छत्तीसगढ़ में 30 सितंबर तक बंद रहेंगे राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य

रायपुर- myNews36 प्रदेश में पर्यटकों को राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य घूमने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।क्योंकि वन विभाग ने इन्हें 30 सितंबर तक बंद कर दिया है।यदि लॉकडाउन खुला तो पर्यटक जंगल सफारी और नंदनवन का आनंद उठा सकेंगे।क्योंकि वन विभाग ने बारिश में इन्हें खुला रखने का निर्णय लिया है।

ज्ञात हो कि प्रदेश में गुरु घासीदास, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, अचानक मार्ग टाइगर रिजर्व, सीता नदी टाइगर रिजर्व और 13 अभयारण्य- तमोर पिंगला, सीतानदी, अचानकमार, सेमरसोत, गोमरदा, पामेड़, बारनवापारा, उंदती, भोरमदेव, भैरमगढ़, बादलखोल आदि पर्यटकों के लिए नौ माह खुले रहते हैं।इस साल कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन के कारण 24 मार्च से राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्यों को बंद कर दिया गया है।

बारिश में इसलिए रहते हैं बंद

बरसात का समय वन्यप्राणियों के प्रजनन का समय होता है। इस दौरान पर्यटकों की मौजूदगी से वन्यप्राणी विचलित हो जाते हैं। इसलिए राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों को वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत पर्यटकों के लिए जुलाई से सितंबर तक हर साल बंद रखा जाता है। इस दौरान अभयारण्यों के सभी तालाब, पोखर व नाले पानी से लबालब भर जाते हैं और वन्यजीव स्वच्छंद विचरण करते हैं।

घूम सकेंगे जंगल सफारी और नंदनवन

वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद जंगल सफारी और नंदनवन को खोल दिया जाएगा। बारिश में पर्यटक जंगल सफारी में वाइट टाइगर और नंदनवन में विदेशी पक्षियों को देख सकेंगे।सफारी प्रबंधन ने सफारी के भीतर बनी सड़क में मुरुम डलवाने के साथ अन्य सारी तैयारी कर ली है। शासन का आदेश आते ही इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों को एक जुलाई से 30 सितंबर तक बंद रखा जाएगा। यह वन्य प्राणियों के प्रजनन का समय रहता है। इसलिए बंद रखा जाता है -अरुण कुमार पाण्डेय, एपीसीसीएफ छत्तीसगढ़

Leave A Reply

Your email address will not be published.