Kisan Credit Card

नई दिल्ली-आगामी रबी की फसल की बुवाई के दौरान किसानों को बैंक से कर्ज लेने में अप परेशानी नहीं होगी।इसके लिए सरकार ने आगामी 100 दिनों के अंदर कम-से-कम एक करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) उपलब्ध कराने का फैसला लिया है।किसानों को आसानी से यह कार्ड मिल सके,इसके लिए बैंकों को आवेदन मिलने के दो सप्ताह के अंदर न सिर्फ यह कार्ड जारी करने को कहा गया है बल्कि उन्हें विशेष शिविर लगाकर भी इसके वितरण का आदेश दिया गया है।इस कार्य में केंद्र ने सभी राज्यों से सहयोग मांगा है।कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बृहस्पतिवार को इस संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों से बातचीत की।इस दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना,लघु एवं सीमांत किसानों के लिए किसान पेंशन योजना और कुछ अन्य योजनाओं पर चर्चा हुई।हालांकि,सबसे अधिक जोर किसान क्रेडिट कार्ड पर रहा।उन्होंने 100 दिनों के अंदर केंद्र सरकार के इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्यों से सहयोग मांगा।वर्तमान में देश में करीब 6.95 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड ही सक्रिय हैं।

बैंकों को तेजी से काम करने के निर्देश

सरकार ने बैंकों से इस दिशा में तेजी से काम करने को कहा है। इससे पहले इस संबंध में कृषि एवं वित्त मंत्रालय के उच्च अधिकारियों की बैठक हो चुकी है। इस योजना से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि अब भी करोड़ों किसानों के पास खेती करने के लिए सांस्थानिक वित्त की उपलब्धता नहीं है। वे मजबूरीवश सूदखोरों या महाजनों के चंगुल में फंसते हैं। इसलिए सरकार चाहती है कि जिस तरह फाइनेंशियल इंक्लूजन के जरिए आम लोगों का खाता खुलवाया गया, उसी तरह किसानों को भी केसीसी जारी किया जाए।

ग्रामीण इलाकों में शिविर लगाकर कार्ड बांटेंगे बैंक

वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बातया कि बैंकों को ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में शिविर लगाकर किसान क्रेडिट कार्ड बनाने का अभियान चलाने को कहा गया है।शिविर का आयोजन कैसे होगा,यह जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी (डीएलबीसी) तय करेगा।यही कमेटी तिथिवार कार्यक्रम भी बनाएगी कि किस गांव में कब शिविर लगाना है।उनमें कौन-कौन बैंक शामिल होंगे।उनका कहना है कि-इसके लिए संबंधित किसान का आधार संख्या अनिवार्य रूप से लिया जाएगा।

केसीसी से चार फीसदी ब्याज पर लोन

किसान यदि महाजन से उधार लेता है तो उसे सालाना करीब 24 फीसदी ब्याज चुकाना पड़ता है,लेकिन केसीसी के जरिए लोन लेने पर उसे सालाना महज चार फीसदी ही ब्याज देना होता है।उदाहरण के लिए,यदि इस समय बैंक फसली ऋण पर सालाना नौ फीसदी सलाना ब्याज वसूलते हैं तो किसानों को सिर्फ चार फीसदी ब्याज ही देना होगा।ऐसा इसलिए क्योंकि शुरू में ही ब्याज में दो फीसदी की सब्सिडी मिल जाती है। उसके बाद यदि किसान समय पर ऋण का भुगतान करते हैं तो उन्हें ब्याज में तीन फीसदी की और छूट दी जाती है।

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