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पैकेटबंद और फ्लेवर्ड फ्रूट जूस बच्चों के दिमाग के लिए हो सकते हैं खतरनाक,जानें क्यों?

जूस के शौकीन बाजार में पैकेटबंद और फ्लेवर्ड फ्रूट जूस से सावधानी बरतें।बाजार में मिलने वाले यह पैकेटबंद और फ्लेवर्ड फ्रूट जूस टेस्‍टी जरूर लगते हैं,लेकिन सेहत के लिहाज से यह आपके बच्‍चों के लिए काफी घातक हैं।बाजार में मिलने वाले इस जूस में शुगर का लेवल काफी ज्‍यादा मात्रा में होता है और इसमें पोषक तत्‍व भी नहीं होते हैं।इसलिए अक्‍सर डाक्‍टर भी आपको बाजार में मिलने वाले जूस के बजाय घर पर ताजे फलों के जूस के सेवन का सुझाव देते हैं।आइए हम आपको बताते हैं कि पैकेटबंद और फ्लेवर्ड फ्रूट जूस किस तरह आपके व आपके बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य पर बुरा असर डालते हैं।

पैकेटबंद फ्रूट जूस का प्रभाव

कंज्यूमर रिर्पोट्स मैग्‍जीन के अनुसार पैकेटबंद और फ्लेवर्ड फ्रूट जूस में कैडमियम,कार्बनिक,आर्सेनिक और मरकरी या लेड पाया जाता है,जो बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य पर बहुत ही बुरा असर डालता है।मार्केट में मोजूद ज्‍यादातर ब्रांडेड जूस को भी इस स्‍टडी में शामिल किया गया था। जिसमे लगभग जूस में मेटल का स्‍टर ज्‍यादा पाया गया।यदि पूरे दिन में बच्‍चा इस जूस को आधा कप भी ले,तो यह उसके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए खतरनाक हो सकता है।

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इस स्‍टडी में 45 जूसों का परीक्षण किया और पाया कि-21 में भारी मात्रा में मेटल पाया गया।यह अध्ययन में कंज्यूमर रिर्पोट्स के साथ काम करने वाले शोधकर्ताओं को चौंका देने वाला था।कंज्यूमर रिर्पोट्स के मुख्य विज्ञान अधिकारी जेम्स डिकर्सन ने कहा कि-दिन में सिर्फ 4 औंस पीने से भी यह स्‍वास्‍थ्‍य के लिए खतरनाक शाबित हो सकता है।शोधकर्ताओं का कहना है,क्योंकि बच्चे खाद्य पदार्थों,चावल उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों के साथ-साथ पानी और पर्यावरण से भी मेटल के ऊंचे स्‍तर का सामना करते हैं,इसलिए यदि वह पैकेटबंद फ्रूट जूस पीते हैं,तो उनकी सेहत के लिए और खतरा बढ़ जाता है।

पैकेटबंद व फ्लेवर्ड फ्रूट जूस ब्रेन पर असर

पैकेटबंद व फ्लेवर्ड फ्रूट जूस में भारी मात्रा में मेटल होने की वजह से यह नुकसानदायक है।बाजार में उपल्‍बध जंक फूड व ड्रिंक्‍स में हैवी मेटल होता है।इन खाद्य व पेय पदार्थों में मैन्‍यूफक्‍चरिंग प्‍लांट्स या फिर प्रॉडक्‍ट पैकेजिंग के समय भी टॉक्सिन्‍स आ जाते हैं।इसके अलावा पैकेटबंद जूस में कई बार हैवी मेटल होने के कारण यह आपके बच्‍चे के लिए नुकसानदाय‍क होता है।स्‍टडी के अनुसार,पैकेटबंद जूस में पाये जाने वाले मेटल बच्‍चे के नवर्स सिस्‍टम पर बुरा प्रभाव डालते हैं और बच्‍चे के डेंवलपिंग ब्रेन को भी नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्‍मेदार होते हैं।

घर पर हेल्‍दी जूस बनाएं

अगर आप या आपके बच्‍चे जूस के शौकीन हैं,तो आप पैकेटबंद जूस के बजाय घर पर जूस बनाएं।यह आपके व आपके बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बेहद फायदेमंद है।घर पर बना जूस बिना मिलावट का और हेल्‍दी होता है,इसमें शुगर का लेवल भी ज्‍यादा नहीं होता और यह पोषक तत्‍वों से भी भरपूर होता है।इसलिए आप घर पर ही ताजे फलों का जूस तैयार करें और अपने बच्‍चों को हेल्‍दी जूस पिलाएं।ध्‍यान रहे ऑर्गेनिक जूस भी खतरनाक हो सकता है।

सावधानियां-

जूस बनाते वक्‍त कभी भी चीनी ऊपर से नहीं मिलानी चाहिए।
वैजिटेबल जूस को भी बिना शुगर के ही बनाएं।
किसी भी फल या सब्‍जी का जूस बनाते वक्‍त उसमें चीनी नहीं मिलाएं।फलों और गाजर जैसी सब्‍जी में प्राकृतिक रूप से शुगर होता है।
जूस में चीनी ऊपर से मिलाने से वजन बढ़ सकता है।
जूस बिना छाने फाइबर सहित ही पीने से फायदा होता है।
घंटे भर पहले कटे फलों का जूस न बनाएं।आप जब भी जूस बनाएं ध्‍यान रहे कि फल हमेशा ताजे हों।

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