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राहुल की पीएम मोदी को चुनौती,बिना पुलिस यूनिवर्सिटी जाकर दिखाएं

Rahul challenge to PM Modi,Rahul challenge to PM Modi

Rahul challenge to PM Modi

नई दिल्ली- संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई विपक्ष की बैठक में कुल 20 दल शामिल हुए।विपक्ष की बैठक के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कई मुद्दों को लेकर सरकार और पीएम मोदी पर हमला बोला।राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर देश को बांटने का आरोप लगाया साथ ही उन्हें यूनिवर्सिटी जाने की चुनौती दे डाली।

राहुल ने कहा कि-मोदी सरकार युवाओं की समस्या का समाधान करने के बजाय राष्ट्र को विचलित करने और लोगों को विभाजित करने की कोशिश कर रही है। युवाओं की आवाज जायज है, इसे दबाया नहीं जाना चाहिए, सरकार को इसे सुनना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी में युवाओं को यह बताने की हिम्मत होनी चाहिए कि भारतीय अर्थव्यवस्था एक आपदा बन गई है।उनमें छात्रों के सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं है। मैं उन्हें किसी भी विश्वविद्यालय में जाने के लिए चुनौती देता हूं, बिना पुलिस के वहां जाएं और लोगों को बताएं कि वह इस देश के लिए क्या करने जा रहे हैं।

राहुल ने यह दावा भी किया कि अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर नाकाम होने के कारण मोदी देश का ध्यान का भटका रहे हैं और लोगों को बांट रहे हैं।उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था और रोजगार की स्थिति को लेकर युवाओं में गुस्सा और डर है क्योंकि उन्हें अपना भविष्य नहीं दिखाई दे रहा है।सरकार का काम देश को रास्ता दिखाने का होता है,लेकिन यह सरकार इसमें नाकाम हो गई है।इसलिए विश्वविद्यालयों, युवाओं और किसानों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

इस स्थिति को ठीक करने की बजाय नरेंद्र मोदी ध्यान भटकाने और देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं।देश की जनता समझती है कि मोदी जी अर्थव्यवस्था, रोजगार और देश के भविष्य के मुद्दों पर विफल हो गए हैं।

राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री को युवाओं और छात्रों की आवाज सुननी चाहिए।उनकी बात का जवाब देने का साहस करना चाहिए।उन्हें यह बताने का साहस करना चाहिए कि देश की अर्थव्यवस्था की ऐसी हालत क्यों हुई है।मुझे पता है कि उनमें ऐसा करने का साहस नहीं है।

20 दलों के नेता हुए शामिल

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई इस बैठक में 20 दलों के नेता शामिल हुए।इस बैठक में सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शनों और कई विश्वविद्यालय परिसरों में हिंसा के बाद पैदा हुए हालात,आर्थिक मंदी तथा कई अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।

पार्लियामेंट एनेक्सी में हुई बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, राकांपा प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, ए के एंटनी, के सी वेणुगोपाल, गुलाम नबी आजाद और रणदीप सुरजेवाला, माकपा के सीताराम येचुरी, भाकपा के डी राजा, झामुमो के नेता एवं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राकांपा के प्रफुल्ल पटेल, राजद के मनोज झा, नेशनल कांफ्रेस के हसनैन मसूदी और रालोद के अजित सिंह मौजूद थे।

इसके साथ ही आईयूएमएल के पी के कुन्हालीकुट्टी, लोकतांत्रिक जनता दल के शरद यादव, पीडीपी के मीर मोहम्मद फैयाज, जद (एस) के डी कुपेंद्र रेड्डी, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के जीतन राम मांझी, रालोसपा के उपेंद्र कुशवाहा तथा कई अन्य दलों के नेता भी बैठक में शामिल हुए।

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