भतीजी-भतीजा की हत्या कर युवती के सीने पर खून से लिखा अपना नाम

दूर के रिश्ते के चाचा ने रविवार की रात अपनी भतीजी के घर घुसकर लोहे के पाइप से उसे व उसके 10 वर्षीय भाई के सिर पर हमला कर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित ने भतीजी के सीने पर खून से अपना नाम पुक्कू लिखा है। कुछ देर बाद आरोपित गांव के बाहर तालाब के पास फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले में मर्ग कायम कर जांच में जुटी है।

पुलिस के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना अंतर्गत भैंसो निवासी अनिल गौरहा के छह बेटे व बेटियां हैं। तीन माह पहले वह अपनी पत्नी के साथ मजदूरी करने के लिए गुजरात गया है। गांव में उसका बेटा जितेंद्र अपनी पत्नी के साथ अलग मकान में रहता है। अनिल के जाने के बाद उसकी बेटी मधु गौरहा (19 वर्ष) व छोटा बेटा आलोक (10 वर्ष) गांव में रहकर पढ़ाई करते थे।

बीती रात दूर के रिश्ते में उसका चाचा मनेश गौरहा उर्फ पुक्कू पिता भोला राम गौरहा (32 वर्ष) पहुंचा और मधु व उसके छोटे भाई के सिर पर लोहे के पाइप से ताबड़तोड़ प्रहार कर हत्या कर दी और स्वयं गांव के बाहर स्थित तालाब के पास पीपल के झाड़ पर मधु की चुन्नी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह सात बजे मधु का भाई जितेंद्र अपनी बहन के घर पहुंचा।

दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचा तो दोनों की लाश पड़ी हुई थी। उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी केपी टंडन स्टाफ के साथ गांव पहुंचे। तीनों शव को पीएम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य पामगढ़ भेजा। बहरहाल पुलिस मामले के हर पहलुओं की बारीकी से जांच में जुटी है।

प्रेम प्रसंग की भी चर्चा

ग्रामीणों के अनुसार लगभग दो साल पूर्व मधु के भाई सोहन के साथ मनेश की पत्नी भाग गई। इसके बाद दोनों परिवार में रंजिश थी। कुछ माह से मनेश व मधु के बीच प्रेम प्रसंग बढ़ने लगा था। मगर बीती रात हुई वारदात के बाद गांव में कई चर्चाएं होने लगी हैं।

हालांकि पत्नी के भाग जाने के बाद से मनेश भी गांव से बाहर रहता था। जबकि दोनों भाई-बहन भी अपने घर पर रह रहे थे। मनेश अचानक गांव पहुंचा और भाई बहन की हत्या कर दी। पुलिस अब यह जानकारी जुटा रही है कि हत्या बदले की नीयत से हुई है या प्रेम प्रसंग में हुए विवाद के कारण। बहरहाल पुलिस जांच में जुटी है।

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