कोतवाली पुलिस ने एफआईआर में गढ़ी फर्जी कहानी!

राजनांदगांव MyNews36 प्रतिनिधि- जब दाग पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के दामन पर लगे और यदि घटना उसके घर-परिवार से जुड़ा होना सामने आए तो उसका मातहत अमला घटना के हालात् और घटना की स्थिति, परिस्थिति को बदलने में किस कदर अपनी ताकत झोंक देते हैं इसका एक सनसनीखेज मामला सामने आया है राजनांदगांव जिले में..! मामला ऐसा है कि राजनांदगांव जिले के सीएसपी मनीशंकर चंद्रा के सनसिटी कंचनबाग स्थित मकान में ही झाडू पोंछा करने वाली एक महिला से सीएसपी के घर खाना बनाने वाले पुलिस के ही जवान ने कुकुर्म को अंजाम दे दिया पर सिटी कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट ऐसी लिखी कि मूल घटना स्थल को ही बदल दिया। अपनी वर्दी का दुरूपयोग और ‘परित्राणाय साधूनाम’ को भूलकर कर कोतवाली पुलिस एफआईआर में रेप की मूल घटनास्थल को बदलने में तो कामयाब हो गई पर पीडि़त महिला ने माननीय कोर्ट में सीएसपी श्री चंद्रा के सनसिटी स्थित मकान में ही उनके साथ बलात्कार होना बताकर कोतवाली पुलिस की कुकुर्म जैसे अपराध की परिस्थितियों पर पर्दा डालने में सहभागिता और एक सोची-समझी षडयंत्रकारी एफआईआर की पूरी तरह पोल खोल कर रख दी।

बलात्कार पीडि़ता और उसके पति ने साफ तौर पर कहा कि शहर कोतवाली की महिला पुलिस और अन्य अधिकारियों ने उन्हे तमाम तरह से डरा-धमकाकर, टार्चर करते हुए उन्हे बार-बार यह कहने के लिए दबाव डाला कि वे रेप की घटना को चंद्रा साहब का घर न बताकर खुद (पीडि़ता का घर) का घर बताए तो वह बच जाएगी? घटना हालाकि बीस दिन पुरानी है पर सत्यकथा पर आधारित है। मामला पुलिस के बड़े अधिकारी से जुड़े होने के कारण अभी तक उजागर नहीं हो पाया था। 12 जून 2020 को शहर कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 294/ 2020 में फिलहाल कुकुर्म के आरोपी पुलिस आरक्षक क्रमांक 213 रमेश कुमार एल्ले पिता स्व. किशन लाल एल्ले को भादवि की धारा 376 और 450 के तहत जेल भेज दिया गया है। इधर आरक्षक को सस्पेंड कर विभागीय जांच भी की जा रही है।

सीएसपी के घर में खाना बनाने आता था सिपाही

पूरे मामले की पड़ताल और दर्ज एफआईआर में घटनाक्रम की जो जानकारी सामने आई है वह कुछ इस प्रकार है। राजनांदगांव लखोली की एक महिला सीएसपी मनीशंकर चंद्रा के सनसिटी कंचनबाग स्थिति मकान में करीब 6-7 महिने से झाडू पोंछा का काम करने जाती थी। खाना बनाना छोड़ बाकि घर का पूरा काम करती थी। सीएसपी साहब की पत्नी जब अपनी मायकेे चली गई तब उसके घर सिपाही रमेश कुमार एल्ले खाना बनाने आता था। पीडि़ता और पीडि़ता के पति के बताए अनुसार जब साहब श्री चंद्रा आफिस चले जाते थे तब खाना बनाने वाला सिपाही उसके साथ कमरे को बंद कर कुकुर्म करता था। पीडि़ता के अनुसार जब वह मना करती थी तो सिपाही उनसे यह कहता था कि वह तो पुलिस वाला है बच जाएगा, वह फंस जाएगी।

इधर दर्ज एफआईआर में कोतवाली पुलिस ने बलात्कार की घटना को दिनांक 10 जून 2020 की दोपहर का उल्लेख करते हुए महिला के घर में ही सिपाही द्वारा उसे ‘जमीन में लिटाकर’ संबंध बनाए जाने का उल्लेख किया है। धरातली सच पर जाए तो पुलिस का यह एफआईआर इसलिए बनावटी साबित होता है क्योंकि पीडि़ता के घर में छह बाई चार के बिस्तर के अलावा ऐसी कोई जमीन शेष नही हैं जहां कुकर्म को अंजाम दिया जा सके? इसके अलावा पीडि़ता के घर के आसपास का माहौल बिल्कुल भी ऐसा नहीं है कि सिपाही बेझिझक उसके घर में ही कुकुर्म को अंजाम दे सके?

सीएसपी के घर चोरी से खुला पूरी घटना का राज

पुलिस विभाग को शर्मशार कर देने वाली इस घटना के पड़ताल में जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक सीएसपी मनीशंकर चंद्रा जब कुछ दिनों के लिए घर से बाहर जाने के बाद पुन: घर लौटे तो उनके घर से कुछ जेवरात और नगदी रकम गायब मिला। रकम और जेवरात की चोरी की शक की सुई सीधे सिपाही रमेश कुमार एल्ले और झाडू पोंछा वाली बाई की ओर इसलिए घुमी क्योंकि उनके घर इन दोनों अलावा और किसी बाहरी व्यक्ति का आना-जाना नहीं था। बताया जाता है कि सीएसपी श्री चंद्रा ने चोरी की जानकारी शहर कोतवाली पुलिस को दी। पुुलिस ने झाड़ू पोंछा वाली बाई को 12 जून को ही थाने में लाया और उनसे पुछताछ की तो महिला ने काम के दौरान झाडूपोंछा करते हुए एक टूटीफूटी सोने की अंगूठी को पाना स्वीकार किया। शहर कोतवाली के टीआई वीरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि घटना दिनांक को वे अवकाश पर थे आने के बाद उन्हे घटना की जानकारी मिली है।

ठेठवार पारा में बेची सोने की अंगूठी और खरीदी बाली

शहर कोतवाली थाने में पुछताछ के दौरान झाडू पोंछा वाली बलात्कार पीडि़ता बाई ने पुलिस को साफ-साफ यह भी बता दिया कि ठेठवार पारा के किसी सोनार के पास अंगूठी को बेची थी और उसके बदले में अपनी बच्ची के लिए दो बाली खरीदी थी। इधर महिला ने यह खुलासा कर दिया कि रूपयों को सिपाही ले गया था। इधर महिला ने जब यह भी खुलासा किया कि उसके साथ सिपाही रमेश कुमार एल्ले ने सीएसपी चंद्रा साहब के घर में ही कुकर्म भी किया है तो कोतवाली पुलिस के पांव तले से जमीन खिसक गई। साहब को फजीहत से बचाने किसी तरह से कुकुर्म की घटना स्थल पर पर्दा डालते हुए एफआईआर तो लिख दिया गया किन्तु कोर्ट में धारा 164 के बयान के दौरान महिला ने पूरी सच्चाई उगल दी। जानकारी के अनुसार अपराध क्रमांक 295/2020 भादवि की धारा 380, 454 के तहत महिला को रविवार 14 जून को कोर्ट में भी पेश किया गया जहां पुलिस ने ही एक वरिष्ठ अधिवक्ता के माध्यम से महिला की जमानत भी करवा दी।

MyNews36 प्रतिनिधि पुरन साहू की रिपोर्ट

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