दुष्कर्मी शिक्षक के निलंबन बाद विभागीय जांच से कतरा रहे अफसर

सिविल सेवा नियमों के सामान्य प्रक्रिया के तहत हुआ निलंबन

जिले भर में दो साल में दस और राजनांदगांव विकासखंड के स्कूलों में नाबालिग स्कूली छात्राओं के साथ शिक्षकों द्वारा दुष्कर्म की छह घटनाओं के बाद क्षेत्र के पालकों और छात्राओं में काफी असुरक्षा और डर फैल गया है लगातार हो रही यौन शोषण की घटनाओं को रोकने के बजाय मामले में पर्दा डालने की नाकाम कोशिशों के आरोपों से घिरे महकमे के विकासखंड और जिला स्तर के अधिकारियों के खिलाफ पालकों में काफी गुस्सा पनप रहा है स्कूलों में यौन शोषण का अकेले घुमका थाना क्षेत्र में तीन घटनाएं हो चुकी हैं और अभी तक घटित इन मामलों में आरोपी शिक्षकों के जेल जाने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डालकर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की जा सकी है और ऐसी घटनाओं को रोकने कोई ठोस कदम उठाने की योजना तक विभाग के पास दिखाई नहीं दे रही है |

अभी तक की तमाम घटनाओं में आरोपी के खिलाफ कार्यवाही के बाद अपना दामन साफ बचा लेने का आरोप लगा रहे पालकों का मानना है कि आला अधिकारियों की जिम्मेदारी ऐसे मामलों में निश्चित की जानी चाहिए।

बीते शुक्रवार को क्षेत्र के चँवरढाल मिडिल स्कूल के शिक्षक दुर्गेश यादव ने क्लासरूम में बलात्कार कर दिया आरोपी शिक्षक की हरकतों से उबले ग्रामीणों ने शिक्षक की धुनाई भी कर दिया घटना की खबर आसपास तेजी से फैलते हुए मीडिया तक जा पहुंची इसके बाद भी संकुल समन्वयक, बी ई ओ और जिला शिक्षा अधिकारी मामले में अनभिज्ञता जताकर पर्दा डालने में लगे रहे और नेताओं के साथ एफआईआर तक रुकवाने के प्रयास में लगे रहे लेकिन मीडिया में हल्ला मचने के बाद पूरा मामला खुल गया |

हालांकि घुमका पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को देर शाम तक गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया है पूरे मामले की जानकारी होने के बाद भी संकुल समन्वयक से लेकर आला अधिकारियों की चुप्पी और अनभिज्ञता को खुद को कार्यवाही और जिम्मेदारी से बचने का खेल समझा जा रहा है वहीं 48 घण्टे से अधिक अवधि तक जेल में निरुद्ध होने के आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी का नियमानुसार प्रतिवेदन भेजने की औपचारिकता पूरी कर संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय से जारी आरोपी शिक्षक के निलंबन आदेश को तामील कर कार्यवाही का ढिंढोरा पीट रहे जिम्मेदार अधिकारी मामले की दिशा बदलकर विभागीय जांच से कतराते नजर आ रहे हैं |

जबकि जानकार सूत्रों के अनुसार आरोपी शिक्षक के विरुद्ध निलम्बन की कार्यवाही अपराधिक प्रकरणों में लिप्त कर्मचारियों के लिए बनी सिविल सेवा आचरण संहिता के तहत की गई सामान्य कार्यवाही बताया जा रहा है खबरों के अनुसार मामले में घुमका पुलिस अभी आरोपी शिक्षक के कृत्यों को छुपाने में संलिप्त समन्वयक समेत विभागीय कर्मचारियों अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल में लगी है और आशंका जताई जा रही है कि नाबालिग छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म जैसे अपराध और साक्ष्य छुपाने के मामले में भादवि के तहत और कार्यवाही की जा सकती है|

जबकि राजनांदगांव विकासखंड के आधा दर्जन स्कूलों में हुई बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद पूरे प्रदेश में जिले समेत महकमे की बड़ी बदनामी होने के बाद भी प्रशासन ने अब तक आला अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने में काफी देर कर दिया है |

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