाइटियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की कार्रवाई भी की जा सकती है?

ज्ञात हो कि पूरे प्रदेश में इस बार कांग्रेस की सरकार द्वारा किसानों के धान को 1835 और 1815 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा गया था। राजनांदगांव जिले 89 सोसाइटियों के अंतर्गत कुल 117 धान खरीदी केंद्रो के माध्यम से 67 लाख 54 हजार क्विंटल धान की खरीदी की गई थी। जिले के एक लाख 65 हजार 275 किसानों को किसानों को मई माह में राजीव गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर सरकार ने अपनी घोषणा के अनुरूप 25 सौ रूपए प्रति क्विंटल के अंतर की राशि की पहली किश्त भी किसानों के खाते में डाली थी। दूसरी किश्त की राशि बीस अगस्त को डाली जाएगी। ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ के तहत किसानों को उनके द्वारा 2500 रूपए क्विटल में बेचे गए धान के मूल्य की अंतर की राशि प्रदान करने का सिलसिला जारी है। इस बीच पूरे प्रदेश में धान के शार्टेज का मामला सामने आया है। राजनांदगांव जिले के 18 सोसाइटी धान के शार्टेज के मामले में कटघरे में आ गए है जहां बड़े पैमाने पर खरीदी में घोटाला सामने आया है। धान के शार्टेज को सोसाइटी वाले हालाकि सूखत का मामला बता देते हैं पर वास्तव में सोसाइटियों से ही इसकी अपरा-तफरी कर दी जाती है।

इन सोसाइटियों में शार्टेज का मामला

सरकारी आंकडों के अनुसार जिले के जिन सोसाइटियों और धान उपार्जन केंद्रो में धान के शार्टेज का मामला सामने आया है उसमें आंतरगांव, छछानपहरी, औधी, सीतागांव, कुमर्दा, कुहीकला, कोकपुर, कौड़ीकसा, खुर्सीपार मुढीपार, गैंदाटोला, गोटाटोला, घुमका, पटेवा, चिल्हाटी, चौकी, छुरिया, जोशी लमती,, डोकराभांठा, ढाढूटोला, ढारा, नचनिया, पनियाजोब, भर्रीटोला, महराजपुर, सडक चिरचारी, साल्हेटोला, गहिराभेड़ी, लाल बहादुर नगर, पैलीमेटा, सीतागोटा, सिंघोला, कनेरी, मानिकचौरी, मेढा, मडियान, चारभांठा, शिकारी महका, बोरतलाव, बागरेकसा शामिल है। इसमें कई सोसाइटियां ऐसे है जहां पांच सौ क्विंटल से अधिक के धान के शार्टेज का मामला सामने आया है वहीं कुछ धान खरीदी केद्रों में सौ क्विंटल से कम के शार्टेज का मामला है।

MyNews36 प्रतिनिधि पूरन साहू की रिपोर्ट

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