Jewar Airport : एक साथ उड़ान भर सकेंगे 178 विमान,जानें दुनिया के चौथे सबसे बड़े एयरपोर्ट की खासियत….

Jewar Airport

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लखनऊ Jewar Airport – प्रधानमंत्री मोदी आज उत्तर प्रदेश के पांचवें और दुनिया के चौथे सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का शिलान्यास करेंगे। यह विशाल एयरपोर्ट नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) में तैयार होने वाला है।आइए जानते हैं कैसे होगा ये विशाल जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) में इसमें क्या क्या खासियत होगी

सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला राज्य होगा उत्तर प्रदेश

जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) के तैयार होने के साथ ही उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला राज्य बन जाएगा। फिलहाल तमिलनाडु और केरल ही 4-4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं। उत्तर प्रदेश में साल 2012 तक सिर्फ दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे थे, लेकिन इसी साल 20 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शुरू का उद्घाटन किया, फिर उसके बाद अयोध्या में भी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तैयार हो रहा है। जेवर एयर पोर्ट के बारे में बताया जा रहा है कि यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा।

29 हजार 650 करोड़ रुपए की लागत से तैयार

Noida International Airport के निर्माण का कार्य यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) को सौंपा गया है। साथ ही इसे विकसित करने की जिम्मेदारी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल को दी गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने फरवरी 2021 में इस एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 2,000 करोड़ रुपए के बजट का ऐलान किया था। जबकि इस एयरपोर्ट को तैयार होने में करीब 29 हजार 650 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

एक साथ उड़ान भर सकेंगे 178 विमान

जेवर एयरपोर्ट का निर्माण 5,845 हेक्टेयर जमीन पर हो रहा है। इस एयरपोर्ट की विशेषता यह है कि यहां के एक साथ करीब 178 विमान उड़ान भर सकेंगे। जेवर एयरपोर्ट के लिए पहले चरण में 1334 हेक्टेयर जमीन पर निर्माण कार्य होगा। एयरपोर्ट का निर्माण कार्य चार चरणों में पूरा होगा।

जेवर एयरपोर्ट पर होंगे 5 रनवे

जेवर एयरपोर्ट पर कुल 5 रनवे विकसित किए जाएंगे। शुरुआत में इस एयरपोर्ट से हर साल लगभग 1 करोड़ 20 लाख यात्री हवाई उड़ान भरेंगे। ऐसा अनुमान जताया गया है कि पहले ही साल यहां करीब 40 लाख यात्रियों की आवाजाही हो सकती है। जेवर एयरपोर्ट के सितंबर 2024 में शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। दिल्‍ली के इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से जेवर एयरपोर्ट की दूरी करीब 70 किलोमीटर है। ऐसे में दिल्‍ली एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक को कम करने के लिए जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) काफी मददगार साबित हो सकता है।

जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) बनने के बाद उत्तर प्रदेश में बढ़ेगा निवेश

उत्तर प्रदेश मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने दावा किया है कि पहले चरण में लगभग 10,000 करोड़ रुपए का निवेश आने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) बनने से नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा समेत पूरे जिले में करीब 34 से 35 हजार करोड़ रुपए का निवेश होने से रोजगार मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी। इन जिलों में नौकरियों के बंपर अवसर मिलेंगे।

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