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Properties of successful flippancy:पेरेंटिंग वार्ता में बताए सफल पलकत्व के गुण

Properties of successful flippancy

रायपुर-माय अगला कदम द्वारा अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता के अन्तर्गत पेरेंटिंग वार्ता की पांचवी कड़ी का सफलता पूर्वक आयोजन किया गया।यह कार्यक्रम 36 inc सिटी सेंट्रल माल,पंड्री में आयोजित किया गया।स्कूल शिक्षा सत्र शुरू होने वाला है ऐसे में सत्र की शुरुआत से ही पेरेंट्स की क्या जिम्मेदारी होनी चाहिए ,इस बारे में डॉ अजित वरवंडकर ने पेरेंट्स को समझाया।

उन्होंने बताया कि-काउंसलिंग के अपने अनुभव में ये समझ आता है कि-जब वार्षिक परीक्षाओं का वक़्त करीब आता है,तब अधिकतर पैरेंट्स अपने बच्चों की शिक्षा के प्रति गंभीर होते हैं।मगर तब तक काफी समय गुजर गया होता है।इसलिए यह बेहतर होगा कि-सत्र के शुरुआत से ही पालक जागरूक होते हुए अपने बच्चों की जरूरतों को समझे एवं उस अनुसार उनके बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए राह आसान करें।

पेरेंटिंग वार्ता के कार्यक्रम में डॉ वरवंडकर ने बताया कि-जब बच्चे का जन्म होता है उसी वक़्त ईश्वर द्वारा माता-पिता के दिमाग में सफल पेरेंटिंग हेतु एक विशेष सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर दिया जाता है।उस सॉफ्टवेयर का पासवर्ड है ABCDE याने कि Appreciation, Acceptance,Belief,Brain Development,Connect & Communicate, Demonstrate & Discipline,Empathy & Emotion
उपरोक्त सारे पॉइंट्स पे विस्तृत रूप से समझाते हुए डॉ वर्षा वरवंडकर ने पैरेंट्स को महत्वपूर्ण टिप्स दिए।

Appreciate करने के विषय में यह बताया गया कि-अक्सर माता पिता सिर्फ अच्छे रिजल्ट की तारीफ करते हैं,बच्चे के एफर्ट की नहीं और चूक यही होती है।ध्यान रहे कि-जब हम बच्चों के प्रयास को सराहेंगे तभी उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा।आपके बच्चे ने मेहनत की है,वो ज्यादा महत्वपूर्ण है बनिस्बत रिजल्ट की।Belief याने कि विश्वास, यह पालकों का दायित्व होता है कि-बच्चों के मन के प्राचुर मात्रा में आत्मविश्वास का निर्माण करें।हाथी की कहानी बताते हुए रोचक तरीके से समझाया कि जीवन में सफलता हेतु कठिन वक़्त में विश्वास ही साथ देता है।

Connect,याने कि-बच्चों को क्वालिटी टाइम देना।खास बात ये है कि-पैरेंट्स बच्चों को अपनी सुविधा के अनुसार नहीं बल्कि उनकी जरूरत के अनुसार समय दें।

Demonstrate: पालकों को यह जान लेना चाहिए कि, बच्चे वह नहीं करते जो उन्हें कहा जाता है वह वैसा करते हैं जो वह अपने माता पिता को करते हुए देखते सुनते हैं।

Empathy याने कि बच्चों को समझने से पहले उन्हें समझना बहुत आवश्यक होता है ।

कार्यक्रम में गेम्स एवं एक्टिविटीज करके पालकों तो कैरियर उन्मुख पेरेंटिंग के सूत्र साझा किए गए तथा पैरेंट्स ने कार्यक्रम को खूब सराहा।

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