चीन के साथ लद्दाख की गलवां घाटी में सोमवार रात चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में सेना के सीओ रैंक के एक अधिकारी समेत 20 जवान शहीद हो गए। देर रात सेना से 20 जवानों के शहीद होने की पुष्टि की। आज सेना की ओर से सभी शहीदों के नामों की सूची जारी कर दी गई। 

किस रेजिमेंट से कितने शहीद

  • 16 बिहार रेजिमेंट: 12 शहीद
  • 3 पंजाब रेजिमेंट: तीन शहीद
  • 3 मीडियम रेजिमेंट: दो शहीद
  • 12 बिहार रेजिमेंट: एक शहीद
  • 81 माउंट बिग्रेड सिग्नल कंपनी: एक शहीद
  • 81 फील्ड रेजिमेंट: एक शहीद
  • 16 बिहार रेजिमेंट: 12 शहीद, इन राज्यों से थे 
  • सिपाही कुंदन कुमार – सहरसा, बिहार
  • सिपाही अमन कुमार – समस्तीपुर, बिहार
  • दीपक कुमार – रीवा, मध्यप्रदेश
  • सिपाही चंदन कुमार – भोजपुर, बिहार
  • सिपाही गणेश कुंजाम – सिंहभूम, पश्चिम बंगाल
  • सिपाही गणेश राम – कांकेर, छत्तीसगढ़
  • सिपाही केके ओझा – साहिबगंज, झारखंड
  • सिपाही राजेश ओरांव – बीरभूम, पश्चिम बंगाल
  • सिपाही सीके प्रधान – कंधमाल, ओडिशा
  • नायब सूबेदार नंदूराम – मयूरभंज, ओडिशा
  • हवलदार सुनील कुमार- पटना, बिहार
  • कर्नल बी. संतोष बाबू – हैदराबाद, तेलंगाना
  • 3 पंजाब रेजिमेंट: तीन शहीद
  • सिपाही गुरतेज सिंह – मनसा, पंजाब
  • सिपाही अंकुश – हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश
  • सिपाही गुरविंदर सिंह – संगरूर, पंजाब
  • 3 मीडियम रेजिमेंट: दो शहीद
  • नायब सूबेदार सतनाम सिंह – गुरदासपुर, पंजाब
  • नायब सूबेदार मनदीप सिंह – पटियाला, पंजाब
  • 12 बिहार रेजिमेंट: एक शहीद
  • सिपाही जयकिशोर सिंह – वैशाली, बिहार
  • 81 माउंट बिग्रेड सिग्नल कंपनी: एक शहीद
  • हवलदार बिपुल रॉय  – मेरठ, उप्र
  • 81 फील्ड रेजिमेंट: एक शहीद
  • हवलदार के. पालानी – मदुरै, तमिलनाडु

लेह में शहीदों को श्रद्धांजलि

वहीं, बुधवार को लद्दाख में सेना ने शहीद जवानों का माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन सेना द्वारा लेह के आर्मी अस्पताल में किया गया। इस दौरान इलाके में सेना के हेलिकॉप्टर को निगरानी करते भी देखा गया। गौरतलब हो कि, चीनी सैनिकों के साथ सीमा पर हुई झड़प में 20 जवान शहीद हो गए। सूत्रों के मुताबिक, सीमा पर हुए खूनी संघर्ष में चीन के 43 सैनिक हताहत हुए हैं। इनमें मृतक और गंभीर रूप से घायल चीनी सैनिक शामिल हैं। 

इस घटना के बाद पूरे इलाके में सेना ने सतर्कता तथा चौकसी बढ़ा दी है। चीन सीमा पर 45 साल बाद इस तरह की हुई यह पहली घटना है। इससे पहले 1975 में अरुणाचल प्रदेश में तुलुंग ला में संघर्ष हुआ था जिसमें चार जवान शहीद हुए थे।  

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