प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बने विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता…….

रायपुर- प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी को अमरीका की एक शोध कंपनी ने सर्वाधिक लोकप्रिय शासनाध्‍यक्ष बताया है। शोध कंपनी मॉर्निंग कंसल्‍ट के अनुसार 75 प्रतिशत से अधिक लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के सर्वाधिक लोकप्रिय होने का अनुमोदन किया, जबकि 20 प्रतिशत लोगों ने इसे नकार दिया।मोदी को कुल मिलाकर 55 प्रतिशत लोगों ने सर्वाधिक लोकप्रिय शासनाध्‍यक्ष माना।यह विश्‍व के किसी अन्‍य नेता की रेटिंग से अधिक है।अमरीकी कंपनी ने अमरीका, जापान और ब्राजील सहित 13 देशों में सर्वेक्षण किया था।

गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री के नेतृत्‍व में भारत में कोविड-19 से संघर्ष के मद्देनज़र वैश्विक प्रशंसा मिलने पर उनकी सराहना की है।शाह ने कहा कि समूचा विश्‍व प्रधानमंत्री मोदी के कोविड-19 महामारी से निपटने के तरीकों की सराहना कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भारतीयों के कोविड से बचाव के लिए कई उपाय किए और ऐसे समय में विश्‍व समुदाय की भी मदद की।

भाजपा अध्‍यक्ष जे.पी. नड्डा ने कहा कि ताज़ा रेटिंग प्रधानमंत्री के सफल नेतृत्‍व और कड़ी मेहनत का प्रमाण है तथा देश के लिए गर्व का विषय है। सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी प्रधानमंत्री को बधाई दी और कहा कि देश के लिए यह गर्व की बात है।

देश की विकास की उनकी एक निश्चित विजन है और उसके लिए वो कार्यक्रम बनाते हैं और सफल करते हैं। देश प्रथम यही उनकी धारणा हैं। देश के लिए सब कुछ और देश ही सब कुछ। इस धारणा से जो काम करते हैं सबका साथ सबका विकास, सबका विश्‍वास। आत्‍मनिर्भर भारत की दृष्टि रखते हैं इसको लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्‍ड, ये नारा लेकर आगे बढ़ते हैं। दुनिया में भारत का स्‍थान भी बढ़ गया, दबदबा भी बढ़ गया।

इस बीच, प्रधानमंत्री ने स्‍वरचित एक कविता वीडियो के साथ साझा की है। कविता का शीर्षक है – अभी तो सूरज उगा है। आइये हम ये कविता सुनते हैं।

आसमान में सिर उठाकर। घने बादलों को चीरकर। रोशनी का संकल्‍प लें। अभी तो सूरज उगा है। दृढ़ निश्‍चय के साथ चल कर। दृढ़ निश्‍चय के साथ चल कर। हर मुश्‍किल को पारकर। घोर अंधेरे को मिटाने। घोर अंधेरे को मिटाने। अभी तो सूरज उगा है। विश्‍वास की लौ जलाकर। विश्‍वास की लौ जलाकर। विकास का दीपक लेकर। सपनों को साकार करने। अभी तो सूरज उगा है। न अपना न पराया, न अपना न पराया, न मेरा न तेरा, सबका तेज बनकर अभी तो सूरज उगा है। आग को समेटते, प्रकाश को बिखेरता, चलता और चलाता, चलता और चलाता, अभी तो सूरज उगा है, अभी तो सूरज उगा है। अभी तो सूरज उगा है।

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