कृषि महाविद्यालय में एक दिवसीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण का आयोजन

कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, ढोलिया, बेमेतरा में कल औषधीय एंव सुगंधित पौधों के उत्पादन एवं इसके मूल्य संवर्धन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा योजना (एनएएचईपी) एवं कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, ढोलिया, बेमेतरा के संयुक्त तत्वाधान में किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डाॅ. पी. के. जोशी टीम लीडर, सेन्टर आफ इक्सलेंस औषधीय एवं सुगंधित पौधे इं.गाॅ. कृषि वि.वि. रायपुर, डाॅ यमन देवांगन, वरिष्ठ वैज्ञानिक, सेन्टर आफ इक्सलेंस औषधीय एवं सुगंधित पौधे इं.गाॅ. कृषि वि.वि. रायपुर रायपुर, इंजी. अभिमन्यु कालने, सहायक प्राध्यापक सेन्टर आफ इक्सलेंस औषधीय एवं सुगंधित पौधे इं.गाॅ. कृषि वि.वि. रायपुर मुख्य प्रवक्ता थे।

इन्होने छत्तीसगढ में औषधीय एवं सुगंधित पौधों के उत्पादन ह्रेतु आवश्यक जानकारी प्रदान की एवं इससे होने वाले लाभ के बारे में प्रशिक्षणार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह फसलें बहुआयामी स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ स्वरोजगार को भी बढ़ावा देती है। इस विषय पर विशेषज्ञों द्वारा सर्पगंधा, अश्वगंधा, सफेद मुसली, लेमन घास, काली हल्दी (नरकचूर), सिट्रोनेल्ला, गुलाब, चमेली, भूई नीम इत्यादि पौधों के उत्पादन संबंधी जानकारी प्रदान की एवं इनके अन्य उत्पाद जैसे एसेंस, इसेंसियल आयल एवं सौदर्य वर्धन सामग्री बनाने हेतु आवश्यक उपकरणों के बारे में भी बताया।

इस कार्यक्रम में ग्राम-झालम, ढोलिया एवं चारभाठा के महिला स्वसहायता समूह, नवागढ़, साजा एवं बेमेतरा ब्लाक के ग्रामीण उद्यानिकी विस्तार अधिकारी एवं कृषि महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इनके आलावा कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, के अधिकारी एवं कर्मचारियों की भी सहभागिता रही। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथी डाॅ. एस.एस राव, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर द्वारा आनलाइन संबोधन दिया गया। कार्यक्रम में कुल 90 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया ।

Leave A Reply

Your email address will not be published.