रायपुर – छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्कूल खुलते ही निजी स्कूलों की फीस, किताब-कापी और यूनिफार्म में मनमानी उजागर हो रही है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के नेतृत्व में लगातार दूसरे दिन शहर और ग्रामीण दोनों ही इलाकों की निजी स्कूलों की जांच की गई।शनिवार को 16 स्कूलों की जांच में छह स्कूल ऐसे मिले, जहां पर शिक्षा के अधिकार कानून (आरटीई) की धज्जियां उड़ाई जा रही है। निजी स्कूल न केवल मनमानी फीस वसूल रहे हैं, बल्कि अपनी दुकान भी चला रहे हैं। इनके ही इशारे पर अभिभावक किताब, कापी, ड्रेस, जूते-मोजे तक लेने के लिए मजबूर हैं। निजी स्कूलों की एकाधिकार व्यवस्था से अभिभावकों की जेब कट रही है।

केस-एक : कागज पर आठ फीसद और वसूल रहे मनमाना

डीईओ की टीम ने पाया कि नवकार पब्लिक स्कूल नवापारा में स्कूल प्रबंधक ने फीस समिति के जरिए आठ प्रतिशत शुल्क वृद्धि का अनुमोदन कराया है, लेकिन यहां मनमानी फीस वसूली जा रही है। केपीएस, गोबरा नवापारा के स्कूल प्रबंधक ने निरीक्षण टीम को फीस समेत स्कूल के प्रमुख दस्तावेज उपलब्ध ही नहीं कराया।

स्कूल प्रबंधक को तत्काल नोटिस देते हुए समस्त दस्तावेज के साथ कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है। इसके साथ ही शासकीय विद्यालय के नोडल अधिकारी को भी नोटिस जारी किया गया है।

केस-दो : स्कूल तय कर रहा यूनिफार्म और कापी-किताब की दुकान

डीईओ की टीम ने पड़ताल में पाया कि कांगेर वैली एकेडमी, रायपुर ने फीस निर्धारण समिति को अनुमोदन और समिति गठन संबंधी कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया। यूनिफार्म, किताब-कापी के लिए स्कूल प्रबंधन ने अपने हिसाब से ही दुकान तय करवा दी है। प्रबंधक को तत्काल नोटिस देते हुए समस्त दस्तावेज के साथ कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

केस-तीन : खोल ली कापी-किताब की दुकान, मान्यता का पता नहीं

मनमानी का स्थिति यह है कि शहर के रेडिएंट-वे स्कूल ने तो अपने परिसर में ही अभिभावकों के लिए अलग से दुकान खुलवा दी है। डीईओ की टीम ने पाया कि स्कूल प्रबंधन के पास विभागीय मान्यता संबंधी कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। स्कूल परिसर में स्कूल प्रबंधन द्वारा ही पाठय पुस्तकों और कापियों का विक्रय किया जा रहा है। इसी तरह स्वामी आत्मानंद विद्यापीठ, तिल्दा को विभागीय मान्यता कक्षा नर्सरी से आठवी तक प्राप्त है, लेकिन स्कूल प्रबंधक द्वारा आरटीई के अंतर्गत नर्सरी कक्षा के स्थान पर केजी वन में प्रवेश दिया जा रहा है ।

केस-चार : व्यवस्था चौपट, मान्यता के दस्तावेज मिले बिखरे

कृष्णा पब्लिक स्कूल, डूंडा, रायपुर में तो मान्यता और स्कूल के अन्य दस्तावेज का रख-रखाव सही तरीके से नहीं है। जिसके लिए स्कूल के चेयरमैन को नोटिस दिया गया है। स्कूल प्रबंधक को दस्तावेज के साथ जिला कार्यालय रायपुर में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं ।

केस-पांच : सरकारी किताब उठा रहे पर नहीं पढ़ा रहे स्कूल

भामाशाह स्कूल, छत्तीसगढ़ नगर में अध्यापन कक्ष एवं प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी पाई गई और फीस वृद्धि नहीं की गई, लेकिन फीस समिति की बैठक और अनुमोदन प्राप्त नहीं किया गया। इसके अलावा स्कूल को उपलब्ध कराई गई निश्शुल्क सरकारी किताबों का वितरण बच्चों को नहीं किया गया।

केस-छह : इन स्कूलों में मिली प्रेरक पहल

दिल्ली पब्लिक स्कूल और रेडियंट-वे स्कूल में सकारात्मक पहल पाई गई। जो विद्यार्थी गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं अथवा जिनके पिता नही है, उन बच्चों को फीस में 100 प्रतिशत अथवा 50 प्रतिशत तक की छूट दी गई है।

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