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देश में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी जारी है।रोजाना संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है, साथ ही मृतकों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।ऐसे में एक राहत भरी खबर सामने आई है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक कोरोना के इलाज में सबसे कारगर दवा मानी जा रही रेमडेसिवीर की 20 हजार वियाल तैयार गई है। अमेरिकी कंपनी गिलीड साइंसेस द्वारा निर्मित इस दवा को भारत में बनाने के लिए देश की सबसे बड़ी फार्मा कंपनी हेटेरो लैब्स को लाइसेंस दिया गया है।कंपनी ने देश में कोविफोर नाम से पहला जेनेरिक संस्करण तैयार किया है। कंपनी के मुताबिक इस दवा का इस्तेमाल बालिगों, बच्चों और अस्पतालों में गंभीर संक्रमण की वजह से भर्ती मरीजों के इलाज में किया जा सकता है। यह दवा इंजेक्शन लगाने के लिए 100 एमजी की शीशी में उपलब्ध होगी, जिसकी कीमत 5400 रुपये प्रति शीशी होगी।

हेटेरो हेल्थकेयर द्वारा बुधवार को दिए गए बयान में कहा गया कि कंपनी 20,000 दवाओं को 10000-10000 के दो सेट में बांटेगी। पहले खेप में शीशियों की आपूर्ति हैदराबाद, दिल्ली, गुजरात, तमिलनाडु, मुंबई तथा महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में होगी। इसके बाद दूसरे खेप में शेष 10000 शीशियों की आपूर्ति कोलकाता, इंदौर, भोपाल, लखनऊ, पटना, भुवनेश्वर, रांची, विजयवाड़ा, कोचिन, त्रिवेंद्रम और गोवा में एक सप्ताह में की जाएगी। 

कंपनी ने यह भी कहा कि वो सरकार के साथ मिलकर दवाओं की मात्रा बढ़ाने के प्रयास में लगी हुई है और कोशिश कर रही है कि ये सभी जरूरतमंदों को आसानी से मिल सके। साथ ही कंपनी ने दवा के इस्तेमाल के लिए कई दिशानिर्देश भी दिए हैं।

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