पौराणिक समय से ही पीपल के पेड़ को बेहद पवित्र माना गया है। पीपल के पेड़ को देव वृक्ष भी कहा जाता है। मान्यता है कि पीपल के पेड़ में त्रिदेव यानी जड़ में ब्रह्मा, तने में विष्णु और ऊपर के भाग में भगवान शिव का वास होता है। हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ की पूजा करना काफी शुभ माना गया है। पीपल के पेड़ की पूजा करने से व्यक्ति को जीवन में सभी बाधाओं से मुक्ति मिलती है। वहीं पीपल के पेड़ के अलावा इसके पत्ते भी काफी चमत्कारी होते हैं। ज्योतिष के अनुसार, पीपल के पत्ते से जुड़े कुछ खास उपायों को करने से व्यक्ति के जीवन से दुर्भाग्य दूर हो जाते हैं। आज हम आपको पीपल के पत्ते से जुड़े कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताएंगे, जिन्हें करने से न सिर्फ दोषों से मुक्ति मिलती है बल्कि जीवन में खुशियां भी आती हैं। चलिए जानते हैं इसके उपायों के बारे में…

पीपल के 11 पत्तों से करें ये उपाय

सभी कार्यों में सफलता पाने के लिए पीपल के 11 पत्ते लें और उसे साफ पानी से धो लें। पत्ता कहीं से टूटा-फूटा नहीं होना चाहिए। अब इन पत्तों पर कुमकुम, अष्टगंध या चंदन मिलाकर श्री राम का नाम लिखें। नाम लिखते समय हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें। फिर इन पत्तों की एक माला बना लें और हनुमान मंदिर में हनुमान जी को अर्पित कर दें।

मंगलवार या शनिवार के दिन करें ये उपाय

मंगलवार या शनिवार के दिन पीपल के पेड़ से एक पत्ता तोड़ कर गंगाजल से धो लें। इसके बाद हल्दी और दही से उसके ऊपर अनामिका उंगली की मदद से “हीं” लिखें और इसे दीप दिखा कर पर्स में रख लें। इस विधि को हर शनिवार दोहराने से धन से जुड़ी समस्या दूर होती है। ध्यान रहे कि पुराने पत्तों को किसी पवित्र स्थान पर छोड़ दें।

शिवलिंग की पूजा करें

धार्मिक मान्यता है कि पीपल के पेड़ के नीचे शिवलिंग स्थापित करना विशेष फलदाई होता है। मान्यता है है कि पीपल के पेड़ के नीचे बने शिवलिंग की जो भी व्यक्ति नियमित रूप से पूजा करता है उसके जीवन की सभी समस्याएं समाप्त होती हैं।

शनिवार के दिन करें ये उपाय

शनिवार के दिन पीपल के पेड़ को जल अर्पित करना चाहिए और सरसों के तेल का दीपक जलना चाहिए। ऐसा करने से शनि की दशा समाप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

पितृ दोष से बचने के लिए करें ये उपाय

यदि पितृ दोष से परेशान हैं और निजात पाना चाहते हैं तो प्रतिदिन पीपल के पेड़ में जल अर्पित करें। मान्यता है कि इस तरीके से पितृ दोष समाप्त होता है और शनि दोषों से भी मुक्ति मिल जाती है।

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