Home क्राइम पानी की समस्याओं से जूझ रहा क्षेत्र,खनन कार्य पर लगे प्रतिबंध का फायदा उठाकर रसूखदार किसानों की काट रहे जेबें

पानी की समस्याओं से जूझ रहा क्षेत्र,खनन कार्य पर लगे प्रतिबंध का फायदा उठाकर रसूखदार किसानों की काट रहे जेबें

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पखांजूर- परलकोट क्षेत्र के अधिकतर लोग खेती-किसानी से अपना जीवनयापन करते हैं।रोजी-रोटी,बच्चों की पढ़ाई और पारिवारिक ज़िम्मेदारी खेत से उगे फसल पर निर्भर करती है।इस क्षेत्र में रबी और खरीफ की फसलें लेने के साथ किसान सब्ज़ी उगाने और मछली पालन का कार्य भी करते हैं।क्षेत्र में सबसे ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है,गत वर्ष पानी कम गिरने की वजह से क्षेत्र में पानी की कमी हो गई थी।वर्तमान में स्थिति इतनी विकट है कि-कई जगहों पर पीने के पानी के लिए लोगों को गड्ढों का सहारा लेना पड़ रहा है।वहीं नदी-नालों के साथ तालाबों का पानी भी सूख गया है,जिसके कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है।

बोर खनन पर प्रतिबंध के बावजूद रसूखदार काट रहे किसानों की जेबें

खेत में लहराते रबी फसलों पर पानी की कमी देखकर,किसानों को बोर खनन का सहारा लेना पड़ रहा है,जिसपर भी अभी प्रतिबंध लगा हुआ है।लेकिन दूसरी तरफ बोर खनन के नाम पर किसानों की जेबों पर रसूखदार और खनन करने वाले मालिकों के द्वारा खुलेआम डाका डाला जा रहा है।जानकारी के मुताबिक-क्षेत्र के मजबूर किसानों से ये बोलकर उनकी जेबें काटी जा रहीं हैं कि-अभी बोर खनन पर प्रतिबंध लगा है और प्रतिबंधित काम पर जोखिम होता है साथ ही कमीशन भी देने होते हैं।वहीं पीने के पानी की समस्या को देखते हुए जिला अधिकारी द्वारा बोर खनन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और स्थानीय संबंधित अधिकारी द्वारा जिले के आदेश को दरकिनार करते हुए बोर खनन के मालिकों को खुली छूट दे दी गई है।

पूरी रात किया जाता है खनन का कार्य

क्षेत्र में बोर खनन करने वाले मजदूरों से बात की गई,तो उन्होंने बताया कि-पूरी रात बोर खनन का काम किया जाता है,एक गाड़ी एक दिन में लगभग 6 बोर खनन कर लेती है और क्षेत्र में बोर खनन की 10 गाड़ियां चलती है,तो एक दिन में लगभग 60 बोर खनन रोज़ किया जा रहा है।इस मामले में स्थानीय संबंधित अधिकारी ने कुछ कहने से इंकार कर दिया।फिलहाल पानी की समस्याओं से जूझ रहे किसानों की जेबें लगातार कट रहीं हैं।प्रतिबंध का फायदा कमीशन खोरी पर सिमट कर रह गया है। किसानों का कहना है-प्रतिबंध से हमें कोई फायदा नहीं है,लेकिन प्रतिबंध के नाम पर हमारी जेबें काटकर बंदरबांट किया जा रहा है।प्रतिबंध के वावजूद खुलेआम बोर खनन किसकी इजाज़त पर किया जा रहा है?ये बड़ा सवाल है।

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ध्यान नहीं दे रहा प्रशासन 

लोगों का कहना है कि-प्रशासन इस मामले पर बिल्कुल नज़र नहीं रख रही है,इसी का फ़ायदा उठाकर खनन करने वाले प्रतिबंध आदेश की धज्जियां उड़ाकर खनन का काम कर रहे हैं और किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं।

क्षेत्र में पानी की समस्याओं की जानकारी है,पर बोर खनन की जानकारी नही है।जल्द जानकारी ली जाएगी। अनूप नाग,विधायक,अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र

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