सतत विकास लक्ष्यों की पूर्ति के लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण

सतत विकास लक्ष्यों के प्रति जागरूकता के लिए वर्चुअल वेबिनार का आयोजन

रायपुर- राज्य योजना आयोग द्वारा ‘सतत विकास लक्ष्य’ विषय पर आज वर्चुअल वेबीनार का आयोजन किया गया। वेबीनार में राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष अजय सिंह, सदस्य डॉ. के. सुब्रमणियम, सदस्य सचिव अनुप कुमार शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा सहित प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं उच्च शैक्षणिक संस्थानों के कुलपति, शिक्षकों सहित 450 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वेबीनार का आयोजन का उद्देश्य शिक्षक व छात्र समुदाय को सतत विकास लक्ष्यों के प्रति जागरूक करना है।

अजय सिंह ने बताया कि विगत माह आयोग ने विश्वविद्यालयों, उच्च शैक्षणिक संस्थानों के साथ एम.ओ.यू. किया है, जिसके प्रथम कड़ी के रूप में इस वेबीनार का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने विश्विद्यालयों के कुलपतियों व छात्रों का आह्वान किया कि प्रदेश में एसडीजी के लक्ष्यों की पूर्ति में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। श्री सिंह ने सभी छात्र समुदायों से सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में अपना सक्रिय योगदान देने की भी अपेक्षा की। मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा ने सतत विकास लक्ष्य के विकास व राज्य में इसकी संभावनाओं के बारे में बताया। उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं एवं उनके सतत विकास लक्ष्यों से सुसंगति की भी जानकारी दी।

एम्स रायपुर के संचालक डॉ नितिन नागरकर ने एसडीजी एजेण्डा 2030 के संबंध में योजना आयोग द्वारा आयोजित वेबीनार को सामयिक और महत्वपूर्ण प्रयास बताते हुए कहा कि वर्तमान में एम्स में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना कर एसडीजीकी अपेक्षा अनुसार राज्य के महिलाओं में रक्त की कमी को दूर करने, महिलाओं को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने जैसे प्रयास किये जा रहे हैं। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ संजय पाटिल ने कहा कि एसडीजी एजेण्डा के ग्यारह गोल कृषि विषय से संबंधित हैं जिससे इस सेक्टर में जनकल्याण के क्षेत्र में कार्य करने का अवसर प्राप्त हो सकेगा। छात्र भी आज की कार्यशाला से लाभान्वित हो सकेंगे व एसडीजी उद्देश्य प्राप्त करने के लिए अपने तकनीकी और ज्ञान कौशल का योगदान दे सकेंगें। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने बायोफोर्टिफाइड वेरायटी के अनाज विकसित किए हैं जिससे कुपोषण की समस्या कम करने में सहायता मिलेगी। वेबीनार में छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक अपने विचार व्यक्त किए।

सतत विकास लक्ष्यों को संयुक्त राष्ट्रसंघ की सामान्य सभा में 193 राष्ट्रों द्वारा ‘ट्रांसफार्मिंग अवर वर्ल्ड: 2030 एजेंडा फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ संकल्प द्वारा 25 सितंबर 2015 को अपनाया गया। इस एजेंडे में 17 सतत विकास ध्येय और 169 टारगेट शामिल हैं। जिनमें गरीबी, भूखमरी, वंचन की समाप्ति, अच्छा स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना, लैंगिक व अन्य असमानताओं को कम करना, स्वच्छ जल और स्वच्छता, उपयुक्त जलवायु कार्रवाई प्रदान करना इत्यादि लक्ष्य शामिल हैं। छत्तीसगढ़ राज्य भी इन लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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