मनरेगा को कृषि से जोड़ा जाए,कम होगी खेती की लागत,केंद्र को भेजा गया है प्रस्ताव

रायपुर – छत्‍तीसगढ़ राज्य सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कृषि से जोड़ने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि वर्तमान में इस योजना के तहत भूमि समतलीकरण और तालाब निर्माण के कार्य प्रमुखता के साथ कराए जा रहे हैं। निंदाई, फसल कटाई के कार्य भी यदि कराए जाए तो उससे किसानों को सहायता मिलेगी और उत्पादन लागत कम होगी।

नए सर्किट हाउस में आयोजित दिशा समिति की बैठक में उन्होंने कहा कि इसके लिए, अनुसूचित क्षेत्रों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बैंक की नई शाखाएं खोलने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा में जानकारी दी गई कि राज्य के नौ जिला अस्पतालों में कैंसर मरीजों के लिए निश्शुल्क कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। कोविड संकट के दौरान 450 मरीजों ने इस सुविधाओं का लाभ उठाया।

इनमें से अधिकतर बस्तर और जशपुर जिले के हैं। इसी तरह प्रदेश के आठ जिला अस्पतालों में 25 डायलिसिस मशीनें लगाई गई है, जिनके माध्यम से 4576 सेशन में 1370 मरीजों का निश्शुल्क डायलिसिस किया गया। रायपुर में हमर लैब की स्थापना की गई है, जिसमें 96 टेस्ट किए जा रहे हैं। आने वाले समय में इस लैब में 120 टेस्ट की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध होगी।

देश का 92 फीसद बायो गैस संयंत्र राज्य में

स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पूरे देश में 296 बायो गैस संयंत्रों की स्थापना की गई, जिनमें से 92 प्रतिशत 273 बायोगैस संयंत्र छत्तीसगढ़ में स्थापित किए गए।

अधूरे राष्ट्रीय राजमार्गों को पूरा करने भेजेंगे प्रस्ताव

बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय राज मार्गों की स्थिति खराब है। केंद्र सरकार ने जिन ठेकेदारों को काम दिया था वे काम नहीं कर रहे हैं। बैठक में बिलासपुर से कटघोरा और अंबिकापुर, रायगढ़ से कुनकुरी होते हुए पत्थलागांव मार्ग के निर्माण्ा में तेजी लाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का फैसला किया गया है।

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