Mynews36
!! NEWS THATS MATTER !!

Photojournalism history : Photo journalism (फ़ोटो पत्रकारिता) के हिंदी में नोट्स..

Photojournalism history

फोटोग्राफी आवश्यकता एवं उपयोग-

पत्रकारिता जगत में फोटोग्राफी के आगमन से नया आकर्षण और नई क्रांति का आगमन हुआ है फोटोग्राफी में खबरों में प्रमाणिकता प्रदान करने का कार्य किया जाता है समाचारों में तस्वीरों के लगने से खबरों की प्रमाणिकता बनी रहती है साथ ही साथ यह पाठकों के आकर्षण का आधार बना होता है समाचार पत्र की रूपरेखा में भी काफी परिवर्तन आया है रंगीन मुद्रा के आगमन में भी फोटोग्राफी की बड़ी भूमिका रही है।

उपयोगिता

1.आकर्षण – मानव को हमेशा खूबसूरत दृश्य आकर्षित करते रहे हैं। फोटोग्राफी में समाचार पत्रो में आकर्षण पैदा करने का कार्य किया है।खबरों से संबंधित तस्वीरें उन पाठकों की ओर ध्यानाकर्षण करती है जिन्हें समाचारों की रुचि होती है।कभी-कभी अखबार को प्रकाशन तस्वीर के कारण खरीदते हैं।

प्रमाणिकता- समाचार पत्रों में वैसे समाचारों की सूचना संप्रेषण पर्याप्त होते हैं किंतु तस्वीरों के साथ प्रयोग किया जाता है तो उसमें समाचार के प्रति पाठकों में प्रमाणिकता का बोध होता है।कभी-कभी तस्वीरें भी अपने आप में समाचार होती है।उन तस्वीरों के लिए संपादक फोटो कैप्शन माध्यम फोटो ले लेता है।वर्तमान समय में शहरी गतिविधियां एवं ग्रामीण गति गतिविधियां तेजी से बढ़ी। उन तस्वीरों की प्रमाणिकता समाचार पत्रों पर पर्याप्त स्थान दिया जा रहा है सिंगल कॉलम से लेकर अखबार के 6 कालम पर कई बार तस्वीर प्रकाशित की जाती है इनके प्रकाशन से कहीं ना कहीं समाचार पत्रों को प्रमाणिकता प्राप्त होती है।

विशेष स्थान-कुछ समाचार पत्रों में फोटोग्राफी के लिए विशेष कालम बनाता है जिसमें विशेषज्ञ रूचि होती है।उदाहरण के तौर पर-नवभारत में प्रकाशित फैंस क्राउन कालम पर हर बार भीड़ से भरे खूबसूरत चेहरे को घोषित किया जाता है।अन्य समाचार पत्रों में भी विशेष तस्वीरों के लिए यथा उचित स्थान दिया जाता है।इसके अलावा समाचार संप्रेषण फोटोग्राफी का प्रमुख मूल सूचना संप्रेषण है इसके तहत समाचारों में पूरी तस्वीर ही बयां कर देती है फोटोग्राफ समाचार सूचना का महत्वपूर्ण स्थान है फोटो पत्रकार द्वारा ली गई तस्वीरों से समाचार पहुंचाने का कार्य करता है।

Fundamentals of Light

प्रकाश(Light)-फोटोग्राफी में प्रकाश का विशेष महत्व है। प्रकाश के बिना फोटोग्राफी की परिकल्पना भी नहीं की जा सकती प्राकृतिक रूप से हमें जो प्रकाश प्राप्त है उसे हम प्राकृतिक प्रकाश कहते हैं इसके अतिरिक्त हम कुछ मानव द्वारा निर्मित कृत्रिम प्रकाश का भी प्रयोग करते हैं।

1.प्राकृतिक प्रकाश के विविध रूप

अ.सूर्योदय के समय का प्रकाश (early morning light)
ब.दिन के समय का प्रकाश(day light)
स.संध्या प्रकाश(evening light)
द.चंद्रमा प्रकाश(moon light)

2.कृत्रिम प्रकाश(Studio Light)-वह प्रकाश जो मानव द्वारा निर्मित होते हैं तथा सूर्य के प्राकृतिक प्रकाश की अनुपस्थिति में फोटोग्राफी के लिए प्रयोग किए जाते हैं उन्हें हम कृत्रिम प्रकाश कहते हैं इसके मुख्य का 3 रूप है-

अ.key light
ब.back light
स.feel light

की लाइट(key light)- विषय पर सीधे-सीधे जो प्रकाश डाला जाता है अथवा विषय को भरने के लिए जिस प्रकाश कि हम व्यवस्था करते हैं उस तरह के प्रकाश को हम की लाइट कहते हैं|

बैकलाइट(back light )-विषय के पीछे के हिस्से को जिसे हम ऑब्जेक्ट कहते हैं उसे उभारने के लिए साथ ही साथ विषय के पर्दे की दूरी को बताने के लिए भी हम बैकलाइट का प्रयोग करते हैं इस तरह के लाइट का प्रयोग स्टूडियो रिकॉर्डिंग में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है क्रोमा करने के लिए भी बैकलाइट अनिवार्य होता है।

फील लाइट(feel light )-की लाइट और बैकलाइट के सहयोगी के रूप में फील लाइट का प्रयोग किया जाता है विशेषकर परछाई छुपाने और प्रकाश की कमी को दूर करने के लिए फील लाइट का प्रयोग किया जाता है।

3.अतिरिक्त प्रकाश-प्राकृतिक प्रकाश की कमी होती है तब उस परिस्थिति में हम हैलोजन्स का प्रयोग करते हैं यह प्रकाश का अच्छा माध्यम है यह उठाने में भारी होता है किंतु शूटिंग के लिए यह बहुत ही उपयोगी होता है।

अ. हैलोजन्स
ब. ट्यूब लाइट

RULE OF THIRD

कोई भी कार्य करने के लिए नियम की आवश्यकता होती है वैसे ही किसी फोटो खींचते वक्त किसी सब्जेक्ट को फ्लैश करने या प्रमुखता से सुंदरता भरे प्रदर्शित करना है तो रूल आफ थर्ड का प्रयोग करते हैं।

Sense of Short

Extra wid shot
Extra wide angel shot
long shot
long mid shot
mid shot
closeup shot
extrem closeup shot
double shot
pen short
subject par zoom in
object zoom out
पीछे से shot-back से sholder shot
extrem wide shot
fade out-उजाले से अंधेरे में आना

Verious angel of photography

High angel-ऊपर से पूरा क्लिक
Low angel-नीचे से भव्यता दीखने के लिए
Closeup-सिर से सीना तक
Mid closeup-सिर तक
Long Short-पूरा
Extrem Closeup आँख की तस्वीर
Wid Short

प्रेस फोटोग्राफी

5W+1H का होना
Photo सत्य हो according to news
News create करें
फील्ड के famous personality का ध्यान
News sense
एक्सक्लूसिव फोटोग्राफी के लिए अलर्ट रहना
क्राइम फोटोग्राफी में बारीक चीजों का ध्यान रखना।
In present फोटोग्राफी अभी क्या ट्रेंड में है।
Reporter के अनुसार फोटोग्राफी

खेल फोटोग्राफी(Sport photography)-

वह फोटोग्राफी जिसमे खेल जगत से संबंधित जैसे-हॉकी,क्रिकेट,फुटबॉल,कबड्डी व अन्य सभी खेलों का फोटो संग्रहण या फ़ोटो क्लिक करना ही खेल फ़ोटोग्राफी कहलाता है।

खेल फोटोग्राफी करते समय ध्यान रखने योग्य बातें-

Battery
Memory card
Camera
अतिरिक्त लाइट
Tripod
White paper
पॉलीथिन
चार्जर

युद्ध की फोटोग्राफी (War photography)-

वह फोटोग्राफी जिसमे युद्ध स्थल में जाकर फोटो शूट किया जाता है तो ऐसे फोटोग्राफी को युद्ध की फोटोग्राफी कहते है।mynews36

युद्ध की फोटोग्राफी के समय ध्यान रखने योग्य बाते-

1.सतर्क रहना

2.हर फोटो महत्वपूर्ण है क्योंकि हमें अपने देश की रक्षा और गोपनीयता को बनाए रखना है|

3.क्षेत्रीयता का ध्यान ( कैमरे की सुरक्षा की दृष्टि से क्षेत्र विशेष ठंडी, गर्मी, बरसात)

4.स्थिति या परिस्थिति-क्योंकि हमें जानकारी नहीं है कि हम युद्ध का समय निश्चित कितने दिनों के लिए जा रहे हैं।

-सूखे भोजन की व्यवस्था

-पानी की व्यवस्था

-शारीरिक रूप से वह मानसिक रूप से स्वस्थ रहना।

5.व्यक्तिगत जीवन के बारे में सोचकर ही फोटोग्राफी करना।

6.समाचार का बोध होने वाला फोटो लेना है।

7.मीडिया या संविधान के कानूनों को ध्यान में रखकर ही फोटो लेना चाहिए।

8.दिशानिर्देश का पालन (सुरक्षा के जवानों के निर्देशन में कार्य करना)

फ़ोटो पत्रकारिता का इतिहास (History of photo journalism)-

चित्रों के माध्यम से किसी घटना को प्रमाणित करने का इतिहास उतना ही पुराना है जितना कि आदिमानव का गुफाओं में चित्र बनाना है।आमतौर पर ये(जानवर चित्र)उनके थे जिनका वह पीछा किया करते थे या शिकार किया करते थे।फोटो पत्रकारिता की इतिहास में रेखाचित्र का प्रचलन फोटोग्राफी के आविष्कार वर्ष 1840 से बहुत पहले 1607 में ही शुरू हो चुका था।

जब यूरोप में लकड़ी के ठप्पों पर नक्काशी करने के समाचार छापने की शुरुआत हुई थी 18वीं शताब्दी तक छोटी पुस्तिकाए और न्यूज़ लेटर प्रकाशित किए जाते थे और उन्हें दुकानों और मेलों में बेचा जाता था।उन्नीसवीं शताब्दी तक ऐसी पुस्तकों और न्यूज़ लेटर का प्रकाशन बंद कर दिया गया।सन 1632 में “स्वीडिश इंजैलिजेंसर” नामक प्रथम समाचार प्रकाशित किया गया जिसमें रेखाचित्र छापे गए थे।उसके बाद से समकालीन समाचारों के चित्र और संबंधित रेखाचित्रों के प्रकाशन में तेज़ी आई।

लकड़ी के ठप्पों का प्रचलन-

19वीं शताब्दी के मध्य में बहुत अधिक प्रयोग लकड़ी के ठप्पों के द्वारा समाचार पत्र-पत्रिकाओं में चित्र प्रकाशन के लिए किया जाने लगा।उन दिनों लगभग 16 पन्नों की पत्रिकाएं प्रकाशित की जाती थी जिसमें बहुत सी संख्या में रेखाचित्र हुआ करते थे उस समय फोटो पत्रकारों का उद्देश्य जनता के मध्य से समाचार पत्रों को आकर्षण बनाना था।लकड़ी के ठप्पों पर बारीकी से उभरी हुई तस्वीर बनाई जाती थी जिसके लिए जो लकड़ी इस्तेमाल होती थी वह बहुत ही शख्त होती थी।उस पर चित्र उल्टे बनाए जाते थे ताकि छपने के बाद वह सीधा नजर आए।तस्वीर की रूपरेखा बनाने के बाद लकड़ी के ठप्पों को छोटे छोटे हिस्सों में काट दिया जाता था ताकि लकड़ी जमाने वाला अपने अनुरूप अपनी दक्षता को मीनाकारी कर सके।मीनाकारी खत्म होने के बाद लकड़ी के ठप्पों को आपस में जोड़ दिया जाता था ताकि उन्हें छपाई के लिए तैयार किया जा सके।

इन ठप्पों पर नक्काशी करने वाले और प्रकाशन के लिए इन्हें जोड़कर नया रूप देने वाले अपने काम में दक्ष हुआ करते थे और पत्रकारों से अधिक राशि लिया करते थे।उनकी आए पत्रकारों से अधिक थी यह एक सरल माध्यम नहीं था,इसके सुधार की बहुत आवश्यकता थी।

समाचार पत्र पत्रिका में चित्र प्रकाशित होने से पहले पाठकों का आकर्षण समाचार पत्र-पत्रिकाओं के प्रति कम था इसलिए समाचार पत्र में चित्र के आने से उनके आकर्षण में वृद्धि हुई इस प्रक्रिया से आसान बनाने के लिए प्रयत्न प्रारम्भ किए गए।लकड़ी के ठप्पों का आज भी कला की दुनिया में मौलिक नमूना मिल जाता है। “द पैनी मैगज़ीन” के अनुसार सन 1832 में लंदन से द पैनी मैगज़ीन नामक एक पत्रिका का प्रकाशन प्रारंभ किया गया। जिसमें बहुत से रेखाचित्र छापे जाते थे। इसका संपादन चार्ल्स व्हाइट द्वारा किया जाता था।

यह एक तरह की साप्ताहिक पत्रिका थी जो शनिवार को प्रकाशित हुआ करती थी इसका प्रकाशन मजदूरों को केंद्रित रखकर किया गया था। जिसका मूल उद्देश्य समाज में सुधार लाना था पाठकों के लिए यह पत्रिका सामान्य ज्ञान की सूचना का भी शोध थी।इसमें इंग्लैंड में प्रमुख स्थानों की जानकारी,प्रवासियों की समस्याएं और कविताए प्रकाशित की जाती थी।

फोटोग्राफी का उदय-

ओ एम फाउंडर के अनुसार-

A Picture offer converg more than volums.

सर जे रेलालड्स के अनुसार-

A room hung with picture is a room hung with thought.

सन 1839 में फोटोग्राफी के आविष्कार के साथ ही रेखा चित्रों का युद्ध समाप्त हुआ और अच्छे तस्वीरों के साथ समाचार पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशन की शुरुआत हुई।“द इलेस्टेड लंदन न्यूज़” पहली साप्ताहिक पत्रिका थी जिसमें 1842 में फोटो प्रकाशित करने का सफल प्रयास किया।इसके बाद “आब्जर्वर”,”संडे टाइम्स” वीकली क्रानिकल ने भी फोटो प्रकाशन की विधा को अपनाया।

सन 1851 में अमेरिका के पहले समाचार पत्र ग्लिसन्स विक्टोरियल एंड ट्राइंग रूम कंपेरियन नामक साप्ताहिक समाचार पत्र ने फोटो के साथ समाचार प्रकाशित करने का सफल प्रयास किया।1936 में अमेरिका से लाइफ मैगजीन का सचित्र प्रकाशन शुरू हुआ इसकी फोटोग्राफर मार्गरेड बोर्कि व्हाइट नामक महिला थी। यह विश्व की पहली महिला फोटोग्राफर थी।यात्रा का विस्तृत वर्णन इस प्रकार है-

फोटोग्राफी के आविष्कार की घोषणा सन 1839 में की गई थी किंतु फोटो के साथ पत्रिका के प्रकाशन में सफलता सन 1842 में हुई।1842 में सप्ताहिक पत्रिका द इलेंटेड लंदन के प्रकाशन से मिली।इसके बाद आब्जर्वर,संडे टाइम्स और वीकली द्रनीवल ने भी धीरे-धीरे देखा चित्र का प्रयोग बंद करवाया।

हरबर्ट इन्ग्राम(जो छपाई का भी काम करते थे और न्यूज़ एजेंसीभी था)हरबर्ट इन्ग्राम ने द इलेस्टेड लंदन न्यूज़ का पहला संस्करण 14 मई 1842 को प्रकाशित किया गया था,जिसकी कीमत 6 पैसे थे इसमें कुल 16 पृष्ठ थे।साथ ही इसमें लकड़ी के ठप्पों से छपाई की जाती थी यह पत्रिका जल्द ही लोकप्रिय हो गई इससे प्रेरित होकर इन्ग्राम ने 1848 में टेलीग्राफ नामक दैनिक पत्रिका का प्रकाशन लंदन में प्रारंभ करने का निर्णय लिया।

1851 बोस्टन-ग्लैजिन्स विक्टोरियल एंड ड्राइंग रूम कंपेनियन(साप्ताहिक समाचार पत्र)जो कि अमेरिका का पहला समाचार पत्र माना जाता है।सन 1857 में हार्फर्स वीकली,मैथ्यू बी ब्रेडी के अनेक फोटो जो सिविल वार में खींचे गए थे उन्हें प्रकाशित करने के लिए लकड़ी के ठप्पों का दोबारा बनाया गया।फिर भी समाचारों से संबंधित चित्र छापने का श्रेय द इलुस्टेड लंदन न्यूज़ को ही जाता है क्योंकि इसमें युद्ध के दौरान ही तस्वीरों को ठप्पों के पुनर्निर्माण के बाद प्रकाशित किया गया इसलिए भी इसे सफल फोटो प्रकाशन का दर्जा दिया गया है।

लाइफ मैगज़ीन- सन 1936 में लाइफ मैगज़ीन आरंभ हुआ जिसके संस्थापक हैनरी ल्युस थे।इन पत्रिकाओं को अनेक फोटोग्राफरों का सहयोग मिला जिसमें महिला फोटोग्राफर मार्गरेड बोर्कि व्हाइट प्रमुख थी।इसमें दूसरे विश्वयुद्ध की अनेक खबरें और तस्वीरें प्रकाशित की गई जिससे इसके पाठकों में कमी आई और 1972 के बाद इसका प्रकाशन बंद कर दिया गया।

बीसवीं शताब्दी में फोटो पत्रकारिता का विकास तेजी से आरंभ हुआ सन 1930 में लार्ड नोर्थ क्लिक ने लंदन डेली मिरर नामक समाचार पत्र का प्रकाशन किया।इसकी विशेषता यह थी कि यह मुख्यतः महिलाओं के लिए प्रकाशित किया था।इसका प्रकाशन सफल नहीं रहा।आगे चलकर इसे चित्र में बनाया गया और सब तरह की तस्वीरें इसमें शामिल की गई और इसका नाम स्वरूप बदलने से इलस्ट्रेट मिरर रखा गया।

फोटो संघ(Photo Union)-

समाचार पत्रों में तस्वीरों की लोकप्रियता को देखते हुए फोटो प्रसारित करने वाली संघ की स्थापना की गई बेन और अमेरिकन प्रेस पहले ऐसे संघ थे जिन्होंने अन्य संघों की स्थापना की इसके नाम थे वाइड वर्ल्ड, इंटरनेशनल न्यूज़ फोटोज,न्यूज़ पेपर इंटरप्राइज यूनियन और पेसिफिल एंड एडलाटिक आदि

आगे चलकर संपादकों में तस्वीरों को प्रकाशित करने का लालसा इतनी बढ़ गई कि कट्टरपंथी माने जाने वाली एसोसिएटेड प्रेस ने भी चित्रों को महत्व दिया और 1926 में फोटो के लिए अपनी सेवाएं शुरू की।इतना ही नहीं एसोसिएट प्रेस ने भी ए पी वाइट फोटोज़ नामक अनुभाग से 1 जनवरी 1935 से तार (डाक) द्वारा चित्र भेजना आरम्भ किया।

Types of lense

लेंस कैमरे की वह आंख है जिससे हम चीजों को स्पष्ठ रूप से देखते है।There are 7 kinds of camera lens-

1 Standard lens/Normal lens
2 Telephoto lens
3 Wide angel lens
4 Zoomlens
5 Portrait lens
6 Macro lens
7 Fish eye lens

1 Standard lens/Normal lens-स्टैंडर्ड लेंस की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सामान्य आंखों से देखने पर जो जीवंत हमें नजर आती है वही प्राकृतिक दृश्य उभारने की क्षमता इसमें होती है।यह बहु उपयोगी क्षमता वाला लेंस है जिसकी गुणवत्ता उच्च कोटि की होती है इसे हम नॉर्मल लेंस के नाम से भी जानते हैं। इसमें व्यू क्षमता या दृश्य क्षमता 50 से 55 डिग्री डायनोमियल होती है जो एक आम इंसान देखने की क्षमता रखता है वही क्षमता इस कैमरे के लेंस की होती है।

Photojournalism history
mynews36.com

2 Telephoto lens- यह लेंस देखने मे टेलेस्कोप की तरह लंबा होता है इसकी विशेषता यह है कि दूसरे लेंस की तुलना में सब्जेक्ट को बांधने की क्षमता रखता है इसमें हम जूम लेंस का उपयोग भी कर सकते हैं।

Photojournalism history
mynews36.com

3 Wide angel lens-यह लेंस टैलिफोटो लेंस के ठीक विपरीत कार्य करता है wide-angle कैमरे का धारा बहुत अधिक विशाल होता है जो कि पर्वतों,बर्फ से ढकी पहाड़ियों,चील और समुद्रों और जंगलों की खूबसूरती को कैद करने में प्रयोग किया जाता है वाइड एंगल लेंस में सब्जेक्ट व ऑब्जेक्ट दोनों ही बड़ी खूबसूरती से उभरते हैं इस तरह के कैमरे में एक्सट्रीम वाइड एंगल लेंस की जरूरत नहीं पड़ती है दोनों तरह की तस्वीरें लेने में स्वयं सक्षम है।

Photojournalism history
mynews36.com

4 Zoomlens-जूम लेंस पास आने और दूर जाने दोनों की क्षमता रखता है। ज़ूम लेंस में छोटी से छोटी आकृति भी उधारी जा सकती है या बहुत दूर की चीजों को भी लेंस के माध्यम से करीब से देखा जा सकता है।जूम लेंस की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके प्रयोग से फोटोग्राफर वाइड फ्रेम की फोटो और wide-area फोटो लेने की क्षमता रखता है जूम इन और ज़ूम आउट लेंस प्रयोगकर्ता पर निर्भर करता है।

Photojournalism history
mynews36.com

5 Portrait lens- जब किसी भी तस्वीर पोट्रेट की तरह लेनी हो तो हम पोट्रेट लेंस का प्रयोग करते हैं आमतौर पर इस तरह के लेंस में चेहरे पर अधिक कार्य किया जाता है और कुछ हद तक कंधों पर वर्तमान समय में पोट्रेट फोटोग्राफी का चलन बहुत अधिक है चित्रकार के फॉर्म में कैप्चर करते हैं कि किसी चित्रकार की बनाई हुई तस्वीर की तरह दिखती है।

Photojournalism history
mynews36.com

6 Macro lens-मैक्रो लेंस का प्रयोग जीवाणु, विषाणु यानि अति सूक्ष्म चीजों को कैप्चर करने के लिए किया जाता है|

Photojournalism history
mynews36.com

7 Fish eye Lens- इस लेंस का उपयोग evtrem wide पहाड़ के साथ सूर्य और पेड़ के साथ पक्षी को कैप्चर करने के लिए किया जाता है ।

Photojournalism history
mynews36.com

ब्लैक एंड वाइट फोटोग्राफी व कलर फोटोग्राफी में अंतर-

क्र.ब्लैक एंड वाइट फोटोग्राफीकलर फोटोग्राफी
1रंगहीनरंग महत्वपूर्ण है
2कम आकर्षकअधिक आकर्षक
3तकनीक प्रकाश व्यवस्था अधिक प्रकाश की व्यवस्था अधिक मायने नहीं रखती
4कम खर्चीलाअधिक खर्चीला
5विषय वस्तु अधिक स्पष्ठ नज़र आता है विषय वस्तु और ऑब्जेक्ट दोनों अच्छे से उभरकर आता है।
6चलन कम चलन अधिक

फ़ोटो पत्रकारिता से जुड़ा सामान्य ज्ञान

SLR का पूरा नाम- SINGLE REFLEX CAMERA

CCD का पूरा नाम- CHARGE COUPLE DEVISE

PAL का पूरा नाम- PRESS ALTERNATIVE LINES

GAIN- अंधेरे में शार्ट लेने के लिए कैमरे में हमे इलेक्ट्रॉनिक लाइट्स की आवश्यकता पड़ती हैं इसे हम GAIN करना कहते है ।

NF का पूरा नाम- NUTRAL FINDER

AUTO-ऑटो मोड पर फोकस यदि है किसी सब्जेक्ट पर टीस स्थिति में मक्खी या मच्छर के बीच मे आने पर कैमरा सब्जेक्ट बदल देता है और मक्खी को फोकस करने लगता है।

Shuter Speed Normally- 1/50 होती है स्लो मोड या फ़ास्ट मोड में हम शटर स्पीड को परिवर्तित करते है ।

Black Balance-white Balance की तरह ही ब्लैक बैलेंस की अहम भूमिका होती है ।इसमें बैकग्राउण्ड को हाईलाइट किया जाता है।

फ़िल्टर-जब हम सेट करते है तो हमे इंडोर में फ़िल्टर ऑफ रखना चाहिए और आउटडोर में ऑन रखना चाहिए।

फोटोग्राफर और फ़ोटो जर्नलिस्ट में अंतर

क्. फोटोग्राफर फ़ोटो जर्नलिस्ट
1फोटोग्राफर फ्री लांस होता है।फ़ोटो जर्नलिस्ट प्रोफेशनल कार्य करता है।
2कोई विषय विशेष नहीं होता।@mynews36.comखबरों के अनुसार से फोटोग्राफी करता है।
3फोटोग्राफर अपनी फोटो में क्रिएटिविटी दिखा सकता है।फ़ोटो जर्नलिस्ट अपने फोटो में क्रिएटिविटी नहीं दिख सकता।
4किसी भी सब्जेक्ट पर फ़ोटो क्लिक कर पोस्ट कर सकता है ।फ़ोटो जर्नलिस्ट को पत्रकारिता के नियमों का पालन करना पड़ता है।
3अपनी परिस्थितियां स्वयं तैय्यार करता है ।ये परिस्थिति के अनुसार खुद को ढाल लेते है।
6सुरक्षा का कोई विशेष ध्यान नहीं रखना
पड़ता।
सुरक्षा का ध्यान रखना पड़ता है।

प्रेस फोटोग्राफी(press photography)-

जैसा कि नाम से ही यह प्रतीत होता है कि इस प्रकार की फोटोग्राफी पत्रकारिता के क्षेत्र में की जाती है पत्रकारिता के क्षेत्र में फोटो खींचने वाले को फोटो पत्रकार या फोटोजर्नलिस्ट कहा जाता है।प्रेस फोटोग्राफी में खबर के अनुसार फोटोग्राफी की जाती है एवं उस फोटोग्राफ्स के द्वारा किसी भी खबर को संपूर्ण बनाया जाता है।पत्रकारिता एवं फोटोग्राफी के क्षेत्र में यह कहा जाता है कि- एक फोटो 1000 शब्दों के बराबर होती है कुछ अखबारों में इस वाक्य के चरितार्थ किया जाता है केवल एक फोटो को छापकर।प्रेस फ़ोटोग्राफी में सामान्यतः नार्मल लेंस का उपयोग किया जाता है एवं ऑटो मोड में फोटोग्राफी की जाती है।

खेल फोटोग्राफी (sport photography)-

नाम से ही प्रतीत हो रहा है कि-खेल के क्षेत्र में फोटोग्राफी की जाती हो तो उसे ही खेल फोटोग्राफी कहते हैं।फोटोग्राफर को हर वक्त सतर्क रहना होता है, इसमें टैली फोटो जूम लेंस का उपयोग किया जाता है।कैमरे में एक sport mode होता है जिसे कैमरे में सेट करके sport photography की जाती है।यह मोड आपकी कैमरे को उस परिस्थिति के अनुसार व्यवस्थित करता है एवं कैमरे में मौजूदा अपरचर एवं शटर स्पीड को खेल की परिस्थिति के अनुसार ढाल देता है।

चेतावनी:- यह पोस्ट mynews36© के अधीन है,आप इसकी स्क्रीनशॉट या छायाप्रति निकालकर साझा नहीं कर सकते।ऐसा करने पर आपके ऊपर कॉपीराइट एक्ट के तहत कानूनी कार्यवाही की जाएगी।आप इसे लिंक के माध्यम से ही साझा कर सकते है।

Types of Camera for photography

1 Compact digital Camera
2 DSLR Camera
3 Mirror less Camera
4 Action Camera
5 360° Camera
6 Film camera

1 Compact digital Camera –यह कैमरा सामान्य तरीके से खूबसूरत फोटो क्लिक करती है एवं वीडियों सूट करने में भी सहायक होता है ।यह कैमरा user फ़्रेंडली होता है।यह कैमरा छोटा एवं हल्का होता है ।इसमें रील एवं एक्स्ट्रा लेंस की आवश्यकता नहीं होती।यह कैमरा फ़ोटो खीचने के लिए खुद को ऑटोमैटिक अरजेस्ट कर लेता है।

Photojournalism history
mynews36.com

2 DSLR Camera- यह कैमरा अच्छी क्वालिटी की फोटोग्राफी करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है ल।यह कैमरा साफ एवम विषय को अच्छी तरह प्रदर्शित करता है ।तथा विषय के अनुसार बैकग्राउंड को भी सही दिशा प्रदान करता है ।साथ ही साथ यह कैमरा हाई क्वालिटी वीडियो शूटिंग में भी सहायक होत है।इसमें ऑटो मोड में साथ साथ मैनुअल मोड का भी ऑप्शन होता है तथा इसमें परिस्थिति के अनुसार लेंस को बदल भी जा सकता है ।

mynews36.com

3 Mirror less Camera-यह एक आधुनिक कैमरा है जिसे प्रोफेशनल कैमरा भी कहते है।यह कैमरा कॉम्पैक्ट और DSLR कैमरा से उच्च क्वालिटी का कैमरा होता है ।जिसमे इन कैमरों की तरह मिरर नही होता।यह कैमरा अदभुत तरीके से हाई क्वालिटी इमेज क्लिक करने के लिए बनाया जाता है ।इसका शटर स्पीड तेज़ होता है।जो फ़ोटो खीचने में सहायक होता है तथा इसमें ULTRA HD वीडियो रिकॉर्डिंग किया जा सकता है।इसमें इलेक्ट्रॉनिक view फाइंडर होता है यह छोटा एवं हल्का होता है।

mynews36.com

4 Action Camera- wide angel में फ़ोटो या वीडियो कैप्चर करता है ।खास तौर पर फिल्मों में उपयोग किया जाता है ।छोटा व हल्का होता है।इसमें wifi होती है जिसके माध्यम से मोबाइल से जोड़ा जा सकता है।

mynews36.com

5 360° Camera-यह कैमरा गोलाकार व छोटा होता है।यह कैमरा सभी दिशाओं का फोटोग्राफी कर सकता है।

mynews36.com

6 Film camera- इस कैमरा में पहले manual option थे फ़ोटो click करने के बाद एक बटन की सहायता से फ़िल्म को आगे बढ़ाते थे।धीरे -धीरे यह कैमरा अपडेट हुआ और इसमें auto mode डाल दिया गया ।यह डिजिटल कैमरा नहीं है।फ़ोटो क्लिक करने के बाद आप इस कैमरे में तुरंत फ़ोटो नहीं देख सकते है।इस फोटो को देखने के लिए कैमरे में लगे फ़िल्म को डेवलप करना पड़ता था।

mynews36.com

फ़ोटो पत्रकारिता-

सभी राष्ट्रों के जनता के बीच मेल मिलाप उतपन्न करने में फ़ोटो पत्रकारिता की बहुत बड़ी भूमिका होती है।दुनिया की समस्त भाषाओं में फ़ोटो समाचारों की भाषा सबसे ज़्यादा सरल होती है ।आज के युग मे जब मनुष्यों के ऊपर अत्याचार हो रहे है तथा कई देशों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता नष्ठ हो रही है ऐसे में चित्र व्यक्ति की स्वतंत्रता को बरकरार रखते है क्योंकि वे सच्चाई को ज्यों का त्यों प्रस्तुत करते है।

आईज़न हावर के अनुसार-

जनसंचार में फोटोग्राफी का महत्वपूर्ण स्थान है ,प्रकाश और रासायनिक तत्वों की क्रिया से स्थायी एवं सुस्पष्ठ प्रतिबिंब तैय्यार करने की यह एक विशिष्ठ कला है।प्रकाश तथा रासायनिक प्रक्रिया से बने प्रतिबिम्ब को छाया चित्र कहते है।फोटोग्राफ सदैव सार्वभौमिक भाषा बोलते है । सभी को आकर्षित करते है।इसको बनाने तथा रखने में सुविधा है इसमें नि. लि. लाभ है-

1. भाषा मे आने वाली बाधा को इसके प्रयोग से दूर किया जा सकता है।

2. फोटोग्राफ का प्रभाव तुरंत पड़ता है क्योंकि इसे यथार्थ सत्य माना जाता है।लोगों के दृष्टिकोण और अभिरुचि को फोटोग्राफी के माध्यम से बदला जा सकता है।

3. सामाजिक बुराईयों और अपराधों को सही ढंग से पहचानने में सहायता मिलती है फलतः उनमे दूर रहने की प्रेरणा भी मिलती है ।

4. फोटोग्राफ एक साथ बहुत संख्या में लोगों के पास पहुचाया जा सकता है।

5. इसके द्वारा सीखने की प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है।

फ़ोटो अपने मे समाचार,विचार, लेख दस्तावेज़ और संपादकीय सभी कुछ है।

“लिखा-लिखी की बात नहीं,देखा-देखी की बात”

फोटो पत्रकारिता में सत्यता,वास्तविकता,विश्वसनीयता, वस्तुनिष्ठता का समावेश रहता है।

फोटो पत्रकारिता का आकर्षण-

ग्लैमर,शोहरत और खतरों से भरा एक क्षेत्र फोटोग्राफी है जिसकी ओर युवा पीढ़ी तेजी से अग्रसर है वर्तमान में मीडिया के अतिरिक्त फिल्में,विज्ञापन,फैशन,पुलिस, सेना,पर्यटन,विज्ञान इत्यादि ऐसा क्षेत्र है जहां फोटोग्राफी के बिना संबंधित कार्य को अधूरा समझा जाता है।फोटोग्राफर अपनी सृजन शक्ति द्वारा विशेष कोण अथवा कोष के आधार पर किसी साधारण चेहरे एवं व्यक्तित्व को आकर्षण बना सकते हैं मुख्यतः फोटोग्राफी कलर को ललित कला फोटोग्राफी और कमर्शियल फोटोग्राफी के रूप में बांटा गया है।

मंदिरों,मंजिलों,कीले, इमारतों,मूर्तियों से संबंधित फोटोग्राफी ललित कला फोटोग्राफी कहलाती है।जबकि फैशन,विज्ञापन,फिल्म,कमर्शियल फोटोग्राफी के अंतर्गत आते हैं 1860 ईस्वी में मात्र एक फोटो के चलते अब्राहम लिंकन को सफलता मिली यह चित्र स्वयं लिंकन का था जिसे मैथ्यू ब्रांडी ने खींचा था चुनाव के समय बहुत जोरों से प्रचलित किया गया था ताकि लिंकन गवार एवं जंगली है वह राष्ट्रपति पद के उपयुक्त नहीं है इस आरोग्य खण्डन में ब्राडी द्वारा खींची गई फोटो को सभी जगह दिखाया गया।तथा मतदाताओं का दृष्टिकोण बदला और उनकी अभिरुचि लिंकन के प्रति जागी।

एक सफल फोटोग्राफर के निम्नलिखित गुण होना आवश्यक है-

1. फोटो पत्रकार को मिलनसार,संवेदनशील एवं सृजनशील होना चाहिए।

2. उसे फोटो तकनीक की बारी क्योंकि दक्ष होना चाहिए।

3. उसे घटनाओं,कार्यक्रम तथा परिवर्तन की जानकारी होनी चाहिए।

4. उसे एक पत्रकार के समान सदैव सजग सतर्क एवं जिम्मेदार रहना चाहिए।

5. उसमें समाचारों को सुलझाने की खोदने की क्षमता होनी चाहिए।

6. उसमें जिज्ञासाओं को शांत करने की ललक होनी चाहिए जिन घटनाओं समाचारों में अधिकतम लोगों की रुचि हो उससे संबंधित आगे के छायाचित्र पाठकों तथा यथा शीघ्र पहुंचाने चाहिए।

7. एक अच्छे फोटो पत्रकार को कैमरा,लेंसों, फिल्टर, शटर स्पीड, फोकस,फ़्लैशगन,प्रकाश नियंत्रण आदि की जानकारी होनी चाहिए।

8. उसमें फिल्में प्रोसेसिंग,डार्क रूम तकनीक,फोटो पेपर तथा फोटोग्राफी रसायनों की भलीभांति समझ होनी चाहिए।

9. फोटो पत्रकार को कंपोजिशंस के नियम रूल आफ थर्ड,सेंटर ऑफ इंटरेस्ट आदि का ज्ञान होना चाहिए।

10. फोटो पत्रकार को पत्रकारिता आचार संहिता का ज्ञान होना आवश्यक है जिससे राष्ट्र,समाज,विधायिका तथा न्यायपालिका का सम्मान सुरक्षित रहे।

11. एक फोटो पत्रकार को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझ कर कार्य करना चाहिए।

खोजी पत्रकारिता और फोटो पत्रकार-

खोजी पत्रकारिता तथा पुलिस संबंधित प्रकरणों में फोटो पत्रकार की भूमिका महत्वपूर्ण होती है आजकल खोजी पत्रकारिता के प्रसंगों में प्रमाण स्वरूप दस्तावेजों के फोटो समाचारों में प्रकाशित किए जाते हैं।

जिन्हें विशेष प्रकार के सप्लीमेंट्री लेंस तथा सूक्ष्म फोटोग्राफी की सहायता से तैयार किया जाता है पुलिस प्रकरणों में भी प्रेस फोटो का बड़ा महत्व होता है।हत्या,लूट की वारदात इत्यादि में छाया चित्रों को एक श्रृंखला के रूप में खींचा जाना चाहिए।जिसमें मृतक के विभिन्न कोणों से फोटो रक्त रक्त के धब्बों,मृतक द्वारा संघर्ष के निशान,घातक हथियार,चोट इत्यादि के निशान वस्तुओं के दर्शाते चित्र,जिसमें घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त हो सके तथा जरूरत पड़ने पर अदालत में इस फोटो श्रृंखला की सहायता से घटना पर प्रकाश डालने में मदद मिले।

फोटो पत्रकारिता एक चुनौती-

फोटो पत्रकार को सदैव चुनौतियों का सामना करना पड़ता है विपरीत स्थितियों समय सुविधा,साधन की परवाह किए बगैर ही उसे समय सीमा में जल्द ही जल्द तस्वीरें समाचार पत्रों को भेजनी पड़ती है।बाढ़,भूकंप,आतंकवादी घटना, रेल दुर्घटना ,आगजनी, किसी भी विपरीत परिस्थिति में पहुंचकर उसे अपनी कौशल एवं कला का परिचय तथा नित्य नीत कसौटी पर खरा उतरना होता है। मुद्रण तकनीक तथा डिजिटल तकनीक की नई चुनौतियां से जूझते हुए उसे तत्काल घटनास्थल की तस्वीर कंप्यूटर तथा उपग्रह नेटवर्क के माध्यम से दुनिया के एक कोने से दूसरे कोने तक प्रसारित करनी होती है।उसकी फोटो में संपूर्णता विषय वस्तु की स्पष्टता आवश्यक है।कलात्मक,सृजनात्मक तथा संवेदनशीलता जैसे गुण भी अति आवश्यक है जो एक अच्छे फोटो पत्रकार की सफलता की कुंजी है|

फोटो पत्रकार को अपना कार्य अत्यंत सावधानीपूर्वक करना पड़ता है एक बार घटनास्थल कार्यक्रम का जो भी फोटो पत्रकार अपने कैमरे में कैद कर लेता है वह सदैव के लिए अमिट हो जाता है।

एक पत्रकार अपनी खबर दोबारा लिखकर ठीक कर सकता है, अपने से अनुभवी व्यक्ति का मार्गदर्शन ले सकता है।इसी प्रकार एक चित्रकार भी अपनी चित्रकला में हुई गलती को बाद में ठीक कर सकता है।अनुभवी लोगों द्वारा दिए गए परामर्श अनुसार दोबारा ठीक करके बना सकता है,किंतु फोटो पत्रकार को वहीं घटना कार्यक्रम की फोटो दोबारा प्राप्त करने का अवसर नहीं मिलता है।अतः उसे अत्यधिक सावधानीपूर्वक कलात्मक एवं तकनीकी दक्षता के साथ में कैमरे का बटन दबाना होता है।

प्रिय साथियों यह नोट्स आप सभी पत्रकारिता करने वाले छात्रों के लिए बनाया गया है|कृपया आप इस पोस्ट में दिए आवश्यक चेतावनी का विशेष ध्यान रखें|आप इसे लिंक के माध्यम से साझा कर सकते है|आगे भी हम विभिन्न विषयों के नोट्स मुहैय्या कराएँगे,इसके लिए आप mynews36 पर विजिट करते रहे,किसी भी प्रकार की परेशानी या दिक्कत होने पर आप हमसे सम्पर्क कर सकते है- मनीष कुमार साहू,मोबाइल नम्बर- 9111780001 , 9111680001 , ईमेल- [email protected]

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Copy Protected by Chetan's WP-Copyprotect.