रायपुरछत्तीसगढ़ में विकलांग प्रमाणपत्र के दुरूपयोग के मामलों को लेकर राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी विभागों से कहा है कि-दिव्यांगजनों को शासकीय योजनाओं तथा सरकारी नौकरी में भर्ती का लाभ देने के पहले उनके प्रमाणपत्रों की बारीकी से जांच की जाएगी|सरकार ने यह कदम छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में दायर एक याचिका में पारित आदेश के पालन में उठाया है|

इस मामले को लेकर राज्य के मुख्य सचिव सुनील कुमार कुजूर ने प्रदेश के सभी विभागों,विभागाध्यक्षों,सभी कलेक्टरों,कमिश्नरों की पत्र जारी किया है|बताया गया है कि -हाई कोर्ट में इस सम्बन्ध में एक याचिका दायर कि गयी थी|

जिसमे कहा गया था कि-विकलांग प्रमाणपत्र का दुरूपयोग किया जा रहा है|इसकी वजह से अपात्र लोग इसका फायदा उठा रहा है|इस याचिका में सुनवाई के बाद हाई कोर्ट द्वारा जारी आदेश के पालन में सरकार ने यह परिपत्र जारी किया है|

सरकार ने सभी सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि-सरकारी योजनाओं तथा शासकीय सेवा में भर्ती के दौरान दिव्यांगजनों को उसका लाभ देने से जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी विकलांगता प्रमाणपत्र का सूक्ष्म परिक्षण करें|साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि- विकलांग प्रमाणपत्र निःशक्त व्यक्ति अधिकार अधिनियम 2016 के अनुरूप हो एवं उसका उपयोग वास्तिवक दिव्यांगजन ही कर सकें|

Summary
0 %
User Rating 0 Be the first one !
Load More Related Articles
Load More By MyNews36
Load More In राजधानी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

Xiaomi का यह बजट स्मार्टफोन जल्द ही होगा बंद,फरवरी में ही हुआ है लॉन्च

रायपुर-शाओमी ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन रेडमी नोट 7एस लॉन्च कर दिया है।इस फोन में भी …