online migration certificate
online migration certificate

रायपुर-छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की ओर से माइग्रेशन सर्टिफिकेट (प्रवजन प्रमाण-पत्र) अब जबरन नहीं थमाया जाएगा।जिस छात्र को जरूरत होगी,वह ऑनलाइन आवेदन करके इसे आसानी से घर बैठे प्राप्त कर सकता है।इसके लिए अब माशिमं के दफ्तरों में चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे।दरअसल माशिमं ने अपने पुराने नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है।

माशिमं के सचिव डॉ. वीके गोयल ने छात्रों के हित में फैसला लेते हुए माइग्रेशन सर्टिफिकेट छापने के बजाय इसे माशिमं की वेबसाइट पर सॉफ्टकॉपी के रूप में अपलोड करा दिया है।जिस विद्यार्थी को जरूरत पड़ेगी,वह माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए 110 स्र्पये ऑनलाइन आवेदन के साथ भुगतान करके अपने संबंधित स्कूल के प्राचार्य के लॉगिन के माध्यम से सर्टिफिकेट निकलवा सकेगा।

online migration certificate
online migration certificate

इसके बाद प्राचार्य ही इस माइग्रेशन सर्टिफिकेट पर सील और मुहर लगाकर सत्यापित कर सकेंगे। लिहाजा माशिमं के दफ्तर में भी जाने की जरूरत नहीं होगी।वहीं पं.रविशंकर शुक्ल विवि समेत प्रदेश के अन्य विवि ने भी यह फैसला लिया है कि प्रदेश के बच्चों को पात्रता प्रमाण पत्र बनवाने की भी जरूरत नहीं है।

पिछले साल तक ऐसा चल रहा था खेल

माशिमं में पिछले कई सालों से माइग्रेशन सर्टिफिकेट छापने का खेल चल रहा था।माशिमं 12वीं पास हर विद्यार्थी से 110 स्र्पये फीस वसूलता था और जबरन माइग्रेशन सर्टिफिकेट अंकसूची के साथ बच्चों को थमाया जा रहा था।पिछले साल 2018 की वार्षिक परीक्षा में 12वीं पास करीब ढाई लाख छात्रों के लिए माशिमं ने माइग्रेशन सर्टिफिकेट छापकर स्कूलों में भेजा था।स्कूल में अंकसूची देते समय छात्रों से 110 स्र्पये वसूलकर सर्टिफिकेट थमाया गया था।इससे छात्रों की जेब कट रही थी।

माशिमं को हो रही थी सवा दो करोड़ की आमदनी

राज्य के विवि ने स्पष्ट कह रखा था कियहां के छात्रों को माइग्रेशन सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। फिर भी माइग्रेशन सर्टिफिकेट माशिमं छाप रहा था और इसे उसे सवा दो करोड़ से अधिक की आमदनी हो रही थी।माइग्रेशन की जरूरत उन्हें पड़ती है,जो राज्य के बाहर किसी विवि या संस्थान में प्रवेश करते हैं लिहाजा माशिमं के सचिव ने बड़ा फैसला लेकर अब छपने-छपवाने का झंझट खत्म कर दिया।

सिर्फ 20 फीसद ही जाते हैं बाहर

माशिमं के अधिकारियों का तर्क है कि 80 फीसद छात्र राज्य में ही रहकर पढ़ाई करते हैं या फिर आगे की पढ़ाई छोड़ देते हैं,लेकिन सभी को अंकसूची के साथ ही माइग्रेशन सर्टिफिकेट देना ठीक नहीं था।राजकीय विवि ने भी माइग्रेशन प्रमाण-पत्र लेने की अनिवार्यता खत्म कर दी है,इसलिए अब ऑनलाइन ही माइग्रेशन मिलेगा।सिर्फ 20 फीसद ही राज्य से बाहर उच्च शिक्षा के लिए जाते हैं।

क्या है माइग्रेशन सर्टिफिकेट और क्यों है जरूरत

राज्य में 12वीं बोर्ड पास करके छात्र राज्य के विवि या बोर्ड में ही यदि दाखिला ले रहा है तो उसे माइग्रेशन सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती है,लेकिन परिक्षेत्र बदलने पर माइग्रेशन लिया जाता है। बोर्ड से 12वीं पास छात्रों के लिए राज्य के किसी बाहर के विवि या संस्थान में दाखिला लेने से पहले माइग्रेशन सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ती है।

वर्जन

माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए अब छात्रों को अनिवार्य रूप से फीस देने की जरूरत नहीं है।हमने अलग से भी माइग्रेशन सर्टिफिकेट नहीं छापा है।जिसे जरूरत होगी, वह ऑनलाइन आवेदन करके ऑनलाइन ही माइग्रेशन सर्टिफिकेट ले सकता है। – प्रोफेसर वीके गोयल,सचिव,माशिमं

Summary
0 %
User Rating 0 Be the first one !
Load More Related Articles
Load More By MyNews36
Load More In राजधानी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

Mataragashtee:स्मार्ट सिटी“मटरगश्ती”में जमकर हुआ फिटनेस सेलिब्रेशन

रायपुर। कटोरा तालाब उद्यान में रायपुरियन्स ने रायपुर स्मार्ट सिटी के फन और फिटनेस के साप्त…