रायपुर: सिविल लाइंस इलाके में मंगलवार देर रात अफरा-तफरी मच गई। मुख्यमंत्री निवास को जाने वाली सड़क पर एक युवक आज मैं यहीं जलकर मर जाउंगा। रायपुर पुलिस को तब पता चलेगा- कहकर चींखने लगा। युवक के हाथ में पेट्रोल की बोतल थी, वो खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने वाला था।

शोर सुनकर CM हाउस के सामने सुरक्षा में रहने वाले पुलिसकर्मी भागकर उसकी तरफ गए। पुलिस वालों को देखकर युवक भागने कीे कोशिश में था, मगर उसे दबोच लिया गया। फौरन एक पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। पुलिस की गाड़ी में बैठाकर युवक को थाने लाया गया। पुलिस ने यहां उसे शांत किया फिर उसने नाम सुमित माटा बताया। कहा कि उससे जुड़े एक मामले में राजेंद्र नगर थाने की पुलिस केस दर्ज नहीं कर रही, इसलिए उसने परेशान होकर जान देने की सोची। पुलिस ने युवक के घर वालों को खबर दी। रात को इसे थाने में ही काफी देर तक बिठाए रखा।

अपहरण और चाकू से हमला, मगर मारपीट की धारा में केस

दरसअल ये विवाद दो दिन पुराना है सुमित 14 फरवरी को शहर के राजेंद्र नगर थाने में पहुंचा था। यहां उसने अपने साथ हुई वारदात की शिकायत की। अपनी शिकायत में सुमित ने बताया है कि- मैं महावीर नगर शुभम विहार का रहने वाला हूं। आज दिनांक 14 फरवरी की शाम करीब 05:30 बजे महावीर नगर साईं मंदिर के पास अपने दोस्त श्रेयांश के साथ ठेले में मोमोस खा रहा था।

तभी वहां पर ब्रेजा कार आकर रुकी, जिसमें से कृष्णा लखवानी और उसके साथी विक्का सिधु, सहेज जीवान , विशाल लखवानी उतरे। ये हम लोगो के पास आये। कृष्णा लखवानी ने मुझे गालियां दी। कृष्णा का भाई सोहन हमारे साथ घूमता है, ये उसे पसंद नहीं इसलिए वो कहने लगा कि उसका साथ छोड़ दो। इतना कहकर उन सभी ने हमें पीटा। विशाल लखवानी ने श्रेयांश को कोई नुकीले चीज से मारा जिसे उसके पीठ में खून निकलने लगा। श्रेयांश वहां से भाग गया।

मारपीट के बाद कृष्णा लखवानी ने सुमित को कार में बैठाकर, टिकरापारा लेकर गये वहां भी उसे पीटा। सुमित ने अपने पिता राजेश माटा को फोन कर मदद मांगी तब लड़कों ने उसे छोड़ा। अब सुमित इस बात से परेशान है कि पुलिस ने हत्या का प्रयास, चाकू से हमला और अपहरण कर ले जाकर पीटने की वजह से गंभीर धाराओं में युवकों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया। अब अफसर इस मामले में कार्रवाई की बात कह रहे हैं।

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