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जवानों संग दिवाली मनाने लोंगेवाला बॉर्डर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी,जानें क्या है ‘लोंगेवाला का युद्ध’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 में पहली बार पीएम बनने के बाद से ही हर साल दिवाली का त्योहार जवानों संग मनाते रहे हैं। हर साल की तरह इस साल भी पीएम मोदी जवानों संग दिवाली मनाने के लिए जवानों के बीच पहुंचे हैं। इस बार वे राजस्थान की जैसलमेर सीमा पर स्थित लोंगेवाला पोस्ट पर पहुंचे हैं। 

लोंगेवाला पोस्ट को रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। दरअसल, लोंगेवाला वही जगह है, जहां पर 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में 120 भारतीय शूरवीरों ने पाक सेना को मुंहतोड़ जवाब देते हुए उसकी कई टैंक टुकड़ियों को नेस्तनाबूद कर दिया था। इसे दुनिया के सबसे भयानक टैंक युद्धों में से एक माना जाता है।
 
जैसलमेर की पश्चिमी सीमा पर स्थित लोंगेवाला एक रणनीतिक पोस्ट है, जहां भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में युद्ध हुआ था। इस युद्ध को ‘लोंगेवाला की लड़ाई’ या ‘लोंगेवाला का युद्ध’ के रूप में जाना जाता है। इस पोस्ट पर 120 भारतीय जवानों की टुकड़ी ने पाकिस्तान के 2000 सैनिकों से लोहा लिया था। साथ ही पाक सेना के टैंकों को ध्वस्त कर दिया था। 

लोंगेवाला युद्ध पश्चिमी क्षेत्र में लड़ा गया पहला बड़ा युद्ध था, जिसमें भारतीय जवानों ने पाक की नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया था। पाकिस्तानी सेना 1971 के युद्ध में टैंकों से लैस होकर जैसलमेर वाले क्षेत्र में कब्जा करना चाहती थी, लेकिन भारतीय शूरवीरों ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब देते हुए उनके मंसूबों को पूरी तरह नाकाम कर दिया। 

कुछ इस तरह चटाई थी पाकिस्तान को धूल

लोंगेवाला पोस्ट शायद भारतीय सेना के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी और इस चुनौती को पूरा करने का जिम्मा दिया गया था मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी को। उस युद्ध में कुलदीप सिंह मेजर थे और बाद में वह ब्रिगेडियर के पद तक पहुंचे। वहीं ब्रिगेडियर चांदपुरी ने इस लड़ाई में मिली जीत का सारा श्रेय उन सैनिकों को दे दिया था जो उस समय लोंगेवाला में दुश्मनों का डटकर मुकाबला कर रहे थे। 

मेजर चांदपुरी के पास सिर्फ 120 लोगों का ट्रूप था तो सामने थे, पाक की 51वीं इंफ्रेंटी ब्रिगेड के 2,000 सैनिक जिसे 22वीं आर्म्ड रेजीमेंट की भी मदद मिल रही थी। पांच दिसंबर 1971 को एकदम तड़के दुश्मन ने भारतीय सेना पर हमला बोल दिया था। 

हालात मुश्किल थे और फिर भी मेजर चांदपुरी ने इन हालातों का सामना किया। पूरी रात उन्होंने 120 लोगों की कंपनी के साथ दुश्मनों का मुकाबला किया। मेजर चांदपुरी ने 2000 सैनिकों और दुश्मन के 40 टैंकों को अपने 120 जवानों के जरिए रोके रखा। इसके बाद भारतीय जवानों ने चुन-चुनकर टैंकों को तबाह किया और दुश्मन को धूल चटाई। 

लोंगेवाला की लड़ाई पर ही बनी  ‘बॉर्डर’

साल 1997 में आई जेपी दत्ता की फिल्म ‘बॉर्डर’ लोंगेवाला की लड़ाई पर ही आधारित थी। सनी देओल मेजर चांदपुरी की भूमिका में नजर आए थे। ‘बॉर्डर’ फिल्म मल्टीस्टारर फिल्म थी। इस फिल्म में सनी देओल के अलावा जैकी श्रॉफ, सुदेश बेरी, सुनील शेट्टी, अजय देवगन, अक्षय खन्ना, पुनीत इस्सर, तब्बू, राखी के अलावा कई और एक्टर्स थे। यह फिल्म सुपहिट हुई थी। 

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