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ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ में कोरोना काल में भी प्रतिदिन 26 लाख लोगों को मिला रोजगार,गोधन न्याय योजना से रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली गति

रायपुर- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज पाटन ब्लाक के ग्राम सेलूद पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित कार्यक्रम में कहा कि ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों की तरक्की और खुशहाली से ही समाज में खुशहाली लाई जा सकती है। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में कई अभिनव योजनाएं शुरू की गई है। जिससे उन्हें सीधा लाभ मिलने लगा है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सेलूद में 8 करोड़ रुपए के लागत से मिनी स्टेडियम के निर्माण और वहां इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने गौठानों में महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों के संचालन के लिए शेड निर्माण हेतु 5 करोड़ रूपए तथा क्षेत्र में 25 स्थानों पर ओपन जिम की स्थापना की भी स्वीकृति दी। उन्होंने पाटन इलाके ग्राम पंचायतों में विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए 9 करोड़ 88 लाख रुपए स्वीकृत किये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के चलते ग्रामीण विकास के तेजी से पिछड़ने की आशंका थी लेकिन सरकार ने ऐसे निर्णय लिए, जिससे छत्तीसगढ़ राज्य में आर्थिक गतिविधियां कम से कम प्रभावित हुईं। मनरेगा के तहत जरूरतमंद लोगों को रोजगार देने का काम छत्तीसगढ़ राज्य ने सबसे पहले शुरू किया और इसे वृहद पैमाने पर संचालित कर लोगों की मदद की। इससे ग्रामीण विकास के साथ-साथ लोगों की आर्थिक स्थिति अप्रभावित रही। कोरोना काल के दौरान राज्य में प्रतिदिन औसत रूप से 26 लाख लोगों को काम मिला।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वनांचल में लघु वनोपज की खरीदी से लोगों को लघु वनोपज का वाजिब मूल्य मिला है। गोधन न्याय योजना से पशुपालकों को लाभ मिलना शुरू हो चुका है। इससे पशुधन के रखरखाव के संबंध में जागरूकता आई है। अब गोबर कीमती वस्तु है। इससे लोग पशुओं को अधिकाधिक समय कोठा में ही रखना पसंद करते हैं। पहाटिया भी इसके प्रति काफी जागरूक हैं क्योंकि गोधन न्याय योजना के माध्यम से गोबर का महत्व काफी बढ़ गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नरवा योजना के माध्यम से वाटर रिचार्ज के कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। बिलासपुर और सूरजपुर को केंद्र सरकार की ओर से इस कार्य के लिए पुरस्कृत भी किया गया है। उन्होंने कहा कि गौठान को आजीविका केंद्र के रूप में विकसित करना है। महिलाओं को यहां काम करने में आसानी हो, इसके लिए शेड स्वीकृत किये गए हैं। इस बार दीवाली के मार्केट में महिलाओं की अहम भागीदारी है। इन्हें अन्य उत्पादों के निर्माण के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

कोरोना काल में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, यह हमने सुनिश्चित किया। तीन महीने का राशन मुफ्त में दिया। मध्याह्न भोजन बच्चों के घरों में भेजा गया। इसके साथ ही आंगनबाड़ी के बच्चों के घरों में भी सप्लाई जाती रही। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र की समस्याएं भी सुनी एवं जनप्रतिनिधियों ने उनसे नवीन निर्माण कार्यों और अन्य सुविधाओं की मांग भी की। इस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को उक्त संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिये।

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