रायपुर – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बिरगांव में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआइसी) अस्पताल 2019 से तैयार है, लेकिन चिकित्सा सेवा शुरू होने नहीं होने से केंद्रीय अस्पताल योजना के दायरे में आने वाले तीन लाख कर्मचारियों और उनके परिवार समेत 15 लाख से अधिक लोगों का इंतजार समाप्त नहीं हो रहा। पांच एकड़ में फैले अस्पताल परिसर में झाड़-झंखाड़ खड़े हो गये हैं। इसका उपयोग नहीं होने के कारण भवन भी खंडहर प्रतीत होने लगा है।

ईएसआइसी भवन का निर्माण करने वाली कंपनी हिंदुस्तान प्रीफेब लिमिटेड (एचपीएल) ने दावा किया काम पूरा हो चुका है, लेकिन ईएसआइसी केउदासीन रवैया के कारण उनको सुपुर्द नहीं किया जा सका है। वहीं ईएसआइसी ने अस्पताल निर्माण के करीब 25 फीसद काम अधूरे होने, भवन निर्माण को लेकर नगरीय प्रशासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिलने समेत अन्य खामियों के लिएएचपीएल को दोषी ठहराया है।

बिना काम के चिकित्सा कर्मी बेकार

विभागीय जानकारी के मुताबिक इस अस्पताल के लिए प्राथमिक स्तर पर 200 से अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता है। 100 बिस्तरों के अस्पताल को पहले चरण में 50 बिस्तर से शुरू किया जाना है। इसके लिए चिकित्सक, नर्सिंग कर्मी व पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती हो चुकी है, लेकिन अधूरे अस्पताल की वजह इनके पास काम ही नहीं है।

कोविड केयर सेंटर था संचालित

खास बात यह है कि कोरोनाकाल में राज्य सरकार ने इस भवन को कोविड केयर सेंटर के रूप मेंसंचालित किया है। नवंबर में भवन को राज्य केस्वास्थ्य विभाग ने खाली कर दिया, लेकिन इसमें काफी कुछ तोड़फोड़ दिया गया। इसका भी आकलन अब तक नहीं हुआ है।

2019 में काम पूरा

ईएसआइसी अस्पताल का काम वर्ष 2019 में हमने पूरा कर दिया है। उस दौरान निर्माण की जांच करने के नाम पर नहीं लिया। कोरोनाकाल में खाली भवन में राज्य शासन ने कोविड अस्पताल चलाया। अब इसे भी खाली कर दिया गया है। भवन की सुपुदर्गी को लेकर ईएसआइसी से कई बार बात हुई। उनके द्वारा ध्यान नहीं नहीं दिया जा रहा।

-फैजी एहसान, प्रोजेक्टर इंजीनियर, (एचपीएल) निार्मण एजेंसी

भवन निर्माण में खामियां

अस्पताल निर्माण कार्य अंतिम स्तर पर था, तभी कोविड के लिए इसे एजेंसी ने राज्य शासन के सुपुर्द कर दिया। वर्तमान में भवन निर्माण की कुछ कमियों को एचपीएल को इंगित कराया गया है। निर्माण पूरा करने के बाद ही सुपुदर्गी लेने और अस्पताल प्रारंभ करने के संबंध में निर्णय लिए जाएंगे।

-सत्यानंद विकास, सहायक निदेशक, संपत्ति प्रबंधन विभाग, क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर

फैक्ट फाइल

  • 5 एकड़ में बना है विशाल अस्पताल
  • 100 बिस्तरों का है अस्पताल
  • 50 बिस्तर पहले चरण में होंगे शुरू
  • 15 लाख से अधिक को मिलेगा लाभ
  • 25 फीसद काम अब भी हैं अधूरे

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