mobile side effects

रायपुर-हमारी हर छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में अहम हिस्सा निभाने वाले हमारे मोबाइल ने हमारी सेहत पर अपनी छाप छोड़ना शुरू कर दिया है।एक शोध में बेहद ही चौंका देने वाली जानकारी सामने आई है।शोध के मुताबिक मोबाइल का अधिक इस्तेमाल करने वाले युवाओं के सिर पर अब सींग उगने लगे हैं। इतना ही नहीं मोबाइल हमारे मस्तिष्क के कंकाल स्तर में भी बदलाव कर रहा है।

सिर पर उग रहे सींग

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शोध के मुताबिक,वे लोग,जो सिर को ज्यादा झुकाकर मोबाइल का प्रयोग कर रहे हैं,उनकी खोपड़ी में सींग विकसित हो रहे हैं।ऑस्ट्रेलिया के क्‍वींसलैंड स्थित सनशाइन कोस्ट यूनिवर्सिटी में हुए शोध में बताया गया कि-जब हम झुककर मोबाइल का फोन प्रयोग करते हैं तब शरीर का वजन रीढ़ की हड्डी से शिफ्ट होकर सिर के पीछे की मांसपेशियों तक पहुंच जाता है,जिससे कनेक्टिंग टेंडन और लिगामेंट्स में हड्डी विकसित हो रही है,जिसके परिणामस्वरूप लोगों में सींग जैसी हड्डियां बढ़ रही हैं।ये गर्दन के ठीक ऊपर की तरह खोपड़ी से बाहर निकली हुई है।

युवाओं में इसका असर ज्यादा

Bio machenics (जैव यांत्रिकी) पर हुई शोध में 18 से 30 साल की उम्र के बीच के ऐसे लोगों को शामिल किया गया,जो मोबाइल पर कई घंटों तक बात करते हैं या फिर अपने स्मार्टफोन पर ही चिपके रहते हैं।शोध रिपोर्ट में 1200 लोगों के एक्स-रे को भी शामिल किया गया,जिसमें पाया गया कि 33 फीसदी लोगों में सींग जैसी हड्डी विकसित हुई है।

गर्दन पर दबाव के कारण हो रहा ऐसा

शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि वे लोग,जो मोबाइल चलाते वक्त अपने सिर को आगे-पीछे की तरफ हिलाते हैं उनकी गर्दन के निचले हिस्से की मांसपेशियों में खिंचाव होने लगता है, जिसके कारण कुछ दिनों में ये हड्डी बाहर की तरफ आ जाती है और सिर पर ज्यादा दबाव पड़ने से सींगनुमा जैसी चीज बाहर आने लगती है।

शोधकर्ताओं ने तस्वीर रखी सामने

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शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में सामने आई जानकारी को और पुख्ता बनाने के लिए एक स्कैन्ड चित्र भी दिखाया गया है,जिसमें खोपड़ी के निचले हिस्से में ये सींग दिखाई दे रहे हैं।इस रिसर्च का पहला पेपर जर्नल ऑफ एनाटॉमी में साल 2016 में प्रकाशित किया गया था।शोध में ये भी कहा गया कि जिन लोगों को अध्ययन में शामिल किया गया उनमें से 41 फीसदी युवाओं के सिर की हड्डी में वृद्धि देखी जा सकती है।

मानव शरीर पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव

शोधकर्ताओं का मानना है कि सिर्फ मोबाइल ही नहीं स्मार्टफोन जैसे दूसरे उपकरणों से भी इसी तरह का दिक्कत सामने आ रही है।ये उपकरण मानवीय स्वरूप को बदल रहे हैं।शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि प्रौद्योगिकी के मानव शरीर पर होने वाले प्रतिकूल प्रभाव का यह अपने तरीके का पहला शोध है।

बच्चों को भी खतरा

2016 के बाद 2018 में शोधकर्ताओं ने अपने दूसरे पेपर में चार किशोरों का केस स्टडी सामने रखा, जिनके सिर पर सींग आए हुए थे। शोधकर्ताओं ने इसके पीछे आनुवांशिक कारण होने की बात से इनकार कर दिया है।उन्होंने दावा किया कि इन बच्चों के सिर पर सींग गर्दन के दबाव के कारण आए हैं।

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