कोरोना वायरस का संक्रमण देश और दुनिया में तेजी से बढ़ता जा रहा है। दुनियाभर के लोगों को इसकी वैक्सीन का इंतजार है। रूस और चीन ने इसकी वैक्सीन तैयार कर ली है तो वहीं भारत, अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देश वैक्सीन पर कामयाबी के बहुत करीब हैं। कोरोना महामारी से निपटने में सबसे बड़ी चुनौती इसकी जांच है। वैज्ञानिक शुरुआत से ही ज्यादा से ज्यादा जांच को जरूरी बताते आ रहे हैं। लोग इसके लक्षणों के आधार पर कोरोना की जांच करा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सूखी खांसी, बुखार, सर्दी, थकान आदि कोरोना के लक्षण बताए हैं। इनमें गंध और स्वाद का पता नहीं चल पाना भी शामिल है। आपको कोरोना है या नहीं, इसके लिए हाल ही में शोधकर्ताओं ने घर में प्रारंभिक जांच का तरीका बताया है। घर पर आपको यदि दो चीजों की गंध नहीं महसूस हो रही तो आप कोरोना जांच करा सकते हैं। 

कोरोना के लक्षणों के बारे में लोग जानते ही हैं। अगर कोई लक्षण महसूस होता है तो आप जांच कराने के लिए जाते हैं। इन्हीं लक्षणों में है- गंध का पता नहीं चल पाना। लेकिन सवाल यह है कि कोरोना संक्रमण के बाद स्वाद और गंध नहीं पता चलने पर कैसा महसूस होता है। क्या संक्रमित व्यक्ति किसी भी तरह के गंध को महसूस नहीं कर पाता?

शोधकर्ताओं का मानना है कि कोरोना के साथ एनोस्मिया यानी गंध महसूस करने में कमी संक्रमण की प्रारंभिक चेतावनी है। नेशनल एग्री-फूड बायोटेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट मोहाली और पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़ के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में पाया है कि कोरोना संक्रमण के बाद मरीज कुछ ही तरह की गंध और स्वाद को महसूस नहीं कर पाते हैं। 

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, शोधकर्ताओं ने गंध और स्वाद को लेकर अधिकतर भारतीय घरों में पाई जाने वाली पांच अलग-अलग प्रकार की चीजों से आने वाली सुगंध का उपयोग किया। एक ऑनलाइन सर्वेक्षण के आधार पर इन पांच सुगंधों को चुना गया था। इस अध्ययन में 100 व्यक्तियों को शामिल किया गया। सभी को वैसी चीजों को चुनने के लिए कहा गया था, जिन्हें गंध के आधार पर वे सबसे आसानी से पहचान सकते हैं। इनमें लहसुन, पुदीना, इलायची, नारियल तेल और सौंफ जैसी चीजें शामिल थी।

पूरी तरह खत्म नहीं होती सूंघने की क्षमता

शोधकर्ताओं ने अध्ययन के दौरान पाया कि जो लोग कोरोना से संक्रमित होते हैं, उनकी गंध महसूस करने की क्षमता कम तो होती है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं होती। अध्ययन के अनुसार, केवल 4.1 फीसदी प्रतिभागी निर्धारित पांच चीजों के गंधों में से किसी को भी पहचानने में असमर्थ थे। उनमें से 38.8 फीसदी कम से कम एक गंध को पहचानने में असमर्थ थे।

दो गंध का पता नहीं चलता

अध्ययन के बाद शोधकर्ताओं ने पाया कि कोरोना के मरीज दो चीज की गंध का पता लगाने में असमर्थ थे। इनमें नारियल तेल और पुदीना शामिल है। शोधकर्ताओं का मानना है कि कोरोना का संदेह होने पर जिन लोगों को नारियल तेल और पुदीना की गंध महसूस नहीं हो रही है, उन्हें कोरोना की लैब जांच करा लेनी चाहिए। टीम का मानना है कि इसके आधार पर कोरोना मरीजों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। 

शोधकर्ताओं का मानना है कि इस पद्धति का उपयोग घर पर भी किया जा सकता है। हालांकि गंध नहीं महसूस होने के और भी कारण हो सकते हैं। जैसे सर्दी होने पर नाक जाम की स्थिति में भी गंध महसूस नहीं होती है। इसलिए पुदीना और नारियल तेल की गंध न महसूस होने का यही मतलब नहीं कि आपको कोरोना ही हो, बल्कि यह एक प्रारंभिक इशारा है कि आपको कोरोना की जांच करा लेनी चाहिए। 

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