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Master Plan:शिक्षा गुणवत्ता को लेकर बनाया गया जिले मे मास्टर प्लान

कक्षाओ मे मोबाईल नही ले जा सकेगें शिक्षक 

Master Plan

कोण्डागांव/ संवाददाता – जिला मे शिक्षा गुणवत्ता के मुददे पर कलेक्टर नीलकण्ठ टीकाम के अनुसार मास्टर प्लान बनाया जा रहा है।इस क्रम मे जिले के विकासखण्ड कोण्डागांव,फरसगांव एंव केशकाल मे प्राचार्यो सहित उनके समस्त स्टाॅफ की वृहत समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी।जिसमे कलेक्टर की अध्यक्षता मे शिक्षा गुणवत्ता एंव अध्यापन कौशल पर गहन विचार विमर्ष हुआ।

समीक्षा बैठक मे जिला कलेक्टर ने सर्वप्रथम प्रत्येक उच्चतर माध्यमिक शालाओ मे विगत परीक्षा परिणाम की जानकारी ली उन्होने कहा कि जिले मे शिक्षा गुणवत्ता के संबध मे नये सिरे से विचार करने का समय आ गया है। इसके तहत अब प्रत्येक सोमवार अनिवार्य रूप से शिक्षक अपनी कक्षाओ की मूल्यांकन परीक्षाये लेंगे।

इसके अलावा जिले के समस्त शालाओ मे गैर शैक्षणिक गतिविधिया जैसे खेल, कूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम इत्यादि माह दिसम्बर तक ही सम्पन्न होगी जबकि जनवरी, फरवरी, माह मे पूरी तरह से अध्यापन कार्य ही होंगे।

इसके साथ ही कृषि विभाग के अधिकारियो द्वारा सप्ताह मे एक बार कक्षा 10 औ 12 वी के छात्रो की कक्षाओ मे अध्यापन कराया जायेगा ताकि छात्र उन्नत कृषि एंव वन सम्पदा के सरक्षंण को भली भांति समझ सके।इसके लिए छात्रो के समुह का विशेष रूप से स्थल भ्रमण भी कराया जायेगा।

इसके अलावा 9वी और 11वीं के छात्राओ को चूड़ी डिजाइ्रनिंग एंव छात्रो को एलईडी बल्ब केे निर्माण के प्रशिक्षण की भी योजना है। ताकि छात्र पढ़ाई के  साथ हुनर सीखने क कौशल मे भी पारंगत हो इसके लिए छात्रो को मानदेय भी दिया जायेगा ताकि छात्र प्रशिक्षण में रुचि लेकर काम करें जिला कलेक्टर ने सभी शालाओ मे समूह गठन करने का निर्देश देते कहा कि शिक्षक गण छात्र समूहो मे आपसी शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा का आयोजन करके छात्रो को अध्यापन के नयेेे तरिको से परिचित करा सकते है।

उन्होने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता के मायने से अध्यापन कराने तक सीमित नही है बल्कि यह एक भावनात्मक मुद्दा होने के साथ साथ एक परम कर्तव्य है। शिक्षक आने वाली पीढ़ी के भविष्य का संरक्षक होता है। अतः हर शिक्षक इस शिक्षा सत्र मे नवाचार लाने का संकल्प लें इसके लिए उन्हे अपने अध्यापन कार्य को रोचक बनाना पड़ेगा ताकि बच्चो मे पढ़ाई के प्रति ललक जगे। शिक्षकों का मार्गदर्शन ही अन्ततः छात्रो की सफलता पथ प्रशस्त करता है।

उन्हाने कहा कि इस शिक्षा सत्र मे किसी भी शिक्षक द्वारा कक्षाओ मे मोबाईल ले जाना वर्जित कर दिया है। शिक्षक अपने अध्यापन के दौरान अपने मोबाईल प्रार्चाय कक्ष मे जमा करके ही कक्षाओ मे जायेंगे और इस आदेश की अवहेलना पर कड़ी कार्यवाही भी संभव है। जिला कलेक्टर ने सभी शिक्षकों को जिले मे निर्मित होने वाले मक्का प्रसंस्करण केन्द्र के बारे मे बताते हुए कहा कि शिक्षक अपने पदस्थ ग्रामो मे ग्रामीणो को पंजीयन करने के लिए प्रोत्साहित करें।

ज्ञातव्य है कि ग्राम कोकोड़ी में बनने वाले माँ दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी समिति की सदस्यता शुल्क 100/- रुपये रखी गई है एवं न्यूनतम अंशपूंजी के लिए 1000/- तथा अधिकतम अंशपूंजी 50 हजार तक जमा किया जा सकेगा। इसके साथ ही कृषक तीन किश्तों में भी अंशपूंजी जमा करके समिति में हिस्से दार बन सकते है। जिले में 136.20 करोड़ लागत वाले उक्त मक्का प्रसंस्करण केन्द्र के लिए गठित कृषक समिति में अब तक 18 हजार से अधिक कृषको द्वारा सदस्यता हेतु पंजीयन कराया जा चुका है।अपने संबोधन के अन्त मे जिला कलेक्टर ने जिले के समस्त शिक्षको की सराहना करते हुए कहा कि उन्होने पिछले सत्र मे उत्कृष्ट कार्य किया है। इस मौके पर अनुविभागीय अधिकारी द्वारा छात्रो की जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रकिया के सरलीकरण के बारे मे विस्तारपूर्वक बताया गया। इस मौके पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जी0आर0सोरी, जिला शिक्षा अधिकारी राजेष मिश्रा, राजीव गांधी शिक्षा मिषन समन्वयक परमजीत संघे उपस्थित थे।

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