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पीएम नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के बढ़ते खतरों के विरुद्ध अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय से एकजुट होने का किया आह्वान

नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आतंकवाद के बढ़ते खतरे को देखते हुए अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय से इसके खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्‍होंने कहा कि दुनिया में शांति और समृद्धि के लिए विश्‍व समुदाय की एकता आवश्‍यक है।प्रधानमंत्री ने कल गुजरात के केवडिया में स्‍टैच्‍यु ऑफ यूनिटी के पास एकता दिवस परेड को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में आतंकवाद से लड़ाई में हजारों मासूम लोगों की जान गई है। उन्‍होंने देश की शांति और समृद्धि तथा एक भारत- श्रेष्‍ठ भारत का लक्ष्‍य हासिल करने के लिए लोगों से एक होने की अपील की।मोदी ने कहा कि सुरक्षा बल देश की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

आज भारत की भूमि पर नजर गड़ाने वालों को मुंह तोड़ जवाब देने की ताकत हमारे वीर जवानों के हाथ में है। आज का भारत सीमाओं पर सैंकड़ों किलोमीटर लंबी सड़के बना रहा है। दर्जनों ब्रिज अनेक सुरंगें लगातार बनाता चला जा रहा है। अपनी संप्रभुता और सम्‍मान की रक्षा के लिए आज, आज का भारत पूरी तरह सज है, प्रतिबद्ध है, कटिबद्ध है, पूरी तरह तैयार है।

प्रधानमंत्री ने पिछले साल जम्मू-कश्मीर में पुलवामा हमले पर विपक्षी दलों के रवैये की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस हमले में अर्द्धसैनिक बलों के 40 से अधिक कर्मी शहीद हुए तो इन दलों ने दु:ख भी प्रकट नहीं किया था।

पुलवामा हमले में हमारे पुलिस बेड़े के हमारे जो वीर साथी शहीद हुए देश कभी भूल नहीं सकता कि जब अपने वीर बेटों के जाने से पूरा देश दुखी था तब कुछ लोग उस दुख में शामिल नहीं थे। वो पुलवामा हमले में भी अपना राजनीतिक स्‍वार्थ खोज रहे थे। देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था, तब स्‍वार्थ और अहंकार से भरी भद्दी राजनीति कितने चरम पर थी।

प्रधानमंत्री ने आरंभ 2020 कार्यक्रम के अंतर्गत वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए सिविल सेवा परिवीक्षाधीन अधिकारियों को भी संबोधित किया। उन्‍होंने कहा कि हमारी सरकार जनता के प्रति उत्‍तरदायी है और नौजवान अधिकारियों को भी आम जनता से जुड़ना चाहिए। उन्‍होंने सिविल सेवा अधिकारियों को जनता के जीवन में कम से कम दखल-अंदाजी और सशक्‍त बनाने का भी अह्वान किया।

एक प्रकार से सरदार वल्‍लभ भाई पटेल ही देश की सिविल सेवा के जनक थे। 21 अप्रैल 1947 एडिमिनिस्‍ट्रेटिव सर्विस आफिस के पहले बैच को संबोधित करते हुए सरदार पटेल ने सिविल सर्वेंट्स को देश का स्‍टील फ्रेंड कहा था। उन अफसरों को सरदार साहब की सलाह थी कि देश के नागरिकों की सेवा अब आपका सर्वोच्‍च कर्त्‍तव्‍य है। मेरा भी यही आग्रह है कि सिविल सर्वेंट जो भी निर्णय लें, वो राष्‍ट्रीय संदर्भ में हो। देश की एकता अखण्‍डता को मजबूत करने वाले हों। संविधान की स्प्रिट को बनाये रखने वाले हों।

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