रायपुर – रायपुर धर्म संसद में महात्मा गांधी पर अमर्यादित टिप्पणी के बाद रायपुर जेल में बंद कालीचरण पर महाराष्ट्र के अकोला और 19 दिसंबर को पुणे के खड़क थाने में भी मामला दर्ज है। मामला दर्ज होने पर उन्हे लेने के लिए महाराष्ट्र की ठाणे की पांच सदस्यीय पुलिस टीम रायपुर के टिकरापारा थाने पहुंची है। जबकि अकोला पुलिस ने कालीचरण पर दर्ज केस को रायपुर पुलिस को ट्रांसफर कर दिया है।

महाराष्ट्र पुलिस को कालीचरण महाराज का प्रोटेक्शन वारंट रिमांड कोर्ट की वजह से नहीं मिला है। रेगुलर कोर्ट में सोमवार को लगेगी अर्जी।

ठाणे पुलिस के मुताबिक पुणे में 19 दिसंबर को नाटुबाग मैदान में एक कार्यक्रम में आरोपितों ने नफरत भरे भाषण दिए थे, जो लोगों को भड़का सकते थे और धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकते थे।

ठाणे पुलिस ने प्रोटेक्शन वारंट के लिए कोर्ट मे आवेदन दिया है। गौरतलब है कि कालीचरण को रायपुर पुलिस मध्य प्रदेश के खजुराहो से बुधवार को गिरफ्तार करने के बाद रायपुर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने एक दिन की पुलिस रिमांड पर कालीचरण को भेज दिया था। शुक्रवार को पुलिस ने दोबारा कोर्ट में कालीचरण को पेश किया, कोर्ट के आदेश पर 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर रायपुर जेल भेज दिया गया।

तीन जनवरी को जमानत पर सुनवाई

महात्मा गांधी पर टिप्पणी पर न्यायिक हिरासत में लिए गए कालीचरण की सुनवाई तीन जनवरी को रायपुर सेशन कोर्ट में होगी। जिला कोर्ट में वकील ने जमानत याचिका लगाई थी, जहां से राहत नहीं मिली है।

धर्म संसद के विवाद में फंसे आयोजक नीलकंठ त्रिपाठी ने छोड़ी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी

धर्म संसद के आयोजक नीलकंठ त्रिपाठी ने शनिवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का दामन छोड़ दिया। धर्म संसद में महात्मा गांधी के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी के बाद विवाद में रहे। बताया जाता है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के आलाकमान उन पर साठगांठ करके इस तरह की धर्म संसद का आयोजन करने का आरोप लगा रहे थे। हालांकि आयोजक नीलकंठ त्रिपाठी ने इस प्रकार के आरोपों को सिरे से खारिज किया है और पार्टी से दबाव बनने के बाद उन्होंने राष्ट्रवादी युवा कांग्रेस पार्टी से राष्ट्रीय सचिव पद के साथ समस्त पदों से इस्तीफा दे दिया।

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