नरवा उपचार से बढ़ा सिंचाई का रकबा भरपूर पानी मिलने से किसान उत्साहित

गांवों के सर्वागींण विकास के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू सुराजी ग्राम योजना के अंतर्गत नरवा, गरवा घुरवा और बाड़ी योजना से गांवों की तस्वीर बदलने लगी है। इससे रोजगार में वृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी बेहतर हो रही है। कवर्धा जिले के विकासखंड बोड़ला, के ग्राम लब्दा, जोकपानी, पुतकी एवं बोदा में बहने वाला टमडू नाला के जीर्णोद्धार से भू-जल स्तर में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। नरवा उपचार के पूर्व इस नाले का सिंचित क्षेत्र जहां 257.21 हेक्टेयर था वह बढ़कर 312.48 हेक्टेयर हो गया है। इससे न केवल वहां की आबादी लाभन्वित हो रही है, बल्कि सिंचिंत क्षेत्र बढ़ने से इसका सीधा असर फसलों पर पड़ा है।

लगभग 7.23 किमी लंबे इस टमडू नाले को नरवा अभियान के तहत सहेजने का काम मनरेगा से किया गया है। खेती किसानी के लिए पानी कि आवश्यकता ग्रामीणों की बहुत पुरानी मांग रहीं है। इस नाले के जीर्णांद्धार होने से पानी की कमी दूर हुई है। कर्वधा जिले में महत्वकांक्षी योजना नरवा अभियान के तहत पानी कि उपलब्धता बढ़ाने के लिए बोड़ला क्षेत्र के 6 अलग-अलग नालों में बहुत से कार्य कराये गये है जिसमें से टमडू नाला एक है।

इसका मुख्य उद्देश्य वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों को रोजगार देने केे साथ ही पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराना है। इन नालों में सुधार कार्य होने से गेहू, चना एवं अन्य रबी की अन्य फसल कृषकों द्वारा आसानी से ली जा रही है। ग्राम पंचायत लब्दा के सरपंच श्री मदन धुर्वे ने बताया कि ग्रामीण अंचल होने के कारण खेती वर्षा जल एवं परम्परागत जल स्त्रोतों पर ही निर्भर है।

यहीं कारण है कि टमडू नाला नरवा अभियान से जुड़कर हमारे लिए बहुत उपयोगी बन गया है। उन्होंने बताया कि टमडू नाला शभुपिपर से हमारे गांव तक आता है जो पचराही के रास्ते बैजलपुर के समीप हाफ नदीं में मिल जाता है। इसका बहाव क्षेत्र हमारे गांव में लगभग 4 किमी है और सीधे तौर पर गांव की बड़ी आबादी इससे जुड़ी हुई है। नरवा अभियान का ही असर है कि फरवरी माह मे भी टमडू नाले का पानी ग्रामीणों को भरपुर मात्रा में मिल रहा है।

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