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korba murder case: पहले पति के पास लौटना चाहती थी युवती,दूसरे ने जाने नहीं दिया तो कर दी हत्या

korba murder case
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कोरबा-खोडरी के सब्जी व्यवसायी के अंधेकत्ल के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है।इस मामले में कोई और नहीं बल्कि उसकी अपनी पत्नी आरोपित निकली है।उसने अपने पहले पति, पुत्र और पड़ोसी के साथ मिलकर लोहे के पाइप व डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी और बाद में शव को बोरे में भरकर ठिकाने लगा दिया।वह अपने पहले पति के पास वापस लौटना चाहती थी,पर दूसरा पति उसे जाने नहीं दे रहा था।पुलिस ने सभी चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।कमला बाई (42) ने करीब 10 साल पहले मरवाही क्षेत्र में रहने वाले अपने पति चैतुदास व पुत्र देवदास को छोड़कर जटगा के खोडरी निवासी सब्जी व्यवसायी शिव बालक श्रीवास (42) के साथ दूसरी शादी कर ली थी।बताया जा रहा है कि अभी हाल में शिव बालक को छोड़कर पुनः अपने पहले पति के घर चली गई थी।

दूसरा पति उसे किसी भी हाल में वापस लौटने नहीं दे रहा था।इसे लेकर विवाद चल रहा था।शिव बालक के पड़ोस में रहने वाला कृष्ण कुमार ने इस विवाद को और भड़काने का काम किया।उसने हमेशा के लिए झंझट मिटाने शिवबालक की हत्या कर देने की सलाह चैतुदास व उसके पुत्र को दी।पांच जुलाई को सुबह छोटा हाथी लेकर मातिन के लोरीबहरा बाजार जाने शिवबालक निकला और बाजार कर रात करीब 10 बजे घर वापस लौटा।इस बीच पड़ोसी कृष्ण कुमार के घर चैतुदास, कमला और उसका पुत्र देवदास हत्या करने की योजना बनाकर घात लगाए बैठे थे।जैसे ही शिवबालक छोटा हाथी लेकर घर पहुंचा, तीनों उस पर घर के बाहर ही टूट पड़े।रस्सी से हाथ-पैर बांधकर कमला ने रॉड से बुरी कदर पीटा। चैतुदास और देवदास ने भी डंडे व रॉड से प्राणपखेरू उड़ते तक पीटा।वह बचाव के लिए चीखता चिल्लाता रहा पर पड़ोसी कृष्ण कुमार घर से बाहर नहीं निकला।मौत हो जाने के बाद आरोपितों ने बोरे में शव को भरकर गांव से थोड़ी दूर स्थित बनवार नाला के नीचे ठिकाने लगा दिए।पुलिस ने हत्या का मामला धारा 302, 201 के तहत दर्ज किया है।हत्या के लिए उकसाने वाले पड़ोसी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

शव को देख बहाती रही मगरमच्छ के आंसू

पुलिस के सामने कमला मगरमच्छ के आंसू बहाती रही।शव को देख बिलखकर रोने लगी।उसने पुलिस को गुमराह करते हुए बताया था कि मैं बीमार थी इसलिए मुझे अपने साथ बाजार नहीं ले गए।आमतौर पर मैं हमेशा उनके साथ सब्जी बेचने जाती थी।वह नाटक करते हुए यह कहते हुए रो रही थी कि यदि मैं साथ जाती तो शायद ऐसा नहीं होता।

इसलिए थोक व्यापारी को भी लगाया मोबाइल

आरोपितों ने गुनाह छुपाने कोई कोर कसर बाकी नहीं रखा पर कानून के हाथ भी लंबे होते हैं,गुनाहगार तक पहुंच ही जाते हैं।पति के लापता होने की सूचना कमला ने खुद थाने पहुंचकर दी थी।उस पर संदेह न हो इसलिए सब्जी के थोक व्यापारी राजेंद्र पटेल से भी दो बार मोबाइल में संपर्क किया था।पहली बार सुबह जब शिवबालक सब्जी खरीदने गया था और रात को 10 बजे शिवबालक के वापस नहीं लौटने की कहानी उसे सुनाई थी,ताकि पुलिस को लगे कि वह जो कहानी बताई है वह सही है।

अपने ही बयान पर फंसने लगी

पोस्टमार्टम के दौरान यह पता चला है कि शिवबालक के दोनों पैर की हड्डियां बुरी तरह टूट गई थी।कंधा, सिर व चेहरे में भी गंभीर चोट के निशान मिले थे।पुलिस प्रथम दृष्टया ही समझ गई थी कि किसी भारी वस्तु से बेदम पिटाई किए जाने से मौत हुई है।पुलिस ने संदेह के आधार पर पूछताछ शुरू की तो अपने ही बयान में कमला उलझ गई और सच्चाई सामने आ गई।

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