नरवा विकास योजना : वन क्षेत्रों में भू-जल संरक्षण के बड़े तादाद में हो रहे कार्य: मंत्री अकबर

राज्य शासन की महत्वाकांक्षी ’नरवा विकास योजना’ के तहत प्रदेश के वन क्षेत्रों में स्थित नालों में कैम्पा मद की वार्षिक कार्ययोजना 2019-20 के तहत 12 लाख 9 हजार 485 संरचनाओं का निर्माण जारी है। इनमें से अब तक लगभग 11 लाख संरचनाओं का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इनका निर्माण 155 करोड़ रूपए की राशि से किया जा रहा है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि राज्य में इसके तहत 155 करोड़ रूपए की राशि से 01 हजार 766 किलोमीटर लंबाई के विभिन्न नालों में भू-जल संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं। इन संरचनाओं के पूर्ण होने पर 4 लाख 65 हजार 172 हेक्टेयर भूमि उपचारित होगी। इसमें वन क्षेत्रों के नालों में भू-जल संरक्षण कार्य के लिए लूज बोल्डर चेकडेम, बोल्डर चेकडेम, ब्रशवुड चेकडेम, कंटूर ट्रेंच, परकोलेशन टैंक, अर्दन डेम, चेकडेम, एनीकट, स्टापडेम तथा गेबियन आदि संरचनाओं का काफी तादाद में निर्माण किया जा रहा है।

इससे एक ओर वन भूमि के क्षरण को रोका जा सकेगा, वहीं दूसरी ओर जल भंडार में वृद्धि की जा सकेगी। वन क्षेत्रों में जल भंडार की पर्याप्त उपलब्धता से वन्य जीवों को उनके रहवास क्षेत्र में ही चारा-पानी उपलब्ध होगा, जिससे वे आबादी क्षेत्रों की ओर आकर्षित नहीं होंगे। इसके साथ ही वनों के आसपास के ग्रामीणों तथा कृषकों को पेयजल तथा सिंचाई के साधन विकसित करने में मदद मिलेगी।

इस संबंध में कैम्पा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व्ही.श्रीनिवास राव ने बताया कि कैम्पा की वार्षिक कार्ययोजना 2019-20 के तहत राज्य के वन क्षेत्रों में स्थित नालों में निर्माणाधीन 12.09 लाख संरचनाओं में से अब तक स्टॉपडेम, कंटूर ट्रेन्च, बी.जी.पी. तथा वाटरहोल्स निर्माण के कार्य को लगभग पूर्ण किया जा चुका है। इनमें से अब तक दुर्ग वनवृत्त के अंतर्गत 79 हजार 206 संरचनाओं में से 69 हजार 278 संरचनाओं का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है।

इसी तरह बिलासपुर वनवृत्त के अंतर्गत 6 लाख 68 हजार 164 संरचनाओं में से 6 लाख 5 हजार 759, रायपुर वनवृत्त के अंतर्गत 56 हजार 529 संरचनाओं में से 41 हजार 564 तथा जगदलपुर वनवृत्त के अंतर्गत 2 लाख 78 हजार सरंचनाओं में से 2 लाख 12 हजार संरचनाओं का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इसके अलावा सरगुजा वनवृत्त के अंतर्गत एक लाख 17 हजार 129 संरचनाओं में से एक लाख 17 हजार 106 तथा कांकेर वनवृत्त के अंतर्गत 2 हजार 626 संरचनाओं में से 2 हजार 443 और वन्यप्राणी क्षेत्र के अंतर्गत 7 हजार 737 संरचनाओं में 6 हजार 840 संरचनाओं का का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है।

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